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गावस्कर से प्रेरणा लें भारतीय बल्लेबाज
अमर उजाला/नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Aug 2014 11:02 PM IST
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खराब दौर से गुजर रहे शीर्ष क्रम के भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बराबरी हासिल करने के लिए पांचवें और आखिरी टेस्ट में इसी ओवल मैदान में महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की खेली गई 221 रन की यादगार पारी से प्रेरणा लेनी होगी।
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टीम इंडिया इंग्लैंड से सीरीज तो अब नहीं जीत सकती लेकिन आखिरी टेस्ट में बराबरी हासिल करने की कोशिश जरूर कर सकती है। इस कोशिश के लिए मुरली विजय, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली को गावस्कर की उस महान पारी से प्रेरणा लेनी होगी जो उन्होंने 35 साल पहले ओवल के मैदान पर खेली थी।
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सीरीज का वह चौथा और आखिरी मैच था जो 1979 में खेला गया था। भारत के पास मैच जीतने का सुनहरा मौका था और गावस्कर ने यादगार पारी खेलते हुए भारत को जीत के करीब भी पहुंचा दिया था लेकिन भारत लक्ष्य से मात्र नौ रन दूर रह गया और मैच ड्रॉ रहा था।
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भारत को 438 रन का लक्ष्य मिला था। पहली पारी में मात्र 13 रन पर आउट होने वाले गावस्कर ने दूसरी पारी में चेतन चौहान (80) के साथ पहले विकेट के लिए 213 रन जोड़े। गावस्कर 21 चौकों की मदद से 221 रन बनाकर जब आउट हुए तो उस समय भारत का स्कोर 389 रन पहुंच चुका था।
लक्ष्य ज्यादा दूर नहीं था लेकिन शेष बल्लेबाज उसे हासिल नहीं कर पाए और भारत आठ विकेट पर 429 रन तक ही पहुंच सका और मैच ड्रॉ समाप्त हुआ। वह मैच इतना रोमांचक हो चुका था कि रेडियो पर कमेंट्री कर रहे एक कमेंटेटर ने कहा, ‘जिनका दिल कमजोर हो वे कृपया इस मैच की कमेंट्री न सुनें।’
गावस्कर की यह पारी मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है जो इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने विकेट पर टिके रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।