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नहीं मिला 'भक्ति' का सहारा, हार के बाद धोनी पर लगा जुर्माना

Mon, 18 Aug 2014 02:55 PM IST
Updated Mon, 18 Aug 2014 02:55 PM IST
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Divine Intervention Didn't Save team India at Oval
ओवल के मैदान पर टीम इंडिया पिछली 43 सालों से एक भी टेस्ट मैच नहीं जीत सकी थी लेकिन इस बीच इसी मैदान पर कई मैच भारत ने ड्रॉ जरूर कराए थे।
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इस लिहाज से भारतीय टीम के पास ओवल टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका था। और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने इस मैच में अपने खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन से उम्मीद करने साथ ही ऊपरवाले से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन शायद ऊपरवाले ने धोनी की कोई मदद नहीं की।

दूसरी ओर, कप्तान धोनी के लिए भी यह मैच उनके विदेशी धरती पर हार के सिलसिले को रोक पाने में नाकाम साबित हुआ। इस मैच में हार से उन्हें दोहरा झटका लगा। पहले तो हार से टीम इंडिया ने सीरीज में वापसी का मौका गंवा दिया। अब उन पर और उनकी टीम पर जुर्माना भी लग गया है।
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टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में हनुमान चालिसा

Divine Intervention Didn't Save team India at Oval
इंग्लैंड में लगातार 2 मैचों में हार के बाद टीम इंडिया का आत्मविश्वास काफी टूट गया था। ऐसे में सीरीज के अंतिम मैच में टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए भगवान की भक्ति का सहारा लिया गया।

ओवल टेस्ट मैच के दौरान टीम इंडिया की ड्रेसिंग रूम में मोटे अक्षरों में हनुमान चालिसा के 2 दोहे दीवाल पर लगे हुए थे।

यह पूरा वाकया हुआ पांचवें टेस्ट मैच के तीसरे दिन। इस दिन मैच के दौरान कैमरे ने अचानक टीम इंडिया की ड्रेसिंग रूम में हनुमान चालिसा के दोहे को अपने कैमरा में दर्ज किया। लेकिन टीम का यह प्रयास भी काम नहीं आया क्योंकि उस दौरान इंग्लैंड की बल्‍लेबाजी जारी थी और जोई रुट ने शतक ठोक दिया।

रुट के पांचवें शतक की बदौलत इंग्लैंड 300 से पार पहुंचने में कामयाब रहा। बाद में पूरी टीम 486 रन बनाकर आउट हो गई। इसी दिन भारत स्टंप्स से पहले ऑलआउट हो गया। (फोटो-एनडीटीवी डॉट कॉम)

काफी धार्मिक क्रिकेटर माने जाते हैं धोनी-पुजारा

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यूं तो क्रिकेटरों और अंधविश्वास के बीच गहरा संबंध रहा है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को जब भी बल्‍लेबाजी के लिए मैदान पर आना होता था तो सबसे पहले वह बाएं पैर में पैड बांधते थे।

अंधविश्वास के अलावा टीम इंडिया में कप्तान धोनी और चेतेश्वर पुजारा ईश्वर भक्ति में सबसे ज्‍यादा विश्वास करने वाले क्रिकेटर हैं। धोनी ने 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के दिन ही अपने सिर के बाल हटवा दिए थे। इसके अलावा वह रांची में अपने घर के पास मंदिर में कई बार जाते रहे हैं।

सुरेश रैना और युवराज सिंह भी कई बार मंदिर और गुरुद्वारे जा चुके हैं। 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल मैच से पहले बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने कथित तौर पर अपनी टीम चेन्‍नई सुपर किंग्स को निर्देश दिया था कि टीम के ड्रेसिंग रूम में हनुमान चालिसा लगाई जाए।
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ड्रेसिंग रूम में हर सुबह बजता है हनुमान चालिसा

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2011 में टीम इंडिया के दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने के बाद उस समय के मैनेजर रंजीब बिस्वाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को भारतीय खिलाड़ियों की ईश्वर भक्ति के बारे में बताया था।

बिस्वाल ने बताया कि भारतीय खिलाड़ी बहुत ही धार्मिक और भगवान से डरते भी हैं। ड्रेसिंग रूम में हमेशा भजन और देशभक्ति गाने बजते रहते हैं। साथ ही खिलाड़ी जब मैदान पर उतरते हैं तो अपने साथ लकी चिन्ह जरूर ले जाते हैं।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप के दौरान हर दिन की शुरुआत ड्रेसिंग रूम में हनुमान चालिसा से होती है।

ओवल के ड्रेसिंग रूम में लगे हनुमान चालिसा के 2 दोहे
में संकट ते हनुमान छुडावै।
मन-क्रम वचन ध्‍यान जो लावै।।

और मनोरथ जो कोई पावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

धोनी, अन्य खिलाड़ियों की मैच फीस कटी

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दूसरी ओर, टीम इंडिया के टेस्ट सीरीज में करारी हार के बाद भी धोनी और उनके खिलाड़ियों का दुर्भाग्य पीछा नहीं छोड़ रहा। मैच के बाद अब उन पर भारी जुर्माना ठोक दिया गया है।

स्लो ओवर रेट के कारण धोनी पर मैच फीस का 60 फीसदी काट लिया गया है। साथ ही अन्य खिलाड़ियों की 30 फीसदी मैच काटी गई है। भारत ने निर्धारित समय से 3 ओवर कम डाले थे।

अब अगर एक साल के अंदर धोनी किसी टेस्ट मैच में स्लो ओवर कराने का दोषी पाए जाते हैं तो उन पर एक मैच का बैन लग जाएगा।

आईसीसी नियम के अनुसार, गेंदबाजी के दौरान जितने ओवर निर्धारित समय में कम फेंके जाते हैं उसमें 10-10 फीसदी के हिसाब से जुर्माना लगा दिया जाता है। एक ओवर कम डालने पर 10 फीसदी का जुर्माना लगता है। लेकिन टीम के हारने की सूरत में यह जुर्माना डबल हो जाता है।
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