'कैप्टन कूल' को मिली 'मिस्टर कूल' से एक अनोखी सलाह!
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टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर लगातार चौथी टेस्ट सीरीज में हार का सामना किया है और पिछले 14 मैचों में 10 में हार मिली है, जबकि चार मैच ड्रॉ पर खत्म हुए।
न्यूजीलैंड के पूर्व महान बल्लेबाज मार्टिन क्रो ने भी महेंद्र सिंह धोनी को सलाह दी है कि अगर वह अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में खिताब बचाना चाहते हैं तो उन्हें टेस्ट टीम की कमान युवा बल्लेबाज विराट कोहली के हाथों में सौंप देनी चाहिए।
क्रो ने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि अगर भारत अगले वर्ल्ड कप में अपना खिताब सुरक्षित रखना चाहता है तो मेरे हिसाब से महेंद्र सिंह धोनी को कुछ जगहों पर कहीं न कहीं आराम की जरूरत है, इसमें खेलने से नहीं लेकिन वर्ल्ड कप में कप्तानी के वास्ते टेस्ट की कप्तानी छोड़ सकते हैं।"
न्यूजीलैंड के इस धाकड़ बल्लेबाज ने धोनी को शानदार क्रिकेटर बताया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार वह एक गिफ्टेड खिलाड़ी हैं। कोहली लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम इंडिया की अगुवाई के लिए तैयार दिखते हैं।
नहीं भूलेगी, जीवनभर याद रहेगी यह पारी
न्यूजीलैंड टेस्ट इतिहास का पहला तिहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज ब्रैंडन मैककुलम ने कहा कि वह अपनी इस 302 रन की पारी को ताउम्र याद रखेंगे।
कीवी कप्तान ने कहा, "हम जिस स्थिति में थे उसमें इस पारी की सख्त दरकार थी। हम निश्चित तौर पर मैच बचाने और सीरीज जीतने में पिछड़ रहे थे। ऐसे में हमने दबाव में कुछ साझेदारियां निभाई और लगातार अच्छी बल्लेबाजी की। इसलिए टीम को पहले मुसीबत से बाहर निकालना और फिर सीरीज जीतना काफी संतुष्टि भरा है।"
उन्होंने आगे कहा, "जब मैंने 300वां रन पूरा किया तो वह यादगार क्षण था और लगातार तालियां बजती रहीं। मैं इस पारी को ताउम्र याद रखूंगा। हालांकि मुझे मार्टिन क्रो का सर्वाधिक 299 रन का रिकॉर्ड तोड़ने पर थोड़ा अजीब लग रहा है।"
मैकुलम तिहरा शतक लगाने वाले न्यूजीलैंड के पहले बल्लेबाज और दुनिया के 24वें बल्लेबाज हैं। साथ ही मैकुलम ने अपने करियर में एक तिहरा तथा दो दोहरा शतक लगाया है और तीनों बड़ी पारियां भारत के ही खिलाफ खेली हैं।
धोनी ने किया टीम का बचाव
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतने से चूकने वाले और सीरीज 0-1 से हारने वाले भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच के बाद टीम का और खासतौर पर गेंदबाजों का बचाव किया।
धोनी ने कहा, "कुल मिलाकर यह अच्छा प्रदर्शन था। हमने यहां दक्षिण अफ्रीका दौरे से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया। हमने दिखाया कि हमारी टीम बेहद प्रतिभाशाली है। हमने यहां पहली पारी में अच्छी गेंदबाजी की।"
उन्होंने कहा, "दूसरी पारी में भी हमारी शुरुआत अच्छी रही लेकिन मैकुलम और बीजे वॉटलिंग ने तस्वीर बदल दी। हमने खराब गेंदबाजी नहीं की बल्कि उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की। दोनों ने दबाव का बखूबी सामना किया और गेंदबाजों के थकने के बाद तेजी से रन बटोरे।"
विदेशी धरती पर 14 टेस्ट मैच से अपनी पहली जीत का इंतजार कर रहे कप्तान धोनी ने कहा, "हमने ढाई दिन तक फील्डिंग की और मैं अपने गेंदबाजों की तारीफ करूंगा कि जिन्होंने इस चुनौती का सामना किया। उन्होंने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया लेकिन आखिरकार हमें इस नतीजे को स्वीकार करना पड़ेगा।"
क्या द्रविड़ की सलाह पर काम करेंगे धोनी!
महेंद्र सिंह धोनी की विदेशी धरती पर हार से भारतीय टीम का हर प्रशंसक बेहद नाराज है। हर कोई उन्हें सलाह दे रहा है कि कम से कम टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का पद छोड़ दें। पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ धोनी के टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी जारी रखने की बात से नाराज हैं। साथ ही सलाह भी दी कि अगर वह विदेशी धरती पर जीत हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें थोड़ा रिस्क लेना होगा।
'मिस्टर कूल' द्रविड़ ने कहा, "मैं समझता हूं कि उन्हें बहुत जल्द यह महसूस करना होगा कि अगर वह विदेशी धरती पर टेस्ट मैच में जीत हासिल करना चाहते हैं तो कुछ तो रिस्क उठाना ही पड़ेगा। उन्हें जीत के लिए चांस लेना ही पड़ेगा। विदेश में अगर आप को जीत हासिल करनी है तो कुछ रिस्क लेना होगा, कुछ जुआ खेलना होगा।"
टीम इंडिया की 'दीवार' कहे जाने वाले द्रविड़ ने कहा कि वह नाजुक मौकों पर रक्षात्मक हो जाते हैं और संभवतः अपनी गेंदबाजी आक्रमण पर ज्यादा विश्वास नहीं करते हैं।