धोनी ने कराई छीछालेदर, 46 साल बाद मिली यहां हार
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न्यूजीलैंड के भारत के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन में उनके तेज गेंदबाजों का अहम योगदान रहा है। किवी टीम की तेज गेंदबाजी की नई फौज ने वनडे सीरीज के बाद टेस्ट सीरीज के पहले मैच में भी टीम इंडिया को धूल चटा दिया।
तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन इस मैच में भी इस कदर लाजवाब रहा कि ऑकलैंड टेस्ट के सभी 20 विकेट झटक लिए। न्यूजीलैंड को टेस्ट क्रिकेट में बहुत बेहतरीन टीम नहीं माना जाता है, लेकिन उनके गेंदबाजों को क्रिकेट में खासी अहमियत मिलती है। एक टेस्ट मैच में सभी 20 विकेट लेने का कारनामा न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने टेस्ट इतिहास में 12वीं बार किया है।
पिछले कुछ समय से किवी टीम की तेज गेंदबाजी विभाग ने जबर्दस्त खेल दिखाया है। पेसरों ने पिछले तीन मैचों में दूसरी बार एक टेस्ट मैच में सभी 20 विकेट झटकने का कारनामा कर दिखाया है। साथ ही पिछले तीन मैचों में 60 में से 59 विकेट पेसरों ने झटके हैं।
चौथी पारी में भारत की सातवीं बेस्ट पारी
भारत भले ही यह मैच हार गया हो, लेकिन उसके लिए कुछ राहत की बात यह है कि उसके बल्लेबाजों ने विदेशी धरती पर एक टेस्ट मैच की चौथी पारी में भी तीन सौ का स्कोर पार करा दिया।
धोनी की टीम इंडिया ने चौथी पारी में 366 रन बनाए जो टेस्ट मैच की चौथी पारी में भारत का सातवां बेस्ट प्रदर्शन है। भारत के लिए हार की लिहाज से यह चौथी सबसे बड़ी पारी भी है।
भारत ने 1978 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड टेस्ट की चौथी पारी में 445 रन बनाए थे फिर भी उसे हार मिली। यह भारत की ओर से चौथी पारी में बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है जिसमें उसे हार मिली।
गावस्कर के बाद शिखर धवन
शिखर धवन इस दौरे में अब तक पूरी तरह से नाकाम रहे हैं, लेकिन पहले टेस्ट की दूसरी पारी में जोरदार अंदाज में बल्लेबाजी कर टीम की उम्मीद को बनाए रखा था। हालांकि उन्हें दूसरे छोर से उपयोगी साथ नहीं मिला और टीम को हार का मुंह देखना पड़ा।
बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन ने सुनील गावस्कर के बाद विदेशी धरती पर चौथी पारी में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि गावस्कर ने विदेशी धरती पर चार शतक लगाए हैं। उन्होंने चौथी पारी में शतक बारबाडोस, पोर्ट ऑफ स्पेन, ब्रिसबेन और द ओवल के मैदान पर लगाए हैं।
इसके अलावा शिखर धवन भारत के ऐसे चौथे ओपनर बन गए हैं जिन्होंने चौथी पारी में शतक लगाने का कारनामा किया है। इससे पहले मुश्ताक अली, सुनील गावस्कर और वसीम जाफर ही ऐसा कर सके हैं। धवन की यह पारी चौथी पारी में भारत की ओर से नौंवीं सबसे बड़ी पारी भी साबित हुई।
ऑकलैंड 38 साल बाद मिली पहली हार
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ऑकलैंड में मिली 40 रनों से हार के बाद न सिर्फ विदेशी धरती पर भारत के सबसे असफल कप्तान बन गए, बल्कि अपनी टीम के इस मैदान पर अजेय रिकॉर्ड को भी बनाए रखने में नाकाम साबित हुए हैं।
न्यूजीलैंड की धरती पर टीम इंडिया ने अब तक जो पांच टेस्ट जीते हैं उनमें से दो बार उसे इसी मैदान पर जीत नसीब हुई थी। टीम इंडिया ने इस मैच से पहले ऑकलैंड के ईडन पार्क में चार टेस्ट खेले जिनमें से दो जीते हैं जबकि दो ड्रॉ रहे।
लेकिन ऑकलैंड में हार के बाद भारत ने विदेशी धरती इस अजेय किले को भी गंवा दिया। टीम इंडिया ने 1968 में मेजबान न्यूजीलैंड को 272 रन से और 1976 में आठ विकेट से हराया। 1981 और 1990 में इसी मैदान पर खेले गए दो टेस्ट ड्रॉ रहे थे। दोनों टीमें 24 साल बाद एक बार फिर मैदान में आमने-सामने थी लेकिन इस बार बाजी मेजबान टीम ने मार ली और भारत को लगभग 38 साल बाद हार का मुंह देखना पड़ा।
12 साल बाद न्यूजीलैंड को मिली पहली जीत
इन 10 जीत में किवी टीम ने अपनी धरती पर आठ औ भारत की सरजमीं पर दो मुकाबले जीते हैं। जबकि 25 मैच बराबरी पर खत्म हुए। एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है इस कारण न्यूजीलैंड को टेस्ट मैच में भारत पर पहली जीत के लिए 12 साल का इंतजार करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 2002 के बाद पहली बार हराया है।
जहां तक भारत का सवाल है उसे 2011 में किंगस्टन में वेस्ट इंडीज को 63 रन से हराने के बाद विदेशी धरती पर अपनी पहली जीत का इंतजार आज भी है। भारत विदेश में खेले अपने पिछले 13 मैचों से एक भी मैच नहीं जीत सका है।
साल 2014 में पहली जीत का इंतजार अब भी
वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया का नए साल में पहली जीत का इंतजार आज भी है। भारत इस साल एक भी जीत हासिल नहीं कर सका है। नए साल में भारत न्यूजीलैंड के दौरे पर है और उसे अब तक छह में से पांच में हार का सामना करना पड़ा है। जबकि एक मैच टाई रहा था।
भारत के लिए यह साल बेहद खराब रहा है। वनडे सीरीज में धोनी की कप्तानी में पहली बार सीरीज 4-0 से गंवाने के साथ ही भारत ने नंबर वन की रैंकिंग भी गंवा दिया।