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टी-20 वर्ल्ड कप से मिली सुरेश रैना को 'संजीवनी'
सुरेंद्र कुमार वर्मा/टीम डिजिटल, दिल्ली
Updated Wed, 26 Mar 2014 11:11 AM IST
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सुरेश रैना और युवराज सिंह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें उनका पुराना रिकॉर्ड देखते हुए ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था।
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दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और तेज बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। कभी दोनों बल्लेबाज क्रिकेट में वनडे और टी-20 के लिए टीम इंडिया के खासमखास थे लेकिन टीम की हार के साथ-साथ दोनों का ही फॉर्म गिरता गया और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
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यह टी-20 वर्ल्ड कप ही है जिसने सुरेश रैना तथा युवराज को फिर से टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका दिया। इसमें रैना ने बाजी मार ली और एक फिर बार टीम में जीत के लिए योगदान देने लगे हैं।
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पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में दिखाया दम
सुरेश रैना को पिछले साल खराब फॉर्म के कारण टीम इंडिया से निकाल दिया गया लेकिन इस बार टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से जोरदार वापसी करते हुए टीम को जीत दिलाई।
पिछले तीन टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही टीम इंडिया के लिए इस बार शुरुआती चुनौती ही कड़ी थी। पहला मैच पाकिस्तान से था और भारत इस मैच में 131 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा था।
रैना जब बल्लेबाजी करने आए तो उस समय भारत ने 65 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। विराट कोहली के साथ रैना ने पारी को आगे बढ़ाते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रैना ने 28 गेंदों में नाबाद 35 रन (4 चौका और 1 छक्का) बनाए। मैच में विजयी शॉट लगाने वाले रैना ने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए अविजित 66 रनों की साझेदारी की। यह जीत इस लिहाज से भी बेहद खास था क्योंकि भारत की यह इस साल की पहली बड़ी जीत थी।
पिछले तीन टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही टीम इंडिया के लिए इस बार शुरुआती चुनौती ही कड़ी थी। पहला मैच पाकिस्तान से था और भारत इस मैच में 131 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा था।
रैना जब बल्लेबाजी करने आए तो उस समय भारत ने 65 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। विराट कोहली के साथ रैना ने पारी को आगे बढ़ाते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रैना ने 28 गेंदों में नाबाद 35 रन (4 चौका और 1 छक्का) बनाए। मैच में विजयी शॉट लगाने वाले रैना ने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए अविजित 66 रनों की साझेदारी की। यह जीत इस लिहाज से भी बेहद खास था क्योंकि भारत की यह इस साल की पहली बड़ी जीत थी।
दोनों ही मैच में खेला विजयी शॉट
फॉर्म में वापसी का संकेत दे चुके सुरेश रैना को दूसरे मैच में वर्ल्ड चैंपियन वेस्ट इंडीज के खिलाफ पिछली पारी से भी बड़ी पारी खेलने की आस थी लेकिन इस मैच में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला।
वह जब क्रीज पर आए उस समय भारत जीत से महज एक रन दूर था। भारत इस मैच में आसानी से जीत की ओर बढ़ रहा था लेकिन विराट कोहली के आउट होने के बाद युवराज सिंह के अंतिम ओवर में आउट हो जाने से टीम पर दबाव बढ़ गया।
ऐसे में जब सुरेश रैना आए तो आते ही पहली ही गेंद पर विजयी शॉट खेलकर टीम इंडिया को दूसरी जीत दिला दी। दोनों ही मैच में विजयी शॉट रैना के बल्ले से ही निकली थी।
वह जब क्रीज पर आए उस समय भारत जीत से महज एक रन दूर था। भारत इस मैच में आसानी से जीत की ओर बढ़ रहा था लेकिन विराट कोहली के आउट होने के बाद युवराज सिंह के अंतिम ओवर में आउट हो जाने से टीम पर दबाव बढ़ गया।
ऐसे में जब सुरेश रैना आए तो आते ही पहली ही गेंद पर विजयी शॉट खेलकर टीम इंडिया को दूसरी जीत दिला दी। दोनों ही मैच में विजयी शॉट रैना के बल्ले से ही निकली थी।
20-20 ओवर के मैच में बेहद काबिल हैं रैना
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि टीम इंडिया के मध्यक्रम बल्लेबाज सुरेश रैना की क्षमता पर बतौर टी-20 बल्लेबाज सवाल नहीं खड़े किए जा सकते हैं।
गांगुली ने साथ ही कहा कि मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप की सफलता से आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए रैना का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, "मुझे रैना की प्रतिभा और काबिलियत पर कभी शक नहीं रहा। उसने क्रिकेट के छोटे प्रारूप में हमेशा बढ़िया किया है। वह टी-20 का बेहतरीन बल्लेबाज है और किसी भी विपक्षी के लिए खतरा बन सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप का फार्म आगे बड़े टूर्नामेंटों में भी बरकरार रखेगा।"
गांगुली ने साथ ही कहा कि मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप की सफलता से आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए रैना का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, "मुझे रैना की प्रतिभा और काबिलियत पर कभी शक नहीं रहा। उसने क्रिकेट के छोटे प्रारूप में हमेशा बढ़िया किया है। वह टी-20 का बेहतरीन बल्लेबाज है और किसी भी विपक्षी के लिए खतरा बन सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप का फार्म आगे बड़े टूर्नामेंटों में भी बरकरार रखेगा।"