दो क्रिकेटरों की हरकतों ने कर दिया न्यूजीलैंड को शर्मसार!
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मेजबान न्यूजीलैंड ने बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने वनडे सीरीज में 4-0 से धो दिया था। कप्तान धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया की उनकी कप्तानी में यह सबसे बड़ी हार भी साबित हुई।
भारत जिस तरह से हारा उससे लगा कि टेस्ट मैच में भी मेहमान टीम की स्थिति बेहद खराब होने वाली है। लेकिन क्रिकेट जगत में अब तक हर ओर सराहना बटोरने वाली किवी टीम को उस समय बेहद निराशाजनक स्थिति का सामना करना पड़ा जब उसके दो क्रिकेटर पब में शराब पीते हुए पकड़े गए।
पहले टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर देर रात तक शराब पीने के कारण न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने जेसी राइडर और डग ब्रेसवेल को निलंबित कर दिया है। न्यूजीलैंड की 13 सदस्यीय टीम में शामिल रहे ब्रेसवेल और राइडर ने स्वीकार किया है कि वह गुरुवार को देर तक ऑकलैंड के एक बार में थे। टीम मैनेजर माइक सैंडल ने कहा, "मैच से पहले रात को दोनों का इस तरह का व्यवहार बिल्कुल स्वीकार योग्य नहीं है। हम खिलाड़ियों पर विश्वास करते हैं कि वह आचारसंहिता का पालन करेंगे लेकिन दोनों ने इसका उल्लंघन किया है।"
दमदार धवन पर होगी बड़ी आस
जहां तक जारी ऑकलैंड टेस्ट मैच की बात है, भारत को इस मैच में कुछ भी सकारात्मक परिणाम लाना है तो उसके बल्लेबाजों को चौथे दिन टिककर बल्लेबाजी करनी होगी। भारत ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 87 रन बना लिए थे। क्रीज पर इस समय शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा खेल रहे थे।
इस दौरे में पूरी तरह से असफल रहे धवन पर टीम को बड़ी आस है। उन पर पुजारा के साथ दिन के शुरुआती घंटे बिना किसी दबाव के निकालने होंगे। दिल्ली के युवा बल्लेबाज को अपनी पिछली कई असफलताओं को पीछे छोड़ना है तो उन्हें चौथे दिन 49 रनों की अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करना होगा।
धवन ने आज जिस तरह से अपना जुझारूपन दिखाया है उससे ऐसा नहीं लगता कि चौथे दिन उन्हें बल्लेबाजी करने में ज्यादा दिक्कत आएगी।
पुजारा को चट्टान की तरह टिकना होगा पिच पर
अपने से कहीं कमजोर टीम से हार से बचने के लिए टीम इंडिया को चेतेश्वर पुजारा से काफी आस होगी। टीम इंडिया की नई दीवार कहे जाने वाले पुजारा धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। ऐसे में जब वह चौथे दिन मैदान पर उतरेंगे तो किवी गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए मैच में अपनी टीम की जीत का रास्ता भी निकालने की कोशिश करेंगे।
अपने देश की पिच हो या विदेश की पिच, वह कहीं भी टिककर बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। विदेशी धरती पर भी वह बड़ी पारी खेलने में सक्षम हैं। ऑकलैंड में धवन के साथ पुजारा को भी अपना कमाल दिखाना होगा।
हालांकि पुजारा पहली पारी में महज एक रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन इस बार उन्हें बड़ी पारी खेलकर पिछली पारी के खराब खेल को भुलाना होगा।
इश्क छोड़कर पिच पर टिकना होगा कोहली को!
अब जब टीम इंडिया के सामने मैच बचाने या जीतने के लिए लक्ष्य तय हो गया है तो उन्हें इश्क छोड़कर अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान लगाना होगा। शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा के बाद अगर विराट कोहली भी बल्ले से बड़ा कारनामा करते हैं तो भारत मैच में जीत की ओर भी जा सकता है।
कोहली ने वनडे सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और अब उनसे टेस्ट में भी लाजवाब पारी की आस है।
धोनी और जडेजा की भूमिका भी होगी अहम
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा टीम इंडिया के मध्य क्रम की बल्लेबाजी की रीढ़ है। धोनी ने कई मौकों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, खासकर तब टीम को उनकी जरूरत होती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में लगातार तीन अर्धशतक लगाने वाले धोनी अच्छे फॉर्म में हैं और टीम को उनसे भी काफी आस होगी।
पहली पारी में कप्तान धोनी महज 10 रन बना सके थे, लेकिन तीन दिन के बाद पिच बल्लेबाजी के अनुकूल हो चुकी है और उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाज आराम से अब खेल सकेंगे। धोनी के अलावा रवींद्र जडेजा भी टीम के खेवनहार बन सकते हैं। जडेजा ने पहली पारी में 44 गेंदों में नाबाद 30 रनों की पारी खेली थी।
लंबे समय बाद वह बल्लेबाजी की फॉर्म में हैं और वह भी टीम को नाजुक मौकों से निकालने में सक्षम रहे हैं। जडेजा ने इसी मैदान पर वनडे सीरीज के तीसरे वनडे में करिश्माई पारी खेलकर मैच को टाई कराया था।