फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Sports Archives ›   Indian hockey team win after 18 years

सरदार की सेना ने 18 साल बाद दर्ज की जीत

Tue, 09 Dec 2014 11:26 PM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह/अमर उजाला, भुवनेश्वर
सत्येन्द्र पाल सिंह/अमर उजाला, भुवनेश्वर Updated Tue, 09 Dec 2014 11:26 PM IST
विज्ञापन
Indian hockey team win after 18 years

भारत के कप्तान सरदार सिंह वाकई सरदार के रूप में खेले। अनुभवी स्ट्राइकर एसवी सुनील ने तेज रफ्तार हॉकी खेली। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने एक बार फिर रंगत पाकर करीब चार तय गोल बचाए। मनप्रीत ने बतौर मिडफील्डर बराबर छोर बदल कर खेल नीदरलैंड को भ्रमित कर दिया।

विज्ञापन


भारत ने ऐसी स्ट्रक्चर हॉकी खेल नीदरलैंड को यहां मंगलवार को चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के अहम मैच मे 3-2 से हराकर पूल ‘बी’ में जर्मनी के मुकाबले बेहतर गोल अंतर के आधार पर पूल ‘बी’ में तीसरा स्थान पाया। भारत की तीन मैचों में यह पहली जीत है जबकि नीदरलैंड इस हार के बावजूद दो जीत के साथ पूल में टॉप पर रहा।
विज्ञापन


भारत और जर्मनी ने तीन-तीन मैचों से समान रूप से तीन-तीन अंक पाए। भारत ने जर्मनी को गोल अंतर में पीछे छोड़कर पूल ‘बी’ में आखिरी स्थान पर धकेल दिया। भारत ने नीदरलैंड के खिलाफ आखिरी जीत 1996 में ओलंपिक क्वालीफाइंग में 18 साल पहले हासिल की थी। यह भी एक संयोग है तब भारत के मौजूदा कोच नीदरलैंड की टीम के कोच थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्वार्टर फाइनल में अब बेल्जियम से होगी भिड़ंत

Indian hockey team win after 18 years

भारत अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम से भिड़ेगा। भारत के लिए कलिंगा स्टेडियम में इस मैच में एसवी सुनील, मनप्रीत सिंह और रुपिंदर पाल सिंह ने एक-एक गोल किया। पराजित नीदरलैंड के लिए दोनों गोल मिंक वान डेर वीरडान ने दागे। कप्तान सरदार सिंह ने आक्रामक सेंटर हाफ के रोल में अपने साथी फॉरवर्ड आकाशदीप, ललित उपाध्याय और निकिन थिमैया के लिए हमले को अभियान बनाकर आगे गेंद बढ़ाई।

भारत के फुलबैक रुपिंदर पाल सिंह और गुरजिंदर सिंह ने स्लैप शॉट और लंबे स्कूप का इस्तेमाल कर गेंद को नीदरलैंड के खतरनाक फॉरवर्ड रॉजिर हाफमैन, कप्तान रॉबर्ट वान डेर हॉर्स्ट और रॉबर्ट कैंपरमैन की पहुंच से बाहर रखने की कोशिश की। वीआर रघुनाथ फुलबैक की बजाय लेट हाफ के  रूप में गेंद को लेकर नीदरलैंड की डी में कई मौकों पर घुसे।

लिंकमैन दानिश मुज्तबा, ‘मैन ऑफ द’ मैच मनप्रीत सिंह और धर्मवीर ने अपने साथी फॉरवर्ड के लिए बराबर गेंद बढ़ाकर उन्हें हमले बोलने में मदद की। नीदरलैंड के हमले के समय पीछे आकर भारत की इस मध्य पंक्ति ने अपनी रक्षापंक्ति की मदद की। भारत ने अपने तेज हमलों से शुरू के दो क्वार्टर में नीदरलैंड के गोल पर दबाव बनाए रखा।

भारत को दूसरे क्वार्टर में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। भारत को बराबर दबाव बनाए रखना का लाभ मिला। गुरजिंदर के तेज लिक पर डी में खड़े एसवी सुनील ने गेंद को लिक कर गोल में डालकर भारत को तीसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में 1-0 से बढ़त दिला दी। इस गोल पर नीदरलैंड ने इसके खिलाफ रेफरल मांगकर इसे रद्द करने की अपील लेकिन फैसला उनके खिलाफ गया।

भारत ने दूसरे हाफ में श्रीजेश की जगह गोलकीपर के रूप मे हरजोत कोउतारा। नीदरलैंड को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। पहलेपेनल्टी  कॉर्नर पर मिंक वान वीरडेन के लिक को गोलकीपर श्रीजेश ने रोका लेकिन इसको ठीक से न रोक पाने पर अंपायर ने एक और पेनल्टी कॉर्नर दे दिया। इस पर मिंक ने श्रीजेश के दाएं से तेज लिक कर गेंद को गोल में डालकर नीदरलैंड को एक-एक की बराबरी दिला दी।

आखिरी स्‍थान पर रहा पाकिस्तान

Indian hockey team win after 18 years

पिछली पांच की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान को 3-0 से हराकर अपने पूल ‘ए’ में तीसरा स्थान पाया। पाकिस्तान की यंग टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू के दो क्वार्टर में बेहतरीन कलात्मक हॉकी की बानगी दिखाई लेकिन गोल के सामने जाकर चूकने की पुरानी कमजोरी के चलते वह गोल करने में नाकाम रहा। पाकिस्तान की टीम अपने पूल में हार की हैटट्रिक के साथ चौथे और आखिरी स्थान पर रही।

ऑस्ट्रेलिया के लिए उसके ड्रेग फ्लिकर जेरमी हेवर्ड ने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि जैकब व्हिटन ने एक गोल किया। ऑस्ट्रेलिया ने दो गोल खेल के आखिरी छह मिनट में दागे। ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन मैचों में एक हार, एक जीत और एक ड्रॉ के साथ चार अंक लेकर पूल ‘ए’ में तीसरे स्थान पर रही। उसका मुकाबला अब क्वार्टर फाइनल में पूल ‘बी’ में दूसरे स्थान पर रही अर्जेंटीना से होगा। अन्य मुकाबलों ने इंग्लैंड ने बेल्जियम को और अर्जेंटीना ने जर्मनी को शिकस्त दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed