रहाणे को ऊपरी क्रम में खिलाते तो स्कोर और बेहतर होता!
दर्शकों से खचाखच भरे एडिलेड के ओवल स्टेडियम में रविवार को भारत ने विराट कोहली और रैना की शानदार पारियों की बदौलत पाकिस्तान के खिलाफ 300 रन बनाए। शीर्ष क्रम की उम्दा बल्लेबाजी के बाद भारत ने अपने मध्यक्रम में बदलाव किया, लेकिन टीम के लिए यह नुकसानदेह साबित हुआ।
रोहित शर्मा और शिखर धवन ने पारी की शुरुआत की। हालांकि शर्मा जल्द ही पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए कोहली ने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि भारत के लिए एक अच्छा स्कोर खड़ा करने में भी मदद की।
इस अहम मैच में महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा को ऊपरी क्रम में लाने का एक प्रयोग किया गया, लेकिन दोनों ही कुछ खास नहीं कर पाए। वहीं अंजिक्य रहाणे को निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया, जहां वो बिना खाते खोले पवेलियन लौट गए। रहाणे को ऊपरी क्रम में खिलाया जा सकता था। इसके पहले अभ्यास मैच में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था।
वहीं धोनी ने भी इस मैच में मौके को देखते हुए अपना क्रम बदलने का अहम फैसला किया। हालांकि एक तरह से धोनी का यह फैसला सही था क्योंकि उन्होंने अहम मौके पर कुछ उम्दा शॉट खेलते हुए भारतीय पारी में कुछ और रन जोड़े। धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में निचले क्रम में खेलते हुए खास कमाल नहीं दिखा पाए थे।
बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करना भारत को पड़ा भारी
भारत को अपनी मध्यक्रम की बल्लेबाजी में बदलाव करना काफी भारी पड़ा। 48 से 50 ओवर के बीच भारत ने जल्दी जल्दी तीन विकेट खो दिए और अंतिम पांच ओवरों में भारत ने बहुत कम रन बनाए।
45 ओवर में रैना और महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर थे और उस वक्त भारत का स्कोर 273 रन पर तीन विकेट था। इस वक्त तक लग रहा था कि भारत सवा तीन सौ के स्कोर तक आराम से पहुंच जाएगा। लेकिन भारत तीन सौ का लक्ष्य भी बमुश्किल से बना पाया।
जब भारत 296 रन के स्कोर पर था तब उस वक्त भारत ने लगातार तीन विकेट खोकर स्कोर बोर्ड पर विराम लगा दिया, अगर भारतीय टीम इन अंतिम ओवरों में अच्छा प्रदर्शन करती तो भारत पाकिस्तान को और मुश्किल लक्ष्य दे सकता था।