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अब बच्चे नहीं रहे, कब सुधरेंगे इशांत शर्मा?

Fri, 24 Jan 2014 01:51 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 24 Jan 2014 01:51 PM IST
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former indian crickters critcise to ishant sharma

कप्तान धोनी इशांत को मौका तो खूब दिया लेकिन वह फॉर्म में वापसी नहीं कर पा रहे हैं। पिछले सात वनडे मैचों में वह महज सात विकेट ही निकाल पाए हैं।

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इसमें पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन वनडे में 40 रन देकर चार विकेट हासिल किया था। जनवरी 2009 बाद यह उनका बेस्ट स्पेल था। लेकिन इसके अलावा वह पिछले साल लय में आने के लिए संघर्ष करते दिखे।
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अनुभवी गेंदबाज होने के नाते इंशात पर बढ़िया प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी है लेकिन वह टीम के सबसे लचर गेंदबाज साबित हो रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इंशात शर्मा अपनी गेंदबाजी में सुधार करते भी नहीं दिख रहे।

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अब नहीं दिखता बल्‍लेबाजों में इशांत का खौफ

former indian crickters critcise to ishant sharma

तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने मई 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्‍ट मैच खेलकर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत में उनकी गेंदबाजी बेहद शानदार रही थी लेकिन धीरे-धीरे उनका पैनापन गायब होता चला गया।

2007-08 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में जिस तरह से उन्होंने जबर्दस्त गेंदबाजी की थी उससे क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद बंधी थी कि छह फुट चार इंच लंबा यह तेज गेंदबाज टीम इंडिया की पेस बैटरी की कमान संभालेगा।

लेकिन जैसे-जैसे इशांत शर्मा का अनुभव बढ़ता गया इस तेज गेंदबाज की न सिर्फ स्पीड गिरती गई बल्कि बल्‍लेबाजों का उनका खौफ भी जाता रहा।

25 साल के इशांत शर्मा ने 53 टेस्ट मैच में 149 विकेट झटके हैं और इस दौरान वह महज तीन बार पांच या पांच से ज्याद विकेट ही ले पाए हैं। जबकि 72 वनडे में उन्होंने 102 विकेट हासिल किए ह‌ैं।

'बच्चे नहीं रहे कब सीखेंगे इशांत'

former indian crickters critcise to ishant sharma

कभी डेढ़ सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले तेज गेंदबाज इशांत शर्मा अब विपक्षी बल्‍लेबाजों पर दबाव नहीं बना पा रहे हैं।

उनकी गेंद पर जिस तरह से पुछल्‍ले बल्‍लेबाज भी जमकर रन बनाते हैं उससे नहीं लगता कि यह वह गेंदबाज है जिसने 50 से ज्यादा टेस्‍ट मैच खेले हैं। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटरों का भी कहना है कि वह जिस तरह से गेंदबाजी कर रहे हैं उससे अब उनकी टीम में जगह नहीं बनती है।

भारत के पूर्व कोच और टेस्ट क्रिकेटर मदन लाल ने कहा, "मैं नहीं जानता कि बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव है लेकिन इतना तय है कि इशांत ने सीखना बंद कर दिया है। अब वह किसी भी स्तर पर बच्चे नहीं रहे। वह 50 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और उन्हें आक्रमण करना चाहिए। उन्हें तेज गेंदबाजी आक्रमण में टीम का नेतृत्व करना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि टीम प्रबंधन के लिए यह सही समय है कि ईश्वर पांडे को मौका ‌दिया जाए। आपको ऐसे गेंदबाज शामिल करने चाहिए जो मैच जीता सके।"

'गेंदबाजी शैली में है ढेरों खामियां'

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तेज गेंदबाजी के कोच रहे टीए सेकर ने भी इशांत शर्मा की गेंदबाजी शैली की आलोचना की। सेकर ने कहा, "पहले तो उनकी गेंदबाजी शैली में ढेरों खामियां हैं। वह गेंद को डालने की तुलना में गेंदबाजी ज्यादा करते हैं। उनकी गेंद डालने की टाइमिंग गलत है।"

उन्होंने कहा, "इशांत अपनी कलाई ज्यादा नहीं उठाते और सीम के लिए अंगुलियों को घुमाना जरूरी है जो वह नहीं करते हैं।" सेकर के अनुसार वह अंगुलियों के बीच सीम नहीं बना पाते।

सेकर दो दशक से ज्यादा समय तक एमआरएफ पेस फाउंडेशन में डेनिस लिली के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली की गेंदबाजी एक्‍शन को सुधारा था।

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