श्रीलंका को हरा दिया तो दुर्लभ इतिहास रच देगा भारत
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भारत को खिताब जीतने के लिए बस एक और जीत की दरकार है और अब उसके सामने चुनौती है श्रीलंका की। भारत और श्रीलंका के बीच रविवार को ढाका में फाइनल मुकाबला खेला जाना है।
2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया दूसरी बार इतिहास दोहराने के बेहद करीब पहुंच गई है। मजेदार बात यह है कि भारत ने टूर्नामेंट में खेले अपने सभी पांचों मैचों में जीत हासिल की है।
जीते तो इतिहास रच देगी धोनी की टीम
सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका जैसी मजूबत चुनौती से पार पाने वाली टीम इंडिया को अब खिताब का प्रवल दावेदार माना जा रहा है।
टीम इंडिया इस समय जिस विजयी रथ पर सवार है उसे मंजिल तक पहुंचाने के लिए धोनी के धुरंधरों को बस एक जीत और का इंतजार है। भारत अगर यह टूर्नामेंट जीत जाता है तो क्रिकेट में अनोखा इतिहास होगा। वह एक साथ आईसीसी के तीन बड़े टूर्नामेंट जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। इस समय टीम इडिया वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी चैंपियन है।
हालांकि भारत की अगली चुनौती आसान नहीं है और श्रीलंका के चक्रव्यूह को भेदना भारत के लिए उतना भी आसान नहीं होगा। श्रीलंका ने बारिश से बाधित पहले सेमीफाइनल मैच में डकवर्थ-लुइस के आधार पर वेस्टइंडीज को हराया था।
'फाइनल फोबिया' से त्रस्त है श्रीलंका
पिछली बार की उपविजेता रही श्रीलंकाई टीम इस टूर्नामेंट में तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2009 और वर्ष 2012 में भी वह टूर्नामेंट की रनरअप रह चुकी है।
लेकिन वह दोनों बार खिताब जीतने से चूक गई और यदि तीसरी बार भी उसका यही हश्र होता है तो उस पर 'फाइनल फोबिया' का दाग और पुख्ता हो जाएगा। दो टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल हारने के अलावा श्रीलंका ने दो वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मैच भी गंवाया था।
बेहद मजबूत है टीम इंडिया की बल्लेबाजी की धार
भारतीय आक्रमण की धार विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा, और युवराज सिंह के हाथों में हैं। लगातार बेजोड़ प्रदर्शन कर रहे कोहली टीम के बल्लेबाजी क्रम की अहम कड़ी बने हुए हैं। उन्होंने जारी टूर्नामेंट में अभी तक सर्वाधिक 242 रनों का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
बल्लेबाजी विभाग में कोहली के अलावा युवराज सिंह, सुरेश रैना, रोहित शर्मा और कप्तान धोनी पर खासा दारोमदार होगा। इनके अलावा अंजिक्य रहाणे भी अपना अहम योगदान देने में सक्षम हैं।
अश्विन और अमित के भरोसे फिर से टीम इंडिया
जहां गेंदबाजी विभाग की बात है तो मीरपुर की पिच ने भारतीय गेंदबाजों के लिए काफी सहयोग दिया है। इस मैदान पर फिरकी गेंदबाजों का बोलबाला रहा है और ऐसे में दो-दो बार मैन ऑफ द मैच बन चुके रविचंद्रन अश्विन और अमित मिश्रा भारतीय गेंदबाजी की सबसे मजबूत जोड़ बन चुके हैं।
अश्विन ने टूर्नामेंट में खेले 5 मैचों में 10 विकेट झटके हैं, जबकि अमित मिश्रा ने इतने ही मैच से नौ विकेट झटके। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में अमित खासे खर्चीले साबित हुए और एक भी विकेट नहीं झटक सके थे। लेकिन इस निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद उनसे फाइनल में बेहतरीन गेंदबाजी की आस है।
आलराउंडर रवींद्र जडेजा (5 विकेट) भी भारतीय गेंदबाजी में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जबकि तेज गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार भी तुरुप का पत्ता बन सकते हैं।
मलिंगा-हेराथ बन सकते हैं भारत के लिए चुनौती
टीम इंडिया की ही तरह श्रीलंका का भी प्रदर्शन टूर्नामेंट में लाजवाब रहा है। श्रीलंकाई टीम महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के भरोसे है।
जहां तक ओवरआल टी-20 वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड की बात है सर्वाधिक रन और सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड श्रीलंकाई खिलाड़ियों के नाम दर्ज है। सर्वाधिक रन बनाने वालों में जयवर्धने (992) शीर्ष पर हैं जबकि सर्वाधिक विकेट (38 विकेट) का रिकॉर्ड लसित मलिंगा के नाम है। बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान, लाहिरू थिरिमने और एंजेलो मैथ्यूज भी अपनी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
दूसरी ओर, गेंदबाजों में कप्तान लसित मलिंगा के अलावा सचित्रा सेनानायके, नुवान कुलसेकरा और रंगना हेराथ भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सक्षम हैं।