भारतीय गेंदबाजों ने बनाया वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साथ ही मेजबान बांग्ला टीम के अनुभवी क्रिकेटर टीम इंडिया के उभरते क्रिकेटरों को आसानी से धूल चटा देंगे, लेकिन भारत की युवा जोश के आगे बांग्ला शेरों की चुनौती फुस्स हो गई।
पहले मैच में 7 विकेट से जीत हासिल करने के बाद भारत ने दूसरे मैच में भी शानदार जीत हासिल कर ली। रोचक बात यह है कि दूसरे वनडे में भारत ने बांग्लादेश को महज 106 रनों का लक्ष्य दिया था। इस लो स्कोरिंग मुकाबले में कई दिलचस्प बातें भी हुई।
पिछले 2 मैच में नहीं चले और तीसरे में किया कमाल
बिन्नी ने 4.4 ओवर में महज 4 रन पर 6 विकेट लेकर महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले का 27 नवंबर 1993 को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ 6.1 ओवर में 12 रन पर 6 विकेट लेने का पिछला भारतीय रिकार्ड ध्वस्त कर दिया।
वनडे क्रिकेट के किसी मैच में किसी गेंदबाज का यह नौवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। शानदार प्रदर्शन कर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार हासिल करने वाले बिन्नी अपने दो वनडे मैचों में एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके थे।
बना 8 रन पर 1 विकेट गिरने का औसत
बारिश ने मैच में काफी बाधा डाली लेकिन जब शुरू हुआ तो विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की पूरी टीम 26 ओवर के अंदर 105 रन बनाकर आउट हो गई। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने आई मेजबान टीम तो 58 रन पर ही आउट हो गई।
इस मैच में 163 रन बने और कुल 20 विकेट गिरे। इस हिसाब से देखा जाए तो 8.15 रन की औसत से विकेट गिरे। प्रत्येक विकेट के लिए रन की औसत से यह सातवां सबसे खराब प्रदर्शन है। इससे पहले 2003 के वर्ल्ड कप में श्रीलंका और कनाडा के बीच मैच हुआ जिसमें कनाडा 36 रन पर आउट हो गया और श्रीलंका ने बिना किसी नुकसान के मैच जीत लिया। इस मैच का प्रति रन-विकेट का औसत 6.63 था।
बल्लेबाजों का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन
आईसीसी के नियम देखे जाएं तो वनडे मैच में बल्लेबाजों के पास रन बनाने के ज्यादा मौके होते हैं और बेचारे गेंदबाजों को इन्हीं के बीच बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना होता है।
लेकिन दूसरे वनडे में गेंदबाजों ने इस कदर कहर ढाया कि बल्लेबाजों के लिए यह सबसे शर्मनाक प्रदर्शन बन गया। इस मैच में कुल 20 विकेट गिरे लेकिन बल्लेबाज महज 163 रन ही बना सके। बल्लेबाजों का यह प्रदर्शन वनडे क्रिकेट में सबसे खराब प्रदर्शन है।
इससे पहले एक मैच में 20 विकेट गिरने और सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड 203 रनों का था। यह मैच 2006 में हरारे में जिम्बाब्वे और केन्या के बीच खेला गया था। केन्या ने 134 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान जिम्बाब्वे की टीम महज 69 रन पर आउट हो गई।
वनडे में भारतीय गेंदबाजों की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी
अमूमन टीम इंडिया की गेंदबाजी को बल्लेबाजी से कमतर आंका जाता है। लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में अनुभवी गेंदबाजों की अनुपस्थिति में भारत के उभरते गेंदबाजों ने कमाल का खेल दिखाया। बल्लेबाजों की नाकामी से भारत महज 105 रन बनाकर आउट हो गया।
ऐसे में लग रहा था कि मेजबान टीम आसानी से इस लक्ष्य का हासिल कर लेगी, लेकिन महज 2 गेंदबाजों स्टुअर्ट बिन्नी और मोहित शर्मा ने आपस में विकेट बांटते हुए भारत की लाज रख ली। भारत की ओर से सिर्फ 3 गेंदबाजों को गेंद की कमान सौंपी गई और उन्होंने बांग्ला टीम को महज 58 रनों पर समेट दिया।
वनडे क्रिकेट में कम स्कोर का बचाव करते हुए भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने पिछले साल पोर्ट ऑफ स्पेन में श्रीलंका के खिलाफ 29-29 ओवर के मैच में 119 रनों का बचाव किया था। जबकि 50-50 ओवर के मैच में भारत ने 1985 में शारजाह में पाकिस्तान के खिलाफ 125 रनों का सफलतापूर्वक बचाव किया था।