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बड़ा फैसलाः BCCI का जिम्मा सनी को, CSK-RR पर बैन!

Thu, 27 Mar 2014 05:45 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 27 Mar 2014 05:45 PM IST
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ms dhoni in trouble
आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग से दागदार हुई भारतीय क्रिकेट को सुधारने की दिशा में देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना काम शुरू कर दिया है।
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गुरुवार को स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुनवाई से दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को मामले की जांच पूरी होने तक पद से हटने को कहा था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था।

लेकिन सु्प्रीम कोर्ट ने आज क्रिकेट के भविष्य को देखते हुए तीन बड़े प्रस्तावित फैसले लिए जिनका परिणाम दूरगामी हो सकता है।

साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट में लिया धोनी का नाम

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सुप्रीम कोर्ट में आईपीएल में हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी सामने आया है।

दो घंटे से ज्यादा समय से चली सुनवाई में याचिकाकर्ता क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा के वकील हरीश साल्वे ने कप्तान धोनी का नाम लिया और कहा कि उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग के ‌लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित मुकुल गुदग्ल कमेटी के सामने उन्होंने झूठ बोला था।

साथ ही उन्होंने कोर्ट से मांग की कि चेन्‍नई सुपर किंग्स (सीएसके) को आईपीएल से सस्पेंड कर दिया जाना चाहिए।
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कोर्ट ने बीसीसीआई को एक और मौका

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वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सुनवाई के दौरान कहा कि महेंद्र ‌सिंह धोनी इंडिया सीमेंट के लिए काम करते हैं। इंडिया सीमेंट के पास ही चेन्‍नई सुपर किंग्स का मालिकाना हक है।

ऐसे में धोनी के लिए ये हितों के टकराव का मामला बनता है। इंडिया सीमेंट एन श्रीनिवासन की कंपनी है और श्रीनिवासन ने ही धोनी को सीएसके की कमान सौंप रखी है। सीएसके के अलावा धोनी के पास भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान भी है। धोनी इस समय बांग्लादेश में टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतरिम आदेश कल सुबह सुनाएगा। कोर्ट बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद से हटने का पहले ही निर्देश जारी कर चुका है। लेकिन उनकी ओर से अभी तक इस बाबत कोई कदम नहीं उठाया गया है। कोर्ट ने आज यह सुझाव देकर बोर्ड को एक तरह से कल तक अपनी स्थिति साफ करने का एक और मौका दिया है।
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चेन्‍नई और राजस्‍थान पर लगाया बैन!

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पॉट फिक्सिंग मामले की दो घंटे से ज्यादा समय तक चली सुनवाई करने के बाद तीन प्रस्‍ताव दिए। कोर्ट ने अभी यह सिर्फ प्रस्तावित किया है और कोर्ट शुक्रवार की सुबह इस फैसले पर अपनी मुहर लगाएगा।

पहला, एन श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह पूर्व क्रिकेटर और कप्तान सुनील गावस्कर को स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई पूरी होने तक कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया है।

दूसरा, चेन्‍नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीम आईपीएल-7 में हिस्सा नहीं लेंगे।

तीसरा, इंडिया सीमेंट से जुड़े लोगों को बीसीसीआई और उससे जुड़ी संस्‍था छोड़ने को कहा है। कोर्ट के अनुसार इंडिया सीमेंट में काम करने वाले लोगों को क्रिकेट से जुड़ी संस्‍था में से किसी एक को चुनने को कहा।

श्रीनिवासन बोले, अब पद छोडने को तैयार

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स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से हटाए जाने के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि वह पद छोड़ने को तैयार हैं।

स्पॉट फिक्सिंग मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।

देश की शीर्ष अदालत ने श्रीनिवासन को हटाकर उनकी जगह देश के पूर्व क्रिकेटर और कमेंट्रेटर सुनील गावस्कर को बीसीसीआई का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्तावित आदेश दिया है।

फैसले के बाद क्रिकेट बिरादरी में छाई उदासी

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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद क्रिकेट बिरादरी में कहीं बेहद खुशी हैं तो कहीं बेहद उदासी।

"अभी जो हो रहा है वह अच्छा नहीं है। इन सभी चीजों का प्रभाव खिलाड़ियों पर पड़ता है। आईपीएल को कुछ समय के लिए बंद कर देना चाहिए। इसे कौन चला रहा है?"-बापू नाडकर्णी, पूर्व टेस्ट आलराउंडर

"पहली गलती श्रीनिवासन को चेन्नई सुपर किंग्स टीम खरीदने की अनुमति देना था। यहां हितों का टकराव है। बीसीसीआई अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही कदम उठाएगी। कोर्ट शुक्रवार को जो भी कहेगी हमें उसके अनुसार ही चलना होगा।" -रवि सावंत, बीसीसीआई उपाध्यक्ष

"मामला अभी कोर्ट में है और मुझे नहीं पता कि आखिर क्या हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट सबसे ऊपर है और वो जो कुछ भी कहेगी, हमें उसका पालन करना होगा। इसके अतिरिक्त और कोई रास्ता नहीं है।"- के श्रीकांत, पूर्व भारतीय कप्तान

"सुप्रीम कोर्ट जो आदेश देगा उसे सभी मानेंगे। हालांकि क्रिकेटरों के लिए यह अलग परिस्थितियां नहीं हैं। क्रिकेट में जो कुछ भी हो रहा है उसे हम सोसायटी में भी देख सकते हैं। हमें खेल में सफाई करने की जरूरत है।"- अनिल कुंबले, पूर्व भारतीय कप्तान

"चूंकि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोई ऑर्डर पास करने के बाद ही मैं इस बारे में कोई टिप्पणी करूंगा। हालांकि पहले भी विवाद रहे हैं लेकिन खेल चलता रहेगा।"-राहुल द्रविड़, पूर्व कप्तान

"हमें सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सुझाव दिए हैं और इन सुझावों पर शुक्रवार को बहस होगी।" -राजीव शुक्ला, बीसीसीआई उपाध्यक्ष

सौरव गांगुली को BCCI अध्यक्ष बनाने की मांग

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पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री मदन मित्रा ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष बनाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति बताया।

साथ ही मित्रा ने वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

मित्रा ने कहा, "गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष का पद दे। वह हमारे अभी तक के सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं और उनकी छवि भी पाक साफ है। इस समय बीसीसीआई अध्यक्ष के लिए वह सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। देश के सभी क्रिकेटप्रेमी सिर्फ एक व्यक्ति की वजह से शर्मिंदा हैं और वह व्यक्ति एन श्रीनिवासन हैं।"

विश्वास बहाल होने तक IPL पर लगे बैन

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इससे पहले बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा था कि जब तक लोगों का आईपीएल पर फिर से भरोसा कायम न हो जाए तब तक इस लीग का आयोजन बंद होना चाहिए।

एन श्रीनिवासन से पहले बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे मनोहर ने साथ ही कहा कि आईपीएल के सभी मैचों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस साल आईपीएल के शुरुआती मैचों का आयोजन यूएई में कराने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे लीग की छवि और खराब होगी।

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं और जब तक बीसीसीआई प्रमुख अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है। जब इस मामले का खुलासा हुआ था मैंने तभी कह दिया था कि आईपीएल के सभी मैचों की जांच होनी चाहिए। मुझे लगता है कि इस मामले में सीबीआई को व्यापक जांच करनी चाहिए।"
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