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जीता हुआ मैच हाथ से निकालने वाली तीन गलतियां

Mon, 17 Feb 2014 05:50 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 17 Feb 2014 05:50 PM IST
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indian fielders dropped 3 catch of kiwi skipper

न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं और लगातार दूसरे मैच में उन्होंने दोहरा शतक लगाने का कारनामा कर दिखाया है। दाएं हाथ के बल्लेबाज मैकुलम ने करियर में तीसरी बार दोहरा शतक लगाया है और तीनों ही बार भारत के खिलाफ ही अपनी बड़ी पारियां खेली है।

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वह करियर में तीन दोहरा शतक लगाने के मामले में स्टीफन फ्लेमिंग के बाद न्यूजीलैंड के दूसरे बल्लेबाज बन भी गए हैं। टीम इंडिया के खिलाफ वह जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हैं और 10 मैचों में 70.76 की औसत से 1203 रन बना चुके हैं। वह दो मैचों की सीरीज में 500 से ज्यादा रन बनाने दुनिया के सिर्फ छठे बल्लेबाज भी बन गए हैं।
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वेलिंग्टन टेस्ट के चौथे दिन स्टंप्स के समय 281 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटने वाले मैकुलम अब अपने तिहरे शतक से महज 19 रन दूर हैं और वह ऐसा कर पाते हैं तो तीन सौ रनों का आंकड़ा पार करने वाले कीवी टीम के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। इससे पहले मार्टिन क्रो ने न्यूजीलैंड की ओर से सबसे बड़ी पारी खेली है। उन्होंने 1990-91 में श्रीलंका के खिलाफ 299 रन बनाए थे।

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टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी मैराथन पारी

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ब्रैंडन मैकुलम अपनी आतिशी पारी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस टेस्ट सीरीज में उन्होंने जिस अंदाज में बल्‍लेबाजी की है उससे उन्होंने खुद को टेस्‍ट बल्‍लेबाज के रूप में भी साबित किया है।

मैकुलम ने अपनी मैराथन पारी में अब तक 525 गेंदों का सामना कर चुके हैं। वह न्यूजीलैंड में टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने वाले पहले बल्‍लेबाज बन गए हैं। इससे पहले कीवी धरती पर 1977-78 में ऑकलैंड में इंग्लैंड के क्लाइव रेडली ने 524 गेंदों का सामना कर रिकॉर्ड बनाया था।

साथ ही मैकुलम ने इस पारी में अब तक लगभग 727 मिनट तक बल्‍लेबाजी कर चुके हैं जो न्यूजीलैंड के किसी बल्‍लेबाज की ओर से खेली गई सबसे लंबी पारी भी है। इससे पहले कीवी टीम के ग्लेन टनर ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 1971-72 में ब्रिजटाउन में 704 मिनट तक बल्‍लेबाजी की थी।

तीन गलतियों से हाथ से निकल गया मैच!

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टीम इंडिया के क्षेत्ररक्षकों का प्रदर्शन पूरी टेस्ट सीरीज में बेहद खराब रहा है। पहले टेस्ट मैच में मुरली विजय और शिखर धवन ने कई आसान कैच टपकाए थे। यही सिलसिला दूसरे टेस्ट में भी चला। दो मैचों की सीरीज में भारत 0-1 से पीछे था और उसे वापसी के लिए इस मैच में जीत हासिल करनी थी।

लेकिन दूसरे मैच में भी क्षेत्ररक्षकों ने भारतीय प्रशंसकों को निराश किया। वेलिंग्टन टेस्ट मैच की दूसरी पारी में न्यूजीलैंड ने अपने पांच विकेट महज 94 रन पर गंवा दिए थे, लेकिन बाद में विपक्षी कप्तान मैकुलम ने बीजे वॉटलिंग के साथ पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि मैकुलम सस्ते में ही पवेलियन लौट जाते अगर उन्हें तीन आसान जीवनदान नहीं मिलता।

मैकुलम को पहला जीवनदान तक मिला जब वह नौ रन पर खेल रहे थे। मोहम्मद शमी की गेंद पर स्लिप में विराट कोहली ने आसान जीवनदान दे दिया। इसके बाद इशांत शर्मा ने गेंदबाजी के दौरान खुद ही उनका एक कैच टपका दिया। वह उस समय 36 रन पर थे। भारत के खिलाफ बड़ी पारी खेलने वाले और 157 रन पर बल्‍लेबाजी कर रहे मैकुलम को एक और जीवनदान ‌शिखर धवन ने भी दे दिया। एक पारी में तीन जीवनदान का फायदा उठाते हुए इस बल्‍लेबाज ने ऐतिहासिक पारी खेल डाली और भारत जो इस मैच में जीत की ओर बढ़ रहा था उस पर हार का दबाव बना दिया।

कीवी बल्‍लेबाजों ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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महज 94 रन पर अपने शीर्ष स्तर के पांच बल्‍लेबाजों को गंवाने के बाद पारी की हार का संकट देखने वाली न्यूजीलैंड टीम के लिए कप्तान ब्रैंडन मैकुलम और विकेटकीपर-बल्‍लेबाज बीजे वॉटलिंग खेवनहार बनकर उभरे।

दोनों बल्‍लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास की और मनमा‌‌फिक अंदाज में रन बनाए। तीसरे दिन की चायकाल से पहले बनी इस जोड़ी ने चौथे दिन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए टीम को सुरक्षित ‌‌स्थिति में पहुंचा दिया। न्यूजीलैंड की इस मैच में अब 325 रनों की बढ़त हासिल हो चुकी है।

मैकुलम और वॉटलिंग ने छठे विकेट के लिए 352 रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले महेला जयवर्धने और प्रसन्‍ना जयवर्धने की श्रीलंकाई जोड़ी ने इस विकेट के लिए 351 रनों की साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया था और यह भी भारत के ही नाम था। नवंबर, 2009 में श्रीलंका ने अहमदाबाद में भारत के ‌खिलाफ रिकॉर्ड रचा था।

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