चुनाव प्रचार कर सकते हैं 'भारत रत्न' सचिन!
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खबर ये है कि मशहूर क्रिकेटर और मंगलवार को 'भारत रत्न' पाने वाले सचिन तेंदुलकर चुनाव प्रचार में भाग ले सकते हैं। इसकी पुष्टि करना मुश्किल है।
इस तरह की अटकलें दो महीने पहले कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भी लगाई जा रही थीं लेकिन बाद में इनका खंडन किया गया।
एक बात तय है कि देशभर में सचिन की लोकप्रियता का हर पार्टी फायदा उठाना चाहेगी। उनकी छवि भी साफ सुथरी है और वो किसी भी पार्टी या राजनेता की चुनावी मुहिम के लिए बड़ी खबर होंगे।
राजनीति में उतरे तो कोई आश्चर्य नहीं
वो कहते हैं, "मुझे लगता है कि सचिन किसी पार्टी के बजाय किसी उम्मीदवार के लिए प्रचार करना अधिक पसंद करेंगे। वो उसी उम्मीदवार को सपोर्ट करना चाहेंगे जिनका स्पोर्ट्स से गहरा लगाव होगा।"
कर सकते हैं कांग्रेस का प्रचार
पिछले साल कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने उन्हें राज्यसभा में जगह दिलाई थी और अब कांग्रेस को आशा होगी कि वो पार्टी के लिए प्रचार करें।
सचिन तेंदुलकर की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया है। क्या वो राजनीति में औपचारिक रूप से शामिल हो रहे हैं, इसका किसी को नहीं पता।
राजनीति से काफी दूर रहते हैं सचिन
लेकिन क्रिकेट लेखक आशीष शुक्ल के अनुसार सचिन किसी भी पार्टी के लिए चुनावी मुहिम में शामिल नहीं होंगे।
वो कहते हैं, "मैं उन्हें सालों से जानता हूं। वो राजनीति से काफी दूर रहते हैं। वो राज्यसभा के सदस्य जरूर हैं जिसके लिए वो कांग्रेस के आभारी होंगे लेकिन वो इसके बावजूद चुनावी मुहिम से दूर रहेंगे।"
आशीष का कहना है कि सचिन को सियासत से दूर रहना चाहिए। उन्हें 'भारत रत्न' मिल चुका है और वो देश भर के चहेते हैं इसलिए उन्हें राजनीति से दूर ही रहना चाहिए।
नया नहीं है सेलिब्रिटीज से प्रचार कराना
ये जरूर साफ है कि सचिन एक ऐसी हस्ती के मालिक हैं जिन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में भाग नहीं लिया और न कभी इसमें रुचि दिखाई।
हां ये जरूर है कि उन्हें हर पार्टी या उम्मीदवार चुनाव प्रचार में शामिल करने की कोशिश करेगी। भारत में चुनाव प्रचार के दौरान फिल्मी हस्तियों और सेलिब्रिटीज को प्रचार के लिए इस्तेमाल करना आम बात है।
क्रिकेटरों को चुनावी मैदान में भी उतारा जाता रहा है। पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पिछले चुनाव में कांग्रेस की तरफ़ से लोकसभा चुनाव जीते थे जबकि कीर्ति आजाद और नवजोत सिंह सिद्धू भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर संसद पहुंचे थे।