फीफा वर्ल्ड कप में मिलेगा भारतीय चाय की चुस्कियों का आनंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछली बार दक्षिण अफ्रीका में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप में भी भारतीय कनेक्शन था। उस वर्ल्ड कप में भारत की दिग्गज आईटी कंपनी महिंद्रा सत्यम ने टूर्नामेंट में सूचना की तकनीक पर अपनी सेवाएं दी थी। और इस बार भी कंपनी वर्ल्ड कप से जुड़ी थी लेकिन वह सेवा देने से पीछे हट गई। हालांकि कंपनी फीफा की आधिकारिक आईटी पार्टनर अभी भी बनी हुई है।
इस बार भी वर्ल्ड कप में भारत से जुड़ी कुछ खास चीजें दिखेंगी, जिसमें एक चीज ऐसी है जो हर भारतीय को गौरवान्वित करेगी साथ ही रोमांचित भी।
भारतीय कनेक्शन के बारे में जानना चाहेंगे!
चाय के लिए उत्तर-पूर्वी भारत काफी मशहूर रहा है। यहां के चाय बागान दुनियाभर में बेहद लोकप्रिय हैं। अब यहां की चाय वर्ल्ड कप में भाग लेने आए खिलाड़ियों और उनके प्रबंधकों को अपनी खुशबू से तरोताजा करेगी। पश्चिम बंगाल की एक कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसके पांच चाय के बागान त्रिपुरा में हैं।
फुटबॉल महासमर में प्रयोम में लाए जाने वाली चाय के स्पेशल उत्पादन के लिए पिछले एक साल से तैयारी चल रही थी। चाय के पौधों को बेहद स्पेशल तरीके से उगाया गया है और इसे तोड़ने के लिए मजदूरों को प्रशिक्षित भी किया गया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए चाय के बागान तैयार किए गए थे।
एक किलो चाय का दाम 24 हजार रुपए
दरअसल वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों को दी जाने वाली चाय के लिए चाय की पत्तियों की आपूर्ति पश्चिम बंगाल का चटर्जी गार्डन ग्रुप (सीजीजी) कर रहा है।
ग्रुप के सहायक प्रबंधक ने बताया कि फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए पश्चिम बंगाल के मकईबारी में चीनी नस्ल की विशेष ऑर्गेनिक चाय उगाई गई है। मकईबारी दुनिया के 5 विशेष चाय बगानों में से एक है और फीफा वर्ल्ड कप के लिए विशेष चाय की तैयारी यहां एक साल पहले ही शुरू कर दी गई थी।
भारत के अलावा वर्ल्ड कप में पाक कनेक्शन!
भारत के अलावा भारतीय उपमहाद्वीप का भी वर्ल्ड कप से कनेक्शन बना हुआ है। मैदान पर दुनियाभर के स्टार खिलाड़ी जिस गेंद से खेलते नजर आएंगे वह पाकिस्तान का बना हुआ होगा।
एडिडास ने पाकिस्तान की एक कंपनी के साथ करार किया है जो टूर्नामेंट के दौरान गेंद मुहैया कराएगी। एडिडास ने वर्ल्ड कप में इस बार प्रयोग में लाई जाने वाली गेंद का नाम रखा है ब्राजुका।