स्टेन की करिश्माई गेंदबाजी से मिली दक्षिण अफ्रीका को जीत
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यदि किसी टीम को एक ओवर में जीत के लिए सात रन चाहिए हो और पांच विकेट शेष हो तो उस टीम की जीत निश्चित लगती है लेकिन यदि सामने दुनिया का नंबर वन गेंदबाज डेल स्टेन हो तो हार भी जीत में तब्दील हो सकती है।
सोमवार को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच ग्रुप ‘ए’ के रोमांचक मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड टीम आठ विकेट पर 168 रन ही बना सकी।
कीवी टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ सात रन चाहिए थे। क्रीज पर रोस टेलर और रोंची मौजूद थे। जीत कीवी टीम से चंद कदम दूर थी लेकिन यहां से बाजी पलटी डेल स्टेन ने।
अंतिम ओवर ने बदल लिया पूरा रोमांच
पहली गेंद पर ल्युक रोंची (5) को पवेलियन भेजने के बाद स्टेन ने अगली दो गेंदों पर ब्रैंडन मैकुलम को एक भी रन नहीं लेने दिया।
चौथी गेंद पर मैकुलम ने चौका जड़ा लेकिन स्टेन ने बदला चुकता करते हुए पांचवीं गेंद पर मैकुलम को चलता कर दिया।
अब आखिरी गेंद पर न्यूजीलैंड को तीन रन चाहिए थे और स्ट्राइट रोटेट होने के कारण सामने रोस टेलर खड़े थे। स्टेडियम में बैठे सभी दर्शकों के दिल की धड़कने तेज होने लगी और रोमांच अपने चरम पर था। लेकिन स्टेन की इस निर्णायक गेंद से टेलर भी गच्चा खा गए और एक भी रन नहीं बना सके।
जीत से टूर्नामेंट में बची अफ्रीकी टीम की चुनौती
नतीजतन, दो रन से मिली इस रोमांचक जीत से जहां एक तरफ दक्षिण अफ्रीकी टीम जश्न में डूब गई वहीं, कीवी खेमे में सन्नाता पसर गया।
इस जीत के हीरो रहे डेल स्टेन ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर चार विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीका की यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि वह अपना पहला मैच श्रीलंका से हार चुकी थी।
यदि दक्षिण अफ्रीकी टीम यह मैच हार जाती तो उसके लिए सेमीफाइनल के रास्ते बंद हो जाते।
डुमिनी ने अन्य क्रिकेटरों से ज्यादा रन बनाए
दूसरी ओर, पहले मैच में इंग्लैंड को शिकस्त देने वाली न्यूजीलैंड की यह दूसरे मैच में पहली हार है। कीवी टीम के लिए रोस टेलर ने सर्वाधिक 37 गेंदों में चार चौकों और तीन छक्कों के साथ 62 रन की पारी खेली।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने ‘मैन ऑफ द मैच’ बने डेपी डुमिनी के शानदार अर्द्धशतक से छह विकेट पर 170 रन का स्कोर बनाया।
डुमिनी ने 43 गेंदों में 10 चौकों और तीन छक्कों के साथ 86 रन की धुआंधार पारी खेली। ओपनर हाशिम अमला ने भी 40 गेंदों में दो चौकों के साथ 41 रन बनाए। मजेदार बात यह रही डुमिनी ने टीम के अन्य खिलाड़ियों के बनाए स्कोर के योग से ज्यादा का स्कोर किया। अन्य खिलाड़ियों ने कुल 80 रन बनाए।