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पहलवान ने किया ऐसा काम, जानकर दंग रह जाएंगे!

Sat, 01 Feb 2014 01:54 PM IST
योगेश नारायण दीक्षित
योगेश नारायण दीक्षित Updated Sat, 01 Feb 2014 01:54 PM IST
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sushil return 3 acre land to haryana govt

ओलंपिक में देश को दो पदक दिलाने वाले पहलवान सुशील कुमार ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसे आप सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे। आज जब जमीन के एक टुकड़े पर कब्जे के लिए बड़े-बड़े लोगों की नीयत डोल जाती है, उस दौर में ओलंपिक खेलों में लगातार दो बार पदक जीतने वाले सुशील ने सबके सामने एक अनोखी मिसाल पेश की है।

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सुशील कुमार ने कुश्ती अकादमी खोलने के लिए हरियाणा सरकार से मिली बेशकीमती जमीन का कुछ हिस्सा वापस लेने का अनुरोध किया है।

देश के सबसे चहेते पहलवान सुशील ने हरियाणा सरकार से मिली तीन एकड़ अतिरिक्त जमीन दूसरे खेल को बढ़ाने के आग्रह के साथ लौटा दिया है। दरअसल सुशील कुमार ने जब लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था, तभी हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनको सम्मानित करने के साथ प्रदेश की प्रतिभाओं को तराशने के लिए मदद मांगी थी। सुशील ने हरियाणा में कुश्ती अकादमी खोलने की इच्छा जताई थी।

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सरकार को लौटा दी तीन एकड़ जमीन

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पिछले साल 18 दिसंबर को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पहलवान सुशील कुमार फाउंडेशन को मोती लाल नेहरू खेल विद्यालय, राई (सोनीपत) में आठ एकड़ जमीन आवंटित की गई थी।

सुशील कुमार ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि अच्छी कुश्ती अकादमी तो पांच एकड़ में ही बन सकती है। ऐसे में उन्होंने खुद मुख्यमंत्री हुड्डा से मिलकर आठ की जगह पांच एकड़ जमीन ही देने का आग्रह किया।

इसके बाद बीते बुधवार को मंत्रिमंडल ने तीन एकड़ जमीन सुशील कुमार फाउंडेशन से वापस लेकर ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता विजेंदर कुमार को मुक्केबाजी का स्कूल खोलने के लिए देने का फैसला किया।

'पैसा कमाने के लिए नहीं खोल रहा अकादमी'

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पद्मश्री सुशील कुमार का कहना है कि उनका मकसद प्रतिभाशाली पहलवानों को तरासना है न कि पैसा कमाना। उन्होंने कहा, "देश में पहलवानों की नई पौध तैयार करने के लिए राई में विश्वस्तरीय अकादमी खोलने जा रहा हूं। उसके लिए पांच एकड़ जमीन बहुत है। मैं बिजनेसमैन तो हूं नहीं जिसे ज्यादा जमीन लेकर कारोबार फैलाना है। मैं तो खिलाड़ी हूं और वही बने रहना चाहता हूं।"

सुशील ने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2012 में लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इ‌तिहास रच दिया था। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले देश के एकमात्र खिलाड़ी हैं।

सुशील को 35 हजार रुपए प्रति एकड़ की हिसाब से हर साल सरकार को भुगतान करना होगा। इस अकादमी में 50 फीसदी सीट स्‍थानीय खिलाड़ियों के ‌लिए रिजर्व रहेंगी।

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