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BCCI को कोर्ट से फिर झटका, मुद्गल समिति जारी रखेगी जांच

Tue, 22 Apr 2014 06:00 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Apr 2014 06:00 PM IST
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supreme court to continue investigation by Mudgal committee
आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में बीसीसीआई की समस्या का अंत होने का नाम नहीं ले रहा है।
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देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बीसीसीआई को जोर का झटका देते हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच के लिए उसकी ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच पैनल को ही खारिज कर दिया। बोर्ड ने समिति में पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के अलावा सीबीआई के पूर्व प्रमुख आर राघवन और कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व प्रमुख न्यायाधीश जेएन पटेल के नाम प्रस्तावित किए थे।

कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए बीसीसीआई की ओर से सुझाए गए तीन सदस्यीय पैनल को खारिज करने के साथ ही जस्टिस मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता वाली समिति को इस मामले में आगे की जांच जारी रखने का आदेश भी दे दिया।
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मुद्गल समिति जारी रखेगी अपनी जांच

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सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से एक तीन सदस्यीय पैनल गठित करने के लिए कहा था जो मुद्गल समिति की रिपोर्ट की जांच कर सके।

आज सुप्रीम कोर्ट ने मुद्गल समिति को आगे की जांच का जिम्मा सौंप दिया। साथ ही इस समिति से कहा है कि वह बताए कि उन्हें इसमें मदद के लिए किन-किन जांच एजेंसियों की जरूरत पड़ेगी।

मुद्गल समिति की आगे की जांच का दायरा उन 13 लोगों तक सीमित रहेगा जिनके नाम समिति के फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे गए सीलबंद लिफाफे में थे। इन नामों में एक नाम बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का भी है जो फिलहाल अध्यक्ष पद के कामकाज से अलग कर दिए गए हैं।

पवार को न्यायमूर्ति पटेल के नाम पर थी आपत्ति

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इससे पहले बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार चाहते हैं कि आईपीएल भ्रष्टाचार प्रकरण की जांच के लिए बोर्ड द्वारा गठित 3 सदस्यीय जांच पैनल के सदस्य न्यायमूर्ति जेएन पटेल बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष शिवलाल यादव के साथ अपने कथित संबंधों पर स्थिति साफ करें।

पवार ने हितों के टकराव का हवाला देकर जांच समिति में पूर्व भारतीय कप्तान रवि शास्त्री की मौजूदगी का भी विरोध किया था।

पवार ने कहा, "मुझे लगता है कि पटेल को निश्चित तौर पर खुलासा करना चाहिए कि वह बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष शिवलाल यादव के रिश्तेदार हैं या नहीं। अगर ऐसा नहीं है तो बीसीसीआई को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और इस तरह की चर्चा नहीं होने देनी चाहिए।"

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रविवार को BCCI ने तय किए थे नाम

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कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पटेल, शास्‍त्री और सीबीआई के पूर्व निदेशक आरके राघवन के नाम को रविवार को मुंबई में कार्यसमिति की आपात बैठक के दौरान बोर्ड सदस्यों ने स्वीकृति दी थी।

इनके नाम स्वीकृति के लिए सुप्रीम कोर्ट को दिया गया जो आईपीएल प्रकरण की जांच कर रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।

पवार ने कहा, "मैं निजी तौर पर उन्हें (पटेल) को नहीं जानता लेकिन अगर यह खबर सही है तो मुझे लगता है कि खुलासा करना उनकी जिम्मेदारी है। सोमवार सुबह मुझे बीसीसीआई के किसी सदस्य ने फोन पर बताया कि जेएन पटेल नाम के न्यायाधीश हैं। मुझे पता है कि वह बेहद ईमानदार न्यायाधीश हैं। उन्होंने कई मुश्किल जिम्मेदारियां ली और काफी अच्छा काम किया।"
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