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एक जगह चमका धोनी का भाग्य, दूजी जगह चूक गया

Fri, 31 Jan 2014 06:57 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 31 Jan 2014 06:57 PM IST
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dhoni face worst defeat in his carrier

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जब पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलने न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखे थे तो उनके पास पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ देश का सबसे सफल वनडे कप्तान बनने का आसान लक्ष्य था। अजहरुद्दीन के रिकॉर्ड से आगे निकलने के लिए उन्हें सिर्फ तीन जीत चाहिए थे।

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लेकिन अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ने को कौन कहे, उनकी टीम को इस दौरे में एक भी जीत नहीं मिली। और तो और टीम इंडिया को पहली बार धोनी की अगुवाई में वनडे सीरीज में 0-4 से शर्मनाक क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
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इससे पहले चौथे वनडे में करारी हाथ के बाद टीम इंडिया ने वनडे रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर अपना कब्जा गंवा दिया। भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में चार मैच हारे हैं जबकि एक मैच टाई रहा है।

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विदेश में पिछले 10 मैचों में है पहली जीत का इंतजार

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धोनी यदि इस सीरीज में तीन मैच जीत जाते तो वह न केवल अपनी नंबर एक बादशाहत कायम रखते बल्कि अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़कर देश के सबसे सफल कप्तान भी बन जाते।

लेकिन कीवी टीम ने उनका यह मंसूबा पूरा नहीं होने दिया। अजहर ने अपनी कप्तानी में 174 मैचों में 90 जीते थे जबकि धोनी ने अब तक 159 मैचों में 88 में जीत दिलाई है।

इससे पहले भारत को दक्षिण अफ्रीका दौरे पर लगातार हार मिली थी। वहां पर भी टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई थी। भारत की ओवरऑल मामले में देखा जाए तो विदेशी धरती पर टीम को पिछले 10 मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। दक्षिण अफ्रीका में भारत दो मैचों की टेस्ट सीरीज 0-1 से हारा था।

साल 2014 में पहली जीत कब मिलेगी?

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किसी भी वर्ल्ड चैंपियन के लिए लंबे समय से जीत से महरूम होना पड़े तो यह उसके खिलाड़ियों के लिए इससे ज्यादा दुखदायी और कोई बात नहीं हो सकती है।

टीम इंडिया साल 2014 की शुरुआत में वर्ल्ड नंबर वन भी थी लेकिन तीन हफ्ते के अंदर वह अपना शीर्ष सिंहासन भी गंवा बैठी। नए साल का पहला महीना भी पूरा हो गया है लेकिन धोनी की टीम को अब तक अपनी पहली जीत का इंतजार है। जनवरी में भारत ने पांच वनडे मैच खेले और चार में हारे हैं, जबकि एक मैच पुछल्‍ले बल्‍लेबाजों के दम पर टाई कराया था।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 'द वॉल' राहुल द्रविड़ के 2007 के इंग्लैंड दौरे में नेटवेस्ट सीरीज में 3-4 की पराजय के साथ कप्तानी छोड़ने के बाद भारत के वनडे कप्तान बने थे और उन्होंने आस्ट्रेलिया को सात मैचों की घरेलू सीरीज में 4-2 से मात दी थी। इस सीरीज के बाद से धोनी का वनडे सीरीज में सबसे खराब प्रदर्शन 2011 के इंग्लैंड दौरे में पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की हार रहा था।

पर यहां किस्मत ने खूब दिया साथ

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ये अलग बात है कि महेंद्र सिंह धोनी को विदेशी धरती पर लगातार दूसरी सीरीज में भी एक जीत नसीब नहीं हुई है। रैंकिंग में सातवें नंबर की टीम न्यूजीलैंड ने भारत को भले ही 0-4 से धो दिया हो।

लेकिन एक मामला ऐसा है जिसमें धोनी की किस्मत ने उनका साथ इस सीरीज में कभी नहीं छूटा। और वो मामला है टॉस का।

कप्तान धोनी ने वनडे सीरीज के एक नहीं सभी पांचों मैच में टॉस जीता है, जिसमें चार बार उन्होंने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। तीसरे वनडे में मैच के टाई होने के अलावा अन्‍य सभी मैचों में टीम इंडिया ने हार का सामना किया है।

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