कोच और कप्तान बचे, गाज गिरेगी खिलाड़ियों पर
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इंग्लैंड टीम के कोच एंडी फ्लॉवर ने साफ संकेत देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में टीम प्रबंधन कड़े फैसले करने जा रहा है। एक महीने पहले ही इंग्लैंड ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को एशेज सीरीज में 3-0 से शिकस्त दी थी इसलिए इंग्लिश टीम के खिलाड़ी ही नहीं बल्कि क्रिकेट पंडित और प्रशंसक भी ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली इस करारी हार स्तब्ध हैं।
चारों तरफ से हो रही आलोचना के बाद ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में इंग्लैंड टीम में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं जबकि कई बड़े नामों की छुट्टी होने जा रही है।
इंग्लिश खिलाड़ियों पर हावी हुआ एशेज का दबाव
एशेज सीरीज क्रिकेट जगत की सबसे मुश्किल सीरीजों में से एक है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सवा सौ साल से भी ज्यादा समय से यह सीरीज खेली जा रही है।
दोनों टीमों पर एशेज का दबाव हमेशा बना रहता है। लेकिन इस बार रिटर्न एशेज सीरीज का दबाव खिलाड़ियों पर किस कदर हावी हुआ इसका अंदाजा सीरीज के बीच में ही लग गया था जब टीम के स्टार बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट पहले टेस्ट मैच में मिली हार के बाद तनाव के कारण घर लौट गए थे।
वहीं, टीम के सबसे अनुभवी स्पिनर ग्रीम स्वान ने शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को ही अलविदा कह दिया। स्वान ने तीन मैचों में सिर्फ 07 विकेट लिए और 36 रन बनाए।
क्या केविन पीटरसन की होगी छुट्टी!
टीम के कोच एंडी फ्लॉवर ने हालांकि इस हार के लिए किसी एक खिलाड़ी पर अंगुली नहीं उठाई है लेकिन रिपोर्टों के आधार पर टीम के सबसे दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन पर बड़ा दबाव है।
104 टेस्ट मैचों में 47 की औसत रखने वाले पीटरसन इस सीरीज में 29.40 की मामूली औसत से सिर्फ 294 रन ही बना सके।
आखिरी टेस्ट मैच में तो पीटरसन पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में सिर्फ छह रन बनाकर आउट हो गए थे। विकेटकीपर मैट प्रायर के भविष्य पर भी सवालिया निशान लग गया है। सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें आखिरी दो टेस्ट मैचों से बाहर भी बैठना पड़ा था। इसके अलावा इयान बेल भी निशाने पर हैं जिन्होंने 26.11 की औसत से कुल 235 रन बनाए हैं।
नहीं जाएगी कुक की कप्तानी
कुक का प्रदर्शन भी इस सीरीज में बेहद खराब रहा और वह 24.60 की औसत से सिर्फ 246 रन ही बना सके। हालांकि उन्होंने इस सीरीज के चौथे टेस्ट में एक रिकॉर्ड भी बनाया था। वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज आठ हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
खुद भी नहीं देंगे अपने पद से इस्तीफा
फ्लॉवर ने आगे भी टीम का कोच बने रहने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा, "मैं अपने पद पर बना रहूंगा। मैं इंग्लैंड टीम का हिस्सा बनकर खुश हूं और पिछले काफी समय में टीम ने जो सफलता हासिल की है उस पर मुझे गर्व है। हमें इस सीरीज के परिणाम पर काफी दुख है।"
उन्होंने कहा, "यह किसी कड़वी दवाई की तरह है जिसे हमें निगलना होगा। लेकिन यही सच्चाई है कि इस सीरीज में हमारा पूरी तरह से सफाया हो गया है। हमने पहले काफी अच्छा समय देखा है लेकिन मौजूदा समय हमारे लिये अच्छा नहीं है। हमारी पूरी टीम ने मिलकर जिस तरह से इस स्थिति का सामना किया है हमें उस पर गर्व है लेकिन हमने जिस तरह से प्रदर्शन किया है उस पर हमें गर्व नहीं है। अब हमें इस दौरे के बारे में विस्तार से चर्चा करनी होगी और इसकी समीक्षा भी करनी होगी।"
कंगारुओं को मिली जमकर तारीफ
रिटर्न एशेज सीरीज में इंग्लैंड पर मिली शानदार जीत के बाद ऑस्ट्रेलियन मीडिया ने कप्तान माइकल क्लार्क एंड कंपनी की जमकर प्रशंसा की है।
‘द सिडनी डेली टेलीग्राफ’ ने लिखा, ‘137 साल के टेस्ट इतिहास में पहले कभी ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इतनी हानि पहुंचाई और पहली बार सीरीज में इंग्लिश टीम के 100 विकेट चटकाए।’
वहीं, ‘द ऑस्ट्रेलियन न्यूजपेपर’ में पीटर लालोर ने लिखा, "कुछ महीने पहले क्लार्क की टीम भारत से 0-4 और ऑस्ट्रेलिया से 0-3 से हारे। उन्होंने कोच को बाहर निकाला और किसी टेलीविजन टैलेंट कॉनटेस्ट से कही ज्यादा बल्लेबाजों और गेंदबाजों के ऑडिशन हुए। ऑस्ट्रेलियन टीम ने यह कारनामा स्थापित ओपनर क्रिस रोजर्स, पुनर्जीवित गेंदबाज मिचेल जॉनसन, दोबारा नियुक्त किए गए विकेटकीपर ब्रैड हैडिन और यह तरीका दोबारा खोजकर कि ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट किस तरह से खेली जाती है, के साथ किया।"