टीम को शर्मसार करने वाले क्रिकेटरों को फिर नहीं मिली जगह
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पहले टेस्ट से पूर्व शराब पीने के कारण विवाद में फंसे जेसी राइडर और डग ब्रेसवेल भारत के खिलाफ वेलिंगटन में खेले जाने वाले दूसरे और आखिरी टेस्ट के लिए न्यूजीलैंड की टीम से बाहर कर दिए गए हैं। दोनों को पहले टेस्ट मैच में भी टीम में शामिल नहीं किया गया था।
बाएं हाथ के बल्लेबाज राइडर और ब्रेसवेल दोनों ही जांच के दायरे में हैं जिसके कारण उन्हें टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है।
पहले टेस्ट के शुरू होने के कुछ घंटे पहले तक राइडर और ब्रेसवेल बार में मौजूद थे और उनके इस रवैये को लेकर न्यूजीलैंड बोर्ड मामले की जांच कर रहा है। तीन मैचों की सीरीज में मेजबान न्यूजीलैंड भारत से 1-0 से आगे है।
जांच तक कुछ भी कहना संभव नहीं
न्यूजीलैंड के कोच माइक हैसन ने कहा, "हम दूसरे टेस्ट के लिए टीम की घोषणा मंगलवार तक कर सकते हैं लेकिन इतना तय है कि राइडर और ब्रेसवेल चयन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।"
उन्होंने कहा, "अभी मामले की जांच चल रही है और किसी तरह की टिप्पणी इस पर नहीं की जा सकती है। इस मामले पर जब हमें अधिक जानकारी प्राप्त हो जाएगी तब हम इस पर बेहतर बयान दे सकेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों पर विश्वास है। वह सभी परिपक्व हैं और यदि खाने के साथ वह बीयर लेते हैं तो इसमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन, टेस्ट से एक दिन पूर्व जो हुआ उस मामले में कुछ फर्क है।"
डोपिंग के आरोप में झेल चुके हैं बैन
बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज राइडर अनुशासनहीनता के लिए जाने जाते रहे हैं। पहले भी कई बार वह अनुशासन तोड़ चुके हैं। पिछले साल ही डोपिंग के आरोप में जेसी राइडर पर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया था।
राइडर पर यह पाबंदी पिछले साल मार्च में एक डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद लगाया गया। वह बैन की समयसीमा खत्म होने के बाद 19 अक्टूबर के बाद क्रिकेट के मैदान पर लौटे थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का डोप टेस्ट 24 मार्च को विलिंगटन में फोर्ड ट्रॉफी के दौरान हुआ और उस टेस्ट में उन पर स्पोर्ट्स में प्रतिबंधित कई दवाओं के सेवन के आरोप लगे थे।
राइडर ने जिन दवाओं का सेवन किया था उसके कारण उन पर दो साल तक का बैन लग सकता था। लेकिन उन्होंने बहुत कम मात्रा में दवा का सेवन किया, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए काफी नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन दवाओं का उपयोग वजन कम करने के लिए किया था।
बार के बाहर किया झगड़ा और कोमा में चले गए थे
उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया था और वह कोमा में चले गए थे। दो दिन कोमा में रहने के बाद उनकी हालत में सुधार आया और धीरे-धीरे वह ठीक हुए।