महिला क्रिकेट टीम में चयन के लिए शारीरिक संबंध की मांग
श्रीलंका की महिला क्रिकेटरों ने टीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाया है। इस पर श्रीलंका क्रिकेट कार्यकारी समिति ने शुक्रवार को आपात बैठक बुलाई है। साथ ही महिला क्रिकेट टीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं पर तत्काल जांच शुरू करने की बात कही है।
एक स्थानीय मीडिया में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए श्रीलंका क्रिकेट कार्यकारी समिति ने आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय पैनल गठित की है। इसमें एसएलसी उपाध्यक्ष मोहन डी सिल्वा, सचिव निशांता रणतुंगा, सहायक सचिव हेरांता परेरा और मुख्य पुरुषों की राष्ट्रीय चयनकर्ता सनत जयसूर्या शामिल है।
यह पैनल मामले की जांच करेगा और सबूत जुटाने के लिए आरोप लगाने वाली श्रीलंका की महिला क्रिकेटरों और आरोपी टीम मैनेजमेंट व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं से बातचीत करेगा। इसके लिए शुक्रवार को होने वाली बैठक में सबको बुलाया गया है। हालांकि स्थानीय मीडिया में छपी खबर के मुताबिक मामले की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
टीम रखने के लिए शारीरिक संबंध बनाने की मांग
जानकारी के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट कार्यकारी समिति महिला क्रिकेट टीम प्रबंध और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं पर कास्टिंग काउच करने के मामले की जांच करने जा रही है। श्रीलंकाई महिला क्रिकेटरों ने आरोप लगाया है कि टीम में चयन के लिए उनसे शारीरिक संबंध बनाने की मांग की जाती है।
यहां तक कि महिला क्रिकेटरों को टीम में बने रहने के लिए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला जाता है। महिला क्रिकेटरों के हवाले से एक स्थानीय मीडिया ने इस खबर का खुलासा किया है। जिसे श्रीलांका क्रिकेट समिति गंभीरता से ले रही है।
गौरतलब है कि सितंबर 2012 में भी एसएलसी (श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड) की एक महिला कर्मचारी ने बोर्ड से जुड़े पांच अधिकारियों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। उनके आरोप थे कि बोर्ड में उच्च पदों पर नियुक्त अधिकारियों ने उसका यौन शोषण किया। हालांकि मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।