युवराज ही नहीं, टीम इंडिया की हार के 4 और हैं 'विलेन'
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श्रीलंका ने खिताबी जंग में टीम इंडिया को 6 विकेट से हराकर पहली बार टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। साथ ही अपनी टीम के दो महान क्रिकेटर कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने को खिताबी जीत के साथ विदाई देने में सफल भी रही।
लगातार पांच मैच जीत कर फाइनल में पहुंचा भारत बिना किसी संघर्ष के ही हार गया। यूं तो इस मैच में हार के लिए युवराज सिंह को जिम्मेदार माना जा रहा है लेकिन युवी के साथ-साथ चार अन्य विलेन भी हैं जिसके कारण टीम इंडिया को हार मिली।
हार के खलनायक नंबर वनः युवराज सिंह
शुरुआत में दो विकेट गंवा देने से टीम की रन बनाने की गति धीमी पड़ गई थी और रोहित शर्मा के जाने के बाद विराट कोहली का साथ देने क्रीज पर आए युवराज इस मैच में कुछ भी खास नहीं कर सके।
वह 11वें ओवर में क्रीज पर आए उस समय भारत का स्कोर 11 ओवर में दो विकेट पर 65 रन था। लेकिन युवराज को लय में आने के लिए खासा संघर्ष करना पड़ा और 21 गेंद खेलने के बावजूद महज 11 रन बना सके और एक भी चौका तक नहीं लगा सके। उनकी धीमी बल्लेबाजी के कारण भारत अपना स्कोर 130 से आगे नहीं ले जा सका।
हार के खलनायक नंबर टूः अजिंक्य रहाणे
भारत को श्रीलंका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच में बने रहने के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना था लेकिन दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रहाणे (3) एंजेलो मैथ्यूज बोल्ड हो गए। वह 8 गेंदों में महज 3 रन ही बना पाए।
खिताबी जंग में रहाणे जैसे बेहतरीन बल्लेबाज के सस्ते में आउट हो जाने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को पारी संवारने में समय लग गया और पहले 6 ओवर में टीम के खाते में 31 रन ही जोड़ सके। बैटिंग पावरप्ले में भारत का टूर्नामेंट में यह सबसे न्यूनतम स्कोर भी था।
हार के खलनायक नंबर थ्रीः कप्तान धोनी
भारत की हार में बने खलनायकों की सूची में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी तीसरे नंबर पर हैं। बल्लेबाजी के दौरान धोनी का सुरेश रैना की जगह खुद पहले क्रीज पर आना भी टीम के लिए गलत साबित हुआ।
21 गेंदों की अपनी पारी में नाकाम रहने के बाद युवराज सिंह जब आउट हो गए तो उनकी जगह खुद कप्तान धोनी क्रीज पर आ गए जबकि बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना स्लॉग ओवरों में तेजी से बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।
रैना की जगह खुद धोनी का क्रीज पर आना सभी को चौंका गया क्योंकि रैना का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में गजब का रहा है। उन्होंने पिछले मैच में 10 गेंदों में 21 रनों की धुआंधार पारी खेलकर टीम को नायाब जीत दिलाई थी। लेकिन रैना को न भेजकर धोनी का खुद क्रीज पर आना और सात गेंद खेलने के बावजूद एक भी चौका नहीं लगा पाने से टीम बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सका।
हार के खलनायक नंबर फोरः रवींद्र जडेजा
भारत श्रीलंका के सामने जीत के लिए 131 रनों का छोटा सा लक्ष्य दे पाया था ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के पास यह जिम्मेदारी थी वे विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका न दें। अमित मिश्रा और आर अश्विन ने भारत की इस योजना को बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ाया भी था।
लेकिन धोनी ने जब जडेजा को गेंद थमाई तो वह इसे बनाए नहीं रख सके और अपने पहले ही ओवर में उन्होंने 11 रन दे डाले। कुमार संगकारा ने पहली गेंद पर चौका जमाया और इसके बाद चौथी गेंद पर छक्का भी ठोक दिया। और यहीं से श्रीलंका के बल्लेबाज लय में आ गए और ताबड़तोड़ रन बनाने लगे।
हार के खलनायक नंबर फाइवः कैच टपकाना
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लेकिन 17वें ओवर की चौथी गेंद पर अजिंक्य रहाणे ने कुशल परेरा का कैच टपका दिया। अगर वह कैच लपक लेते तो शायद मैच का परिणाम कुछ और होता।
जीवनदान पाने वाले परेरा ने 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। परेरा 17 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि कुमार संगकारा ने 52 रन बनाकर टी-20 क्रिकेट से विदाई ले ली।