सम्मान ही नहीं सीरीज बचाने का भारत के पास अंतिम मौका
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वर्ल्ड चैंपियन भारत को पांच मैचों की सीरीज में बने रहने के लिए के तीसरे मैच में जीत हासिल करना ही होगा। भारत नेपियर में खेला गया पहला वनडे 24 रन से और हैमिल्टन में दूसरा वनडे डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर 15 रनों से हार गया था।
हालांकि दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड के स्कोर से ज्यादा रन बनाए थे लेकिन डी/एल नियम से भारत को कीवी टीम के स्कोर से ज्यादा रन बनाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था।
सलामी जोड़ी से है टीम इंडिया को बड़ी आस
भारत को सीरीज के पहले दो मैचों में हार मिली और उसमें सलामी जोड़ी असफल रही थी। किसी भी टीम को जीत के लिए शानदार शुरुआत की जरूरत होती है। लेकिन शिखर धवन और रोहित शर्मा कोई कमाल नहीं कर पा रहे हैं।
दोनों ही बल्लेबाज न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर खेलने में खासा संघर्ष कर रहे हैं। रोहित शर्मा और धवन अभी अपने पुराने लय में नहीं लौट पाए हैं और उनकी फॉर्म में वापसी से टीम मैच में कीवी टीम पर पलटवार कर सकती है।
हालांकि उपकप्तान विराट कोहली और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दो ऐसे बल्लेबाज हैं जो शानदार फॉर्म में हैं। पिछले दोनों ही मुकाबलों में कोहली और धोनी ने अकेले दम पर मैच बचाने का प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हूए।
शॉर्ट बॉल को फिर हथियार बनाएंगे कीवी गेंदबाज
ऑकलैंड के ईडन पार्क में होने वाले तीसरे वनडे की पिच की बात करें तो यहां एक बार फिर गेंदबाजों को फायदा मिलता दिख रहा है। यहां की पिचें तेज और उछाल भरी हैं और यहां पर शॉर्ट बाल के जरिए कीवी गेंदबाज टीम इंडिया के बल्लेबाजों को फिर ढेर करने का मंसूबा बना रहे हैं।
पिछले मैच में चार विकेट लेने वाले टिम साउदी ने भारत को पहले ही चेता दिया है। साउदी ने कहा था कि उनकी टीम अगले मैच में भी शॉर्ट बाल के जरिये भारतीय बल्लेबाजों को काबू में करेगी। साउदी ने ऑकलैंड की पिच पर मौजूद उछाल को भी अपने लिए फायदेमंद बताया है। ऐसे में साफ है कि भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह मैच भी चुनौतीभरा होगा।
गेंदबाजी में करना होगा बदलाव
तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने भी दूसरे वनडे से लय में वापसी कर ली है। लेकिन इनके अलावा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और ऑफ स्पिनर आर अश्विन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
कप्तान धोनी ने दूसरे वनडे में हार के बाद टीम में बदलाव की बात कही थी। इस लिहाज से वरुण ऐरोन और ईश्वर पांडे जैसे तेज गेंदबाजों को भी मौका मिल सकता है।
वनडे रैंकिंग के लिए जद्दोजहद जारी
भारत ने लगातार दो वनडे हारकर अपनी नंबर वन रैंकिंग ऑस्ट्रेलिया को गंवा दी हैं लेकिन उसके पास अब भी शीर्ष पर लौटने का मौका है। भारत जहां न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज खेल रहा है।
वहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड की मेजबानी कर रही है। यदि ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को पर्थ में इंग्लैंड के खिलाफ चौथा वनडे हार जाता है तो भारत के पास फिर से नंबर वन बनने का मौका रहेगा।
वनडे रैंकिंग में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मात्र एक रेटिंग अंक का फासला है। ऑस्ट्रेलिया के 118 और भारत के 117 रेटिंग अंक हैं।
यदि ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को हार जाता है, तो भारत का चोटी पर बने रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि टीम इंडिया शनिवार को ऑकलैंड में तीसरे वनडे में कैसा प्रदर्शन करती है।
यदि भारत इस वनडे को जीतता है तो वह न केवल सीरीज को रोमांचक बनाएगा बल्कि धोनी एंड कंपनी चोटी पर भी बनी रहेगी। भारत ने धोनी की कप्तानी में जनवरी 2013 में इंग्लैंड को अपदस्थ कर नंबर एक स्थान हासिल किया था। ऑस्ट्रेलिया इससे पहले सितंबर 2009 से अगस्त 2012 तक नंबर एक रहा था।
'नंबर थ्री पर बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहा'
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज केन विलियम्सन का कहना है कि वह भारत के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में नंबर थ्री पर बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहा हूं। साथ ही उनकी निगाहें क्रिकेट के तीनों संस्करणों में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है।
विलियम्सन को भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया था। यह मैच भारत को डकवर्थ-लुईस नियम से 15 रन से गंवाना पड़ा था। बकौल विलियम्सन, "मैं गेम का लुत्फ उठा रहा हूं और बल्लेबाजी क्रम अहम है, जहां पर मैं साथी खिलाड़ियों के साथ रन बनाने में कामयाब रहा। मैं अपनी भूमिका लुत्फ उठा रहा हूं और उम्मीद है कि हम कर सकते हैं।"
नेपियर वनडे में विलियम्सन ने 71 रन की पारी खेली थी और साथ ही रोस टेलर के साथ तीसरे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी की थी। वहीं दूसरे वनडे में उन्होंने 77 रन बनाए थे और टेलर के साथ ही 60 रन की साझेदारी निभाई थी।