कोहली ने कभी नहीं की होगी, ऐसी तारीफ की उम्मीद!
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टीम इंडिया को वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के हाथों जिस तरह से हार मिली है। उससे टीम की हर ओर आलोचना हो रही है। लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा है जिसके घरवाले इस बात से खुश हैं कि उनके बेटे को इस सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला।
न्यूजीलैंड इलेवन के खिलाफ दो दिवसीय अभ्यास मैच में भारतीय टीम की ओर से शानदार प्रदर्शन करने वाले ईश्वर पांडे के पिता चांद पांडे अपने बेटे के प्रदर्शन से वाकिफ हैं जिन्होंने मैच में सर्वाधिक तीन विकेट हासिल किए।
लेकिन भारतीय टीम में पहली बार शामिल युवा तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे के पिता का मानना है कि यह अच्छा ही हुआ कि उनके बेटे को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। मध्य प्रदेश के रीवा से फोन पर बात करते हुए चांद पांडे ने कहा, "यह अच्छा ही हुआ कि मेरा बेटा वनडे सीरीज खासतौर पर आखिरी वनडे वनडे में नहीं खेला। यदि वह टीम में होता और अच्छा प्रदर्शन नहीं करता तो टेस्ट टीम में अपना स्थान करने से पहले ईश्वर अपना आत्मविश्वास खो देता।"
मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया
तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे को वनडे सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला था। लेकिन अभ्यास मैच में तीन विकेट लेकर टेस्ट सीरीज के लिए अपना दावा मजबूत करने वाले इस गेंदबाज का मानना है कि उनके लिए खुद को साबित करने का यह बेहतरीन मौका था, जिसमें वह सफल रहे।
ईश्वर ने इस मैच में जिस तरह से गेंदबाजी की है उससे माना जा रहा है कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दो मैचों की टेस्ट सीरीज में इस युवा गेंदबाज को मौका दे सकते हैं। उभरते तेज गेंदबाज ने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने अपने खेल में काफी सुधार किया है। हर प्रारूप में अलग तरह की गेंदबाजी की जरूरत होती है।"
ईश्वर ने कहा, "मेरे लिए खुद को साबित करने का यह अच्छा मौका था। मैंने उसी तरह से गेंदबाजी की जैसे मैं घरेलू क्रिकेट में करता हूं। मैं जब भी गेंद करता हूं मेरा ध्यान सही लाइन और लेंथ पर होता है न कि विकेट लेने में। इसका मुझे घरेलू क्रिकेट में फायदा हुआ है और मुझे उम्मीद है कि यहां भी टीम को फायदा पहुंचा पाऊंगा।"
अकेले विराट में 'फैब फोर' जैसा दमखम
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो ने भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली की आज खुलकर प्रशंसा की और उन्होंने ऐसी तारीफ की जिससे उन्हें कभी उम्मीद ही नहीं रही होगी। उनका मानना है कि वह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के गुणों का मेल हैं।
मार्टिन ने कहा कि विराट कोहली ने सचिन, सहवाग और द्रविड़ के गुणों को अच्छी तरह से आत्मसात कर लिया है और इससे उनकी शख्सियत काफी निखर गई है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कोहली भारत के अगले महान खिलाड़ी होंगे जिनमें राहुल जैसी तेजी, सहवाग जैसी हिम्मत और सचिन जैसी असाधारण क्षमता है। मौजूदा समय में कोहली ही हैं जो टीम को फिर से मजबूत करने के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय टीम में जो स्थान इन तीनों बल्लेबाजों की अनुपस्थिति से खाली हुआ है उसे भरने की क्षमता सिर्फ विराट में हैं। वह अभी से टीम के बल्लेबाजी क्रम के प्रमुख बन चुके हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ गई हैं।"
कीवी टीम को इस तूफान को रोकना होगा
न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पूर्व मार्टिन ने विराट की प्रशंसा कर अपनी राष्ट्रीय टीम को भी विराट के तूफान से बचने की चेतावनी दे दी है।
आईपीएल के पहले संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बगलोर के कोच रह चुके मार्टिन ने कहा, "विराट जब 19 वर्ष के थे तब मैंने उन्हें खेलते देखा था। वह कई बार अपने खेल को लेकर दुविधा में फंस जाते थे लेकिन मैं उन्हें सीधे-सीधे उन्हें उनके सवालों का जवाब दिया करता था। कोहली अपने खेल को लेकर बहुत ही फोकस थे। हालांकि कई बार वह गुस्सा हो जाते थे तो कई बार बेहद भावुक क्योंकि वह दिल्ली में पले बढे़ हैं। लेकिन, वह हमेशा ही मुकाबले के लिए तैयार रहते थे और कई बार अधिकारियों से भी वाद विवाद कर लेते थे।"
हालांकि पूर्व क्रिकेटर ने साथ ही कहा कि नियंत्रण में रहकर विराट कोहली का आक्रामक और गुस्सैल रवैया कुछ हद तक जरूरी भी है। मार्टिन ने विराट पर सबसे ज्यादा सचिन के प्रभाव होने की भी बात कही।