बूम बूम बयानः अफरीदी ने एक बार फिर चौंकाया
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पांच बार की एशिया कप चैंपियन होने के बावजूद इस बार फाइनल तक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने माना है कि पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ मैच में हुई गलतियों के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है।
अफगानिस्तान के खिलाफ बुधवार अपने आखिरी मैच में टीम इंडिया ने आठ विकेट से जीत दर्ज की लेकिन टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने के लिहाज से इस मैच का कोई महत्व नहीं था। मैच के बाद विराट ने कहा, "हमने टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत की थी लेकिन फिर पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमों के खिलाफ अहम मुकाबलों में हमने काफी गलतियां की जिसका हमें खामियाजा भुगतना पड़ा। हमने इन मैचों में कई कैंच छोड़े और स्टंम्प भी मिस किए लेकिन फिर भी इन मैचों में हमारे कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।"
उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के मैच को जीतकर भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था इसलिए ऐसे किसी मैच में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद को और टीम को प्रेरित करना हमारे लिए काफी मुश्किल था। हम तो उम्मीद कर रहे थे कि बांग्लादेश टीम पाक के खिलाफ जीत दर्ज कर ले ताकि हमारी उम्मीदें कायम रह सकें लेकिन ऐसा नहीं हो सका।"
खिलाड़ियों को और मौका मिलना चाहिए
भारतीय कप्तान विराट ने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव का समर्थन करते हुए कहा, "क्रम में बदलाव से हम मध्यक्रम को कुछ मौका देना चाहते थे। अजिंक्य रहाणे ने पिछले मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। जरूरी था कि इन खिलाड़ियों को कुछ आत्मविश्वास दिया जाए। इसलिए दिनेश कार्तिक को भी ऊपरी क्रम में भेजा गया।"
उन्होंने कहा, "हमें परिणामों के लिए कुछ धैर्य रखना होगा तभी जाकर हम बेहतर कर पाएंगे। हमारे लिए जरूरी है कि हम खिलाड़ियों को टिककर अच्छा प्रदर्शन करने का कुछ मौका दें।"
महेंद्र सिंह धोनी की जगह टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले विराट कोहली ने टूर्नामेंट में अपने चार में से दो मैच जीते और दो मैच हारे हैं। श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
अपनी टीम पर कभी बोझ नहीं बनूंगा
दूसरी ओर, भारत और बांग्लादेश से जीत छीनकर पाक की झोली में डालने वाले शाहिद अफरीदी ने अपने एक बयान से प्रशंसकों को चौंका दिया है। पाक टीम में उनकी जगह पर अंगुली उठाने वाले आलोचकों को जवाब देते हुए आलराउंडर अफरीदी ने कहा कि जिस दिन उन्हें लगेगा कि वह टीम पर बोझ हैं, वह अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला ले लेंगे। अफरीदी एक बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे लेकिन बाद में वह फिर राष्ट्रीय टीम में लौटेंगे।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खेल भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधार सकता है। हमने भारत में हमेशा ही क्रिकेट का लुत्फ उठाया है। आखिरकार हम एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। हमारे बीच रिश्ते अच्छे होने चाहिए।
श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप फाइनल से पहले अफरीदी ने कहा, "जिस दिन उसे लगेगा कि मैं टीम पर बोझ हूं, मैं संन्यास ले लूंगा। मैं किसी को बोलने का मौका नहीं दूंगा। जब तक मैं फिट हूं और क्रिकेट का योगदान दे सकता हूं, मैं खेलता रहूंगा। मैं अपने प्रदर्शन से देश को कुछ देना चाहता हूं। हर दिन आप रन नहीं बना सकते। मैंने गेंदबाजी पर भी फोकस किया है। मैं खुद को ऐसे तैयार करना चाहता हूं कि बल्लेबाज और गेंदबाजी दोनों से योगदान दे सकूं।"