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किस आधार पर युवराज का बचाव कर रहे हैं कप्तान धोनी!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 24 Mar 2014 06:42 PM IST
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टी-20 वर्ल्ड कप अपने रोमांच पर पहुंच गया है। लेकिन पहले टी-20 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह इस बार अपनी चमक बिखेर नहीं सके हैं।
अब युवराज पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अब भी उनके बचाव में आ गए हैं।
पिछले दो मैचों में युवराज का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है। बल्ले से तो आउट ऑफ फॉर्म हैं ही साथ ही आसान कैच भी टपका रहे हैं। लेकिन यह समझ से परे है कि धोनी किस आधार पर युवराज सिंह का बचाव कर रहे हैं।
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अब युवराज पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अब भी उनके बचाव में आ गए हैं।
पिछले दो मैचों में युवराज का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है। बल्ले से तो आउट ऑफ फॉर्म हैं ही साथ ही आसान कैच भी टपका रहे हैं। लेकिन यह समझ से परे है कि धोनी किस आधार पर युवराज सिंह का बचाव कर रहे हैं।
जोरदार अंदाज में वापसी करेगा यह क्रिकेटर
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विश्वास जताया है कि युवराज सिंह टी-20 वर्ल्ड कप के बाकी मैचों में शानदार प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि भारतीय कप्तान ने साथ ही स्वीकार किया कि युवराज इस समय दबाव में हैं और फॉर्म से जूझ रहे हैं। धोनी ने कहा, "युवराज टी-20 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से हैं लेकिन हां, आप कह सकते हैं कि अभी वह फॉर्म में नहीं हैं। वनडे क्रिकेट से बाहर किए जाने के बाद अगर आप टी-20 में वापसी करते हो तो वह वैसे भी आसान नहीं होता है।"
भारतीय कप्तान ने कहा, "लिहाजा उन पर कुछ दबाव है। कहना आसान है कि यह क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारूप है लेकिन जब टीम की किसी एक खिलाड़ी की बात होती है तो दबाव जरूर आ जाता है।"
हालांकि भारतीय कप्तान ने साथ ही स्वीकार किया कि युवराज इस समय दबाव में हैं और फॉर्म से जूझ रहे हैं। धोनी ने कहा, "युवराज टी-20 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से हैं लेकिन हां, आप कह सकते हैं कि अभी वह फॉर्म में नहीं हैं। वनडे क्रिकेट से बाहर किए जाने के बाद अगर आप टी-20 में वापसी करते हो तो वह वैसे भी आसान नहीं होता है।"
भारतीय कप्तान ने कहा, "लिहाजा उन पर कुछ दबाव है। कहना आसान है कि यह क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारूप है लेकिन जब टीम की किसी एक खिलाड़ी की बात होती है तो दबाव जरूर आ जाता है।"
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'युवराज को है मौके का इंतजार'
2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में छह छक्के लगाकर टीम को खिताब दिलाने वाले युवराज टूर्नामेंट में अब तक कोई कमाल नहीं कर सके हैं जबकि टीम के कई बल्लेबाज अब भी अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि कप्तान ने युवराज पर भरोसा जताते हुए कहा, "जो भी खिलाड़ी टीम में वापसी करता है उस पर काफी दबाव होता है और उन्हें लय में लौटने के लिए अभी कुछ और मैच खेलने पड़ेंगे।
धोनी ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह मैच में आगे अच्छा करेंगे। हम सभी जानते हैं कि वह एक मैच विनर हैं और वह अकेले दम पर ही मैच का रुख पूरी तरह से बदल सकते हैं। मुझे खुशी है कि हमें बीच में कुछ समय मिल गया है और इससे उन्हें लय में वापस लाने में मदद मिलेगी। इसके बाद वह एक खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरेंगे।"
हालांकि कप्तान ने युवराज पर भरोसा जताते हुए कहा, "जो भी खिलाड़ी टीम में वापसी करता है उस पर काफी दबाव होता है और उन्हें लय में लौटने के लिए अभी कुछ और मैच खेलने पड़ेंगे।
धोनी ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह मैच में आगे अच्छा करेंगे। हम सभी जानते हैं कि वह एक मैच विनर हैं और वह अकेले दम पर ही मैच का रुख पूरी तरह से बदल सकते हैं। मुझे खुशी है कि हमें बीच में कुछ समय मिल गया है और इससे उन्हें लय में वापस लाने में मदद मिलेगी। इसके बाद वह एक खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरेंगे।"
'हर बल्लेबाज को मौका मिले जरूरी नहीं'
भारतीय कप्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम को मिली सफलता पर खुशी जताने के साथ ही टीम में कई बल्लेबाजों को मौका नहीं दिए जाने के निर्णय का भी बचाव किया।
धोनी ने कहा, "हम अच्छा खेल रहे हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि सभी बल्लेबाजों को मौका मिल जाए। हमारे गेंदबाज बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और उनका अच्छी तरह से इस्तेमाल किया गया है।"
उन्होंने कहा, "इस समय जरूरी यह देखना है कि कौन टीम के लिए अहम है। गेंदबाजों का टेस्ट हुआ है लेकिन अभी तक सभी बल्लेबाजों को परखा नहीं गया है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी मैचों में उन्हें मौका दिया जाए।"
धोनी ने कहा, "हम अच्छा खेल रहे हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि सभी बल्लेबाजों को मौका मिल जाए। हमारे गेंदबाज बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और उनका अच्छी तरह से इस्तेमाल किया गया है।"
उन्होंने कहा, "इस समय जरूरी यह देखना है कि कौन टीम के लिए अहम है। गेंदबाजों का टेस्ट हुआ है लेकिन अभी तक सभी बल्लेबाजों को परखा नहीं गया है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी मैचों में उन्हें मौका दिया जाए।"
फिरकी गेंदबाजों ने बचाई रैना की चुनौती
गत चैंपियन वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी ने भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप टी-20 मैच में मिली हार के बाद कहा कि उनकी टीम के विस्फोटक बल्लेबाज भी भारतीय स्पिनरों को समझ नहीं पाए।
सैमी ने कहा, "हमारे बल्लेबाज स्पिनरों के सामने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। हमें उन्हें समझने में काफी देर लग गई। इसका श्रेय हमें भारतीय स्पिनरों को देना चाहिए जिन्होंने अपनी योजना को बेहतर ढंग से लागू किया।"
मैच से पहले सुरेश रैना ने कहा था कि विंडीज टीम के बल्लेबाज फिरकी गेंदबाज को खेलने में बेहद असमर्थ हैं।
सैमी ने कहा, "हमारे बल्लेबाज स्पिनरों के सामने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। हमें उन्हें समझने में काफी देर लग गई। इसका श्रेय हमें भारतीय स्पिनरों को देना चाहिए जिन्होंने अपनी योजना को बेहतर ढंग से लागू किया।"
मैच से पहले सुरेश रैना ने कहा था कि विंडीज टीम के बल्लेबाज फिरकी गेंदबाज को खेलने में बेहद असमर्थ हैं।
अधिकारियों की आलोचना से ब्रॉड पर लगा जुर्माना
दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान स्टुअर्ट ब्रॉड पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सार्वजनिक तौर पर अधिकारियों की आलोचना करने पर मैच फीस का 15 फीसदी जुर्माना लगाया गया है।
ब्रॉड पर बारिश के कारण मैच में डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर परिणाम घोषित किए जाने पर आलोचनात्मक टिप्पणी करने के बाद जुर्माना लगाया गया। उन पर मैदानी अंपायरों के साथ ही थर्ड अंपायर और फोर्थ अंपायर ने यह आरोप तय किए जिसे ब्रॉड ने स्वीकार कर लिया।
इंग्लिश कप्तान पर इस प्रस्तावित आरोप पर मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने अपनी सहमति जताते हुए कहा, "अंपायर ही ग्राउंड की फिटनेस तय करने के लिए फाइनल जज होते हैं। भले ही निर्णय काफी कठिन क्यों न हों अंपायर हमेशा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही सही निर्णय करते हैं। इसलिए सार्वजनिक तौर पर उनकी आलोचना करना खेल भावना के खिलाफ है।"
ब्रॉड पर बारिश के कारण मैच में डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर परिणाम घोषित किए जाने पर आलोचनात्मक टिप्पणी करने के बाद जुर्माना लगाया गया। उन पर मैदानी अंपायरों के साथ ही थर्ड अंपायर और फोर्थ अंपायर ने यह आरोप तय किए जिसे ब्रॉड ने स्वीकार कर लिया।
इंग्लिश कप्तान पर इस प्रस्तावित आरोप पर मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने अपनी सहमति जताते हुए कहा, "अंपायर ही ग्राउंड की फिटनेस तय करने के लिए फाइनल जज होते हैं। भले ही निर्णय काफी कठिन क्यों न हों अंपायर हमेशा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही सही निर्णय करते हैं। इसलिए सार्वजनिक तौर पर उनकी आलोचना करना खेल भावना के खिलाफ है।"