फिर भी IPL में कमाल कर गए युवराज सिंह
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आईपीएल के इतिहास में पहली बार दो देशों में टूर्नामेंट खेला गया था। पहला चरण यूएई के तीन शहरों में खेले जाने के बाद शेष मैच भारत में कराए गए।
टूर्नामेंट में हर बार की तरह इस बार भी कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। राजस्थान रॉयल्स के 42 वर्षीय फिरकी गेंदबाज प्रवीण तांबे इस सत्र में हैट्रिक बनाने वाले एकमात्र गेंदबाज रहे। उन्होंने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ हैट्रिक लेने का कारनामा किया तो 3 बल्लेबाजों ने शतक लगाए। दो शतक तो किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से लगे और वह भी टूर्नामेंट के अंतिम दो मैचों में।
अब शानदार मुकाबले के साथ आईपीएल 7 खत्म हो चुका है, लेकिन इस टूर्नामेंट में कई बड़े रोचक रिकॉर्ड भी सामने आए।
IPL में सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड!
सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को ऑरेंज कैप तो सबसे ज्यादा विकेट झटकने वाले गेंदबाज को पर्पल कैप दिया जाता है। लेकिन सबसे कम रन बनाने वाले बल्लेबाज को क्या दिया जाएगा।
आप जानते हैं कि यह रिकॉर्ड किस बल्लेबाज के नाम दर्ज है। ये हैं मोहित शर्मा जो चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट में महज एक रन बनाया और वह भी दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में पंजाब के खिलाफ। उन्होंने अब तक 38 टी-20 मैच खेले हैं। इस मैच से पहले उन्हें 3 बार ही बल्लेबाजी का मौका मिला और खाता नहीं खोल पाए थे।
जानिए, IPL के सबसे सफलतम क्रिकेटर को
लेकिन एक दूसरे पहलू से नजर डाली जाए तो उन्हें आईपीएल का सबसे सफलतम क्रिकेटर भी माना जाएगा। वह एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं जो तीन मौकों पर टूर्नामेंट जीतने वाली टीम के साथ रहे। 2008 में वह राजस्थान रॉयल्स की टीम से जुड़े थे और तब यही टीम चैंपियन बनी थी।
इसके बाद वह कोलकाता नाइराइडर्स से जुड़े जिसने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब पर कब्जा जमाया। इनके अलावा सिर्फ 6 क्रिकेटर ऐसे हैं जो कम से कम दो बार टूर्नामेंट जीतने वाली टीम के साथ रहे।
इसी बार बना रिकॉर्ड और इसी सत्र में टूट गया
इसके बाद प्रीति जिंटा की टीम ने लगातार आठ मैच जीतकर आईपीएल में जीत का नया रिकॉर्ड बनाया। हालांकि उनका यह रिकॉर्ड लंबे समय तक नहीं खींचा और इसी टूर्नामेंट में यह टूट गया।
गौतम गंभीर की अगुवाई वाली कोलकाता नाइटराइडर्स टीम ने हार से शुरुआत करते हुए जबर्दस्त वापसी की और लगातार 9 मैच में जीत हासिल करते हुए न सिर्फ दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया बल्कि एक साथ सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया।
आउट ऑफ फॉर्म गेल भी बना गए रिकॉर्ड
लेकिन इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही उनके पास एक अनोखा रिकॉर्ड रचने का मौका था जिसे उन्होंने अपने पहले ही मैच में पूरा कर लिया।
आईपीएल 7 के शुरू होने से पूर्व टी-20 प्रारूप में सबसे पहले 6 हजार रन पूरा करने के लिए महज 8 रन की दरकार थी और उन्होंने पहली ही मैच में 20 रन बनाकर इस आंकड़े को छू लिया। गेल के बाद राजस्थान रॉयल्स के ब्रॉड हॉज ने भी टी-20 में 6 हजार रन पूरे कर लिए।
युवराज सिंह की एक पारी कमाल कर गई
आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बनकर उभरने वाले युवराज सिंह से उनकी नई टीम (रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर) को काफी उम्मीदें थीं। पहले मैच में अर्धशतक लगाकर उन्होंने इसे सही साबित भी किया लेकिन बाद में वह अपनी पारी कायम नहीं रख सके।
कुछ मैचों को छोड़ दिया जाए तो वह पूरे टूर्नामेंट में कमाल नहीं दिखा सके। लेकिन बंगलुरू में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ खेले गए एक मैच में धुंआधार पारी खेलकर एक रिकॉर्ड अपने नाम कर ही लिया। युवराज ने आईपीएल की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के जमाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 68 रनों की पारी में एक चौके के अलावा 9 छक्के जमाए। यह आईपीएल में किसी बल्लेबाज द्वारा एक पारी में सबसे कम गेंदों में सबसे ज्यादा छक्का जड़ने का रिकॉर्ड भी है।
यूं तो क्रिस गेल ने एक पारी में 17 छक्के लगाए थे लेकिन उस दौरान उन्होंने 66 गेंदें खेली थी। जबकि युवराज ने महज 29 गेंदों में 9 छक्के लगाए। लीग में अब 13 बल्लेबाजों ने 9 या 9 से ज्यादा छक्के लगाए जिसमें युवी ने सबसे कम गेंदों में 9 छक्के लगाए हैं।
रिकॉर्ड 6 गेंदबाजों ने लुटाए 21 छक्के
आप जानते हैं कि इस बार आईपीएल में कितने छक्के लगे। हम आप को बताते हैं, इस बार कुल 714 छक्के लगे और वह भी महज 60 मैचों में। जबकि इससे पहले 2012 में 700 से ज्यादा छक्के लगे थे लेकिन उस समय 75 मैच खेले गए थे। आईपीएल के इतिहास में महज दो बार (2012 और 2014) 700 से ज्यादा छक्के लगाए गए हैं।
इस बार गेंदबाजों की हालत किस कदर खराब रही है उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 गेंदबाजों पर टूर्नामेंट में 21 या इससे ज्यादा छक्के लगे। जबकि पिछले 6 सत्रों में सिर्फ एक बार पीयूष चावला ने 2008 में 21 छक्के दिए थे।