{"_id":"52abdba187c3335fe315a8e4aff28dc5","slug":"fifa-hindi-news-amitabh-bachchan-fan-of-football","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए देर रात तक जगे बिग बी","category":{"title":"Sports Archives","title_hn":"खेल आर्काइव","slug":"sports-archives"}}
वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए देर रात तक जगे बिग बी
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 14 Jun 2014 01:29 PM IST
विज्ञापन
मेगास्टार अमिताभ बच्चन फुटबॉल के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। फुटबॉल के प्रति अपने जुनून के कारण ही अमिताभ बच्चन फीफा वर्ल्ड कप के पहले मैच को देखने के लिए देर रात तक जगे रहे।
विज्ञापन
71 वर्षीय अमिताभ ब्राजील और क्रोएशिया के बीच खेले जाने वाले मैच का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और उन्होंने यह स्वीकार किया कि इसके कारण वे शुक्रवार को शूटिंग पर देरी से पहुंचे।
विज्ञापन
अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा कि यह वर्ल्ड कप है। यह फीफा है और ये संगीत और नृत्य के लिए मशहूर ब्राजील है, जिसने खेल के क्षेत्र में विश्व के बेहतरीन और प्रतिभावान खिलाड़ी दिए हैं। यह अद्भुत है।
विज्ञापन
मुंहमांगी रकम देकर देखा का 1994 का फाइनल मैच
अमिताभ बच्चन ने लिखा कि ब्राजील और क्रोएशिया के बीच मैच का हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इन दिनों टेलीविजन सीरियल युद्ध के लिए काम कर रहे इस अभिनेता ने वर्ष 1994 वर्ल्ड कप के दौरान ब्राजील और इटली के बीच खेले गए फाइनल मैच की याद भी ताजा की।
उन्हें को ये मैच देखने की इतनी इच्छा थी कि वे बिना टिकट ही वहां पहुंच गए। कैसे भी कर के वह स्टेडियम में जाकर ये मैच देखना ही चाहते थे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप मैच के दौरान इटली और ब्राजील के बीच लॉस एंजेलिस में फाइनल मैच था और उन्होंने एक मिनट भी गंवाए बिना इस मैच को देखने का निर्णय कर लिया।
उन्होंने कहा कि मेरे पास न तो मैच की टिकट थी और न किसी होटल में आरक्षण था। मुझे यह मैच देखने का इतना जुनून था कि मैंने स्टेडियम में अंदर जाने के लिए सारे प्रयास किए। आखिरकार मुंहमांगी रकम देकर मैंने टिकट ली और महान बैगियो व रोमारियो के खेल को देखने और ब्राजील की जीत का गवाह बना।
उन्हें को ये मैच देखने की इतनी इच्छा थी कि वे बिना टिकट ही वहां पहुंच गए। कैसे भी कर के वह स्टेडियम में जाकर ये मैच देखना ही चाहते थे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप मैच के दौरान इटली और ब्राजील के बीच लॉस एंजेलिस में फाइनल मैच था और उन्होंने एक मिनट भी गंवाए बिना इस मैच को देखने का निर्णय कर लिया।
उन्होंने कहा कि मेरे पास न तो मैच की टिकट थी और न किसी होटल में आरक्षण था। मुझे यह मैच देखने का इतना जुनून था कि मैंने स्टेडियम में अंदर जाने के लिए सारे प्रयास किए। आखिरकार मुंहमांगी रकम देकर मैंने टिकट ली और महान बैगियो व रोमारियो के खेल को देखने और ब्राजील की जीत का गवाह बना।