टी-20 के फाइनल में हारे धोनी के धुरंधर
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भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 131 रनों की चुनौती रखी थी जिसे उसने बेहद आसानी से 17.5 ओवर में 4 विकेट खोकर ही हासिल कर लिया। विजयी टीम की ओर से अपना अंतिम टी-20 मैच खेल रहे कुमार संगकारा ने सर्वाधिक 52 रनों (35 गेंद, 6 चौका और 1 छक्का) की नाबाद पारी खेली।
टीम इंडिया की ओर से विराट कोहली ने एक बार फिर धुआंधार पारी खेलते हुए 77 रनों (58 गेंद, 5 चौका और 4 छक्का) की पारी खेली। हालांकि भारत की इस हार में युवराज सिंह की खराब बल्लेबाजी का अहम योगदान रहा, जो अंतिम समय में 21 गेंदों में महज 11 रन ही बना पाए।
1996 के बाद पहली बार बने वर्ल्ड चैंपियन
1996 में वनडे वर्ल्ड कप में मिली जीत के बाद श्रीलंकाई दूसरी बार आईसीसी की किसी वर्ल्ड कप ट्रॉफी को उठाने में कामयाब रही है।
श्रीलंका पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में उपविजेता भी रही। इसके साथ ही श्रीलंका ने कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने को खिताब के साथ विदा किया। इन दोनों का यह अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच था।
मोहित ने किया हिसाब चुकता, अश्विन को सफलता
इस तरह से मोहित ने श्रीलंका के उस विकेट का बदला ले लिया जिसमें लंकाई गेंदबाज ने भारतीय पारी के दूसरे ही ओवर में अजिंक्य रहाणे को आउट किया था।
पिछले मैच में तीन विकेट लेने वाले अश्विन ने भारत को दूसरी सफलता के लिए लंबा इंतजार नहीं कराया और छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर दिलशान तिलकरत्ने (18) को कैच आउट करा दिया। पार्ट टाइम गेंदबाज सुरेश रैना ने अपना अंतिम टी-20 मैच खेल रहे महेला जयवर्धने (24) को कैच आउट कराया।
रोहित ने कोहली के साथ टीम को संकट से निकाला
शुरुआती झटके के बाद रोहित शर्मा (29) का साथ देने विराट कोहली क्रीज पर आए। दोनों ने भारतीय पारी को संभालते हुए अगले 9 ओवर में 60 रनों की साझेदारी की। इस बीच रोहित ने तीन चौके लगाए। लेकिन वह 11वें ओवर में रंगना हेराथ की गेंद पर कवर की दिशा में कैच आउट हो गए।
हालांकि दूसरी ओर, कोहली का बल्ला चल रहा था और तेजी से रन बनाते हुए टीम का स्कोर चलायमान रखा। रोहित के बाद कोहली का साथ देने युवराज सिंह क्रीज पर आए।
सेमीफाइनल के बाद फाइनल में भी पचासा
कोहली ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी अर्धशतकीय पारी खेली। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 72 रनों की मैच जीताऊ पारी खेली थी।
टूर्नामेंट में कोहली का यह चौथा अर्धशतक है। उन्होंने वेस्ट इंडीज (54), बांग्लादेश (57) और दक्षिण अफ्रीका (नाबाद 72) अर्धशतक लगाया था।
टीम इंडिया में कोई बदलाव नहीं
बारिश के कारण देरी से शुरू हुए मैच में ओवरों में कोई कमी नहीं की गई। टीम इंडिया ने इस मैच के लिए अपनी पिछली एकादश में परिवर्तन नहीं किया था। जबकि श्रीलंका के कार्यवाहक कप्तान लसित मलिंगा ने अपनी टीम में एक बदलाव किया।
2007 के बाद अगले तीन टी-20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक खेल के बाद टीम इंडिया इस बार जीत के रथ पर सवार है और खिताब से महज एक जीत दूर है।
2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया दूसरी बार इतिहास दोहराने के बेहद करीब पहुंच गई है। मजेदार बात यह है कि भारत ने फाइनल से पहले टूर्नामेंट में खेले अपने सभी पांचों मैचों में जीत हासिल की थी।
एक साथ तीन बड़े ICC खिताब रखने का मौका खोया
टीम इंडिया अगर यह टूर्नामेंट जीत जाती तो क्रिकेट में यह अनोखा इतिहास होता। लेकिन धोनी के धुरंधर इस बार यह मौका चूक गए।
टी-20 में वर्ल्ड चैंपियन बनने पर टीम इंडिया एक साथ आईसीसी के तीन बड़े टूर्नामेंट्स जीतने वाली पहली टीम बन जाती। इस समय टीम इडिया वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी चैंपियन है।