कीवी आक्रमण के सामने भारत के बल्लेबाज
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यूं तो पिछला साल टीम इंडिया के लिए बहुत शानदार रहा था लेकिन अंत में उस दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मिली हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी की टीम नई शुरुआत करना चाहेगी।
वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया के दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज गंवाने के कारण उसकी शीर्ष रैंकिंग और दूसरे पायदान पर मौजूद टीम के बीच फासला थोड़ा कम हुआ है। दोनों के बीच अब चार रेटिंग अंकों का ही फासला रह गया है। ऐसे में टीम इंडिया (120 रेटिंग अंक) की नजर नंबर वन पायदान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की होगी।
वनडे सीरीज में विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर की टीम न्यूजीलैंड से हारने की स्थिति में टीम इंडिया को अपनी नंबर एक की गद्दी गंवानी पडे़गी। भारत अपना पहला वनडे मैच में नेपियर में रविवार को खेलेगा।
बल्लेबाजी की तिकड़ी पर होगा दारोमदार
टीम इंडिया की बल्लेबाजी का दारोमदार एक बार फिर उसके शीर्ष तीन बल्लेबाजों शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली पर रहेगी।
पिछले साल इन तीनों बल्लेबाजों ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया था और एक बार फिर टीम को उनसे वैसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
मध्यक्रम में सुरेश रैना, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और आलराउंडर रवींद्र जडेजा पर टीम के स्कोर को आगे ले जाने का भार होगा। हालांकि कप्तान धोनी ने इसका खुलासा नहीं किया है कि चौथे नंबर पर कौन बल्लेबाजी करने आएगा।
भले ही टीम इंडिया एक हफ्ते पहले ही न्यूजीलैंड पहुंच गई हो लेकिन तीन खिलाडियों को छोड़कर न्यूजीलैंड में खेलने का अनुभव नहीं है ऐसे में युवाओं को वहां की परिस्थितियों से तारतम्य बिठाने में संघर्ष करना पड़ सकता है।
युवा ब्रिगेड पर है दाग धुलने का दबाव
दोनों टीमों की वनडे रैंकिंग में भले ही काफी अंतर है लेकिन महेंद्र सिंह धोनी को अच्छी तरह से मालूम हैं कि न्यूजीलैंड को उसी की सरजमीं पर हराना आसान नहीं होगा। भारत ने विदेशी धरती पर खेली गई अपनी पिछली वनडे सीरीज 2-0 से गंवाई थी।
जबकि मेजबान न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज 2-2 से ड्रॉ खेली थी। टीम इंडिया ने पिछले साल इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी, वेस्टइंडीज में त्रिकोणीय सीरीज और जिम्बाब्वे में द्विपक्षीय सीरीज 5-0 से जीती थी। इसके बाद घरेलू सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज को हराया था।
लेकिन जिस हिसाब से भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में लचर प्रदर्शन किया उससे उसकी खूब आलोचना हुई थी। धोनी की युवा ब्रिगेड पर खराब प्रदर्शन का दाग धोने का दबाव है। खासकर भारतीय बल्लेबाजों को।
हरियाली पिच का करना होगा सामना
पुराने दिग्गज बल्लेबाजों ने भी मेजबान टीम को सलाह दी है घास वाली पिच बनाई जाए।
हालांकि भारतीय टीम का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड में पिछले कुछ सालों में सुधरा है। भारत ने 2008-09 में न्यूजीलैंड में पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-1 से जीती थी। इसके बाद 2010-11 में टीम इंडिया ने घरेलू वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड का 5-0 से सफाया किया था।
गेंदबाजी में वरुण के आने से तेज हुई स्पीड
वरुण डेढ़ सौ किमी प्रति घंटा के हिसाब से गेंद फेंकने में सक्षम हैं। लेकिन नेपियर की तेज गेंदबाजों को मदद करने वाली पिच को देखते हुए कप्तान धोनी चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतर सकते हैं जबकि विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में आर अश्विन अंतिम एकादश में रहेंगे।
वहीं मेजबान होने के नाते न्यूजीलैंड को अपने वर्ल्ड रिकॉर्डधारी कोरी एंडरसन के अलावा कप्तान ब्रैंडन मैकुलम, जेसी राइडर, रोस टेलर, ल्यूक रोंची और मार्टिन गुप्तिल जैसे क्रिकेटरों पर खास उम्मीद होगी।