पहले t20 वर्ल्ड कप में छा गए थे युवराज सिंह
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तीन घंटे तक चलने वाले इस रोमांचक फॉरमेट के वर्ल्ड कप का काउंटडाउन अब शुरू हो गया है। 16 मार्च से 06 अप्रैल तक बांग्लादेश में शुरू होने वाले इस वर्ल्ड के पांचवें संस्करण में कुल 16 टीमों ने चैंपियन बनने के लिए अपनी कमर भी कस ली है।
गत चैंपियन वेस्टइंडीज के सामने अपने खिताब को बचाने की चुनौती है तो टीम इंडिया के सामने 2007 के बाद पहली बार सुपर-8 की बाधा पार करने की चुनौती है। अब देखना है कि 22 दिनों तक चलने वाले इस महासंग्राम में कौन सी टीम जीरो और कौन सी टीम हीरो साबित होती है।
दुनिया ने सुनी धोनी के युवा बिग्रेड की दहाड़
...और उसके बाद जो हुआ वो इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। धोनी की युवा ब्रिगेड ने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान जैसी बड़ी टीमों को पछाड़कर फाइनल में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में धोनी के धुरंधर छाए रहे और फाइनल में खिताब के लिए टीम इंडिया की टक्कर एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुई।
आखिरी ओवर तक चले इस रोमांचक मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को पांच रन से हराकर 24 साल बाद भारत को एक बार फिर विश्व चैंपियन बनाया। इस जीत के साथ ही भारत को धोनी के रूप विश्व क्रिकेट का सबसे सफल और महान कप्तान भी मिला जिसने बाद में टी-20 का सफर तय करते हुए वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी भारतीय टीम की कमान संभाली।
सुपरहिट रहा टी-20 का तड़का
इसे युवाओं का क्रिकेट कहा जाने लगा। शायद इसलिए सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे बड़े सितारों ने इस टूर्नामेंट में नहीं खेलने का फैसला किया और युवा भारतीय टीम को भेजने की वकालत थी। इस बीच टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए आईसीसी ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप आयोजित करने का फैसला किया जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका ने की।
टूर्नामेंट का यह संस्करण बेहद हिट रहा और इससे न सिर्फ क्रिकेट की लोकप्रियता में इजाफा हुआ बल्कि आईसीसी को वित्तीय फायदा भी हुआ।
बॉल आउट में भारत ने पाकिस्तान को हराया
इस टूर्नामेंट में मैच टाई होने की स्थिति में बॉल आउट का नियम था। इस नियम के तहत प्रत्येक टीम के पांच-पांच गेंदबाजों को बारी-बारी से स्टंप्स पर गेंद को हिट करना था। सबसे ज्यादा स्टंप्स पर गेंद हिट करने वाली टीम विजेता बनती।
14 सितंबर को खेले गए मैच में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया लीग मैच टूर्नामेंट का एकमात्र मैच था जिसका परिणाम बॉल आउट से निकला। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 141 रन बनाए जिसके जवाब में पाक ने सात विकेट पर इतना ही स्कोर बनाया।
बॉल आउट में भारतीय गेंदबाजों ने लगातार तीन गेंद स्टंप्स पर हिट की जबकि पाकिस्तान के शुरुआती तीनों गेंदबाज गेंद हिट करने से चूक गए और टीम मैच हार गई।
युवराज के लगातार छह छक्कों ने जमाया रंग
युवराज ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंदों पर लगातार छह छक्के जमाए। ब्रॉड का यह मैच उनका दूसरा ओवर था और उन्होंने पिछले ओवर में विपक्षी खिलाड़ियों की छींटाकशी के बाद ब्रॉड पर अपना निशाना साधा और ल्रगातार छह छक्के लगाए।
लगातार छह छक्कों के दम पर युवराज ने महज 12 गेंदों पर अर्धशतक जमाने का रिकॉर्ड बना दिया। युवी ने 16 गेंदों में तीन चौकों और सात छक्कों के साथ कुल 58 रन की पारी खेली। भारत ने 20 ओवर में चार विकेट पर 218 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड छह विकेट खोकर 200 रन ही बना पाया।
सेमीफाइनल में कंगारुओं को हराया था भारत ने
इस जीत में भी हीरो युवराज सिंह रहे थे और इस मैच में उन्होंने टूर्नामेंट का सबसे लंबा छक्का (119 मीटर) भी जमाया था।
वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया था। जीत के लिए 144 रनों का लक्ष्य का पीछा करने के बाद पाक ने यह 6 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
फाइनल में छाए इरफान पठान
03 : विकेट चार ओवर में 16 रन दिए इरफान और ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।
07 : मैच भारत ने कुल खेले। 5 जीते, 1 हारा, 1 बेनतीजा रहा।
227 : रन गौतम गंभीर ने भारत की ओर से सर्वाधिक बनाए।
12 : विकेट आरपी सिंह ने सर्वाधिक भारत की ओर से झटके।
12 : छक्के सर्वाधिक भारत की ओर से युवराज ने जड़े।