हार गए तो क्या, संन्यास नहीं लूंगा पलटवार करूंगा
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पीटरसन ने इन अटकलों को नकारते हुए 2015 में टीम के लिए फिर से एशेज जीतने की इच्छा व्यक्त की है। पीटरसन ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 29.40 के औसत से 294 रन बनाए थे।
सौ से ज्यादा टेस्ट मैच खेल चुके इस बल्लेबाज ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, "हम 0-5 से सीरीज हारकर बहुत ही दुखी हैं और मैं निजी तौर पर अधिक रन नहीं बना पाने को लेकर भी निराश हूं। इतनी मजबूत टीम के खिलाफ यह हमारा बहुत मुश्किल दौरा था लेकिन मेरा संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है बल्कि मैं 2015 में एशेज सीरीज में टीम के लिए फिर से यह ट्रॉफी कब्जाने की हर संभव कोशिश करूंगा।"
फ्लॉवर ने कहा था कइयों की होगी छुट्टी
इंग्लैंड के अनुभवी स्पिनर ग्रीम स्वान ने रिटर्न एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच के बाद ही संन्यास की घोषणा कर दी थी जबकि जोनाथन ट्रोट मानसिक दबाव के कारण पहले मैच के बाद सीरीज छोड़कर स्वदेश लौट गए थे।
इंग्लैंड ने यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया के हाथों 0-5 से गंवा दी थी।
ड्रेसिंग रूम में विवाद बना हार का कारण
खुद टीम के राष्ट्रीय कोच एंडी फ्लावर ने इसे एक दशक की समाप्ति बताया था। 42 टेस्ट में 121 विकेट ले चुके टफनेल ने टीम की शर्मनाक हार के लिए खिलाड़ियों के मतभेदों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "मुझे लगता है कि इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में सब कुछ ठीक नहीं है। यहां खिलाड़ी यह नहीं समझते कि उन्हें एक दूसरे के लिए लड़ना है।"
उन्होंने कहा, "यह कैसे संभव है कि जोनाथन ट्रॉट एक टेस्ट खेलने के बाद कह देते हें कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। क्या इसके बारे में नहीं सोचना चाहिए। ऐसे ही ग्रीम स्वान ने तीन टेस्ट खेले और फिर उन्होंने संन्यास ले लिया। ये सभी बहुत अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने कुछ मैच खेले और फिर ये टीम छोड़कर चले गए। इस बात से पता चलता है कि मानसिक रूप से खिलाड़ी सही दिशा में नहीं जा रहे हैं। या फिर बहुत सारी बातें उन्हें परेशान कर रही हैं।"
पीटरसन के समर्थन में आए पूर्व कप्तान
पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने भी टीम की आलोचना की और साथ ही केविन पीटरसन को लेकर चल रही अटकलों पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब टीम में बडे़ बदलाव के नाम पर केविन पीटरसन को बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन यह गलत होगा। यदि मैं होता तो पीटरसन को थिंक टैंक के रूप में मैनेजमेंट के करीब रखता।"
माना जा रहा है कि एशेज में हार के बाद इंग्लैंड अपनी टीम में बड़े बदलाव कर सकती है। साथ ही पीटरसन को टीम से बाहर किया जा सकता है।