अमला की कप्तानी में SA ने चखा 14 साल बाद जीत का स्वाद
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वर्ष 2000 के बाद दक्षिण अफ्रीका की श्रीलंका में यह पहली टेस्ट जीत है। स्टेन का साथी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल ने भरपूर साथ दिया और 4 विकेट लेकर श्रीलंकाई पारी का मैच के आखिरी दिन जल्दी अंत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रीलंका को आखिरी दिन जीत के लिए 260 रन की जरूरत थी और उसके 9 विकेट शेष थे लेकिन मात्र 106 रन और जोड़कर पूरी टीम 216 रन पर सिमट गई।
अब नंबर वन बनने के करीब SA
इस तरह से दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत कप्तान हाशिम अमला ने न केवल अपनी कप्तानी में पहले ही मैच में जीत दर्ज की बल्कि यदि दक्षिण अफ्रीकी टीम दूसरे मैच में भी जीतने में कामयाब रहती है तो वह एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम बन जाएगी।
इससे पहले सुबह एक विकेट पर 110 रन से आगे खेलने उतरी श्रीलंका के 5 बल्लेबाज लंच तक 24 ओवर में मात्र 51 रन जोड़कर पवेलियन लौट गए।
पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले स्टेन दिन के चौथे ओवर में ही दक्षिण अफ्रीका को सफलता दिला दी। स्टेन ने ओपनर कौशल सिल्वा को आउट कर संगकारा के साथ दूसरी विकेट के लिए उनकी 114 रन की खतरनाक साझेदारी का अंत किया।
इस साझेदारी के टूटते ही श्रीलंकाई टीम धराशाई हो गई। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों के सामने संगकारा ही कुछ हिम्मत दिखा सके और सर्वाधिक 76 रन की पारी खेली।