जहीर खान पर द्रविड़ से भिड़ गए वसीम अकरम!
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दक्षिण अफ्रीका के बाद न्यूजीलैंड में भी अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान के लचर प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचने की नसीहत दी है।
द्रविड़ का कहना है कि अब समय आ गया है जब जहीर को अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला कर लेना चाहिए। लेकिन द्रविड़ की राय से पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि जहीर अब भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
'द वॉल' द्रविड़ ने कहा, "अब समय आ गया है जब जहीर को अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला कर लेना चाहिए। मुझे लगता है कि इस तेज गेंदबाज को अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि मुझे नहीं लगता है कि जहीर इंग्लैंड में पांच टेस्टों की सीरीज में खेल पाएंगे।"
'अभी करने को बहुत कुछ है जहीर के पास'
दूसरी ओर, पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम और पूर्व भारतीय गेंदबाजी
कोच एरिक सिमंस का कहना है कि जहीर में अब भी काफी दमखम बचा हुआ है।
जहीर खान ने दक्षिण अफ्रीका दौरे में वापसी करने के बाद से चार टेस्ट मैचों में 16 विकेट लिए हैं जिनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में पांच विकेट शामिल हैं।
वसीम अकरम ने कहा, "ऐसा बहुत कम होता है जब आप 90 टेस्ट खेलने के बाद टीम में वापसी करते हैं। ऐसे में न केवल आपकी गेंदबाजी बल्कि प्रतिष्ठा भी दांव पर होती है। मुझे लगता है कि जहीर जब रिटायरमेंट कहेंगे तब तक उनके पास काफी कुछ करने का मौका रहेगा।"
साथियों को काफी कुछ सिखा सकते हैं जहीर
द्रविड़ के विपरीत अकरम ने कहा, "हमारे पूर्व कप्तान इमरान खान ने अपने करियर के अंतिम वर्षों में मुझे और वकार यूनुस को काफी कुछ सिखाया था। जहीर भी ऐसा कर सकते हैं। वह मिड-ऑन और मिड-ऑफ के बीच खडे़ रहकर अन्य तेज गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग जैसे गुर सिखा सकते हैं।"
अकरम ने कहा, "वह युवा गेंदबाजों को उस समय उत्साहित कर सकते हैं जब चीजें उनके अनुकूल नहीं जा रही हैं। इमरान ने अपने अंतिम वर्षों में हमें रनअप छोटा करने, रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल करने और यॉर्कर डालने जैसी चीजें सिखाई थी। तेज गेंदबाजी एक कला है और तेज गेंदबाज होने का यह मतलब नहीं है कि आप इसे आसानी से दूसरों को सीखा सकते हैं। जहीर जितना दूसरों से बात करेंगे उतना ही वह खुद भी सीखेंगे और दूसरों को भी बता सकेंगे।"
घसीटते हुए संन्यास लेने का कोई मतलब नहीं
दूसरी ओर द्रविड़ का कहना है, "मैं यह नहीं देखना चाहूंगा कि जहीर अपने करियर का समापन 120-125 किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार के साथ करें और लड़खड़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दें।"
पाकिस्तान के पूर्व महान आलराउंडर अकरम ने वेलिंगटन टेस्ट का उदाहरण दिया जहां इशांत शर्मा दूसरी पारी में 160 से ज्यादा रन लुटाकर कोई विकेट नहीं ले पाए थे।
उन्होंने कहा, "धोनी के विकेट के पीछे से कुछ कह नहीं सकते थे। इशांत ने सीरीज में हालांकि अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन 160 रन पर कोई विकेट नहीं मिलने का मतलब है कि उनके साथ कोई मनोवैज्ञानिक दिक्कत थी। ऐसे में जहीर इशांत के लिए योजना बना सकते थे और उनसे बात करते थे। जहीर के लिए विकेट लेने के अलावा यह भी जिम्मेदारी है कि वह संन्यास लेने से पहले एक दो अच्छे गेंदबाज तैयार कर दें।"
स्पीड कभी नहीं रही जहीर की ताकत
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज टीए शेखर ने कहा, "जहीर खान अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। जहीर चाहे धीमे भी हो जाए तो भी मैं उन्हें विदेश में खिलाना पसंद करूंगा क्योंकि वह तेज गेंद भी फेंक सकते हैं और धीमी बॉल भी डाल सकते हैं। वह अपनी गति में काफी परिवर्तन लाते हैं।"