जीत कर लौट रहे इंग्लैंड के खिलाड़ियों का उड़ाया मजाक
बर्मिंघम में खेले गए मैच में भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए 17 रन चाहिए थे लेकिन क्रिस वोक्स के इस निर्णायक ओवर में धोनी 6 गेंदों पर सिर्फ 14 रन ही बना सके।
मैच के बाद धोनी की आलोचना इसलिए भी हो रही है क्योंकि अंतिम ओवर में 2 गेंदों पर उनके पास कम से कम एक-एक रन लेने का मौका था जिसे जानबूझकर गंवा दिया और उन्होंने ऐसा तब किया जब दूसरे छोर पर अंबाती रायडु खेल रहे थे। अंबाती फटाफट क्रिकेट के विशेषज्ञ बल्लेबाज माने जाते हैं।
'2 गेंदों पर बड़े शॉट का मौका गंवाया'
इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद धोनी ने कहा, "6 बॉल में 17 रन बनाना हमेशा मुश्किल होता है। मुझे पहली ही गेंद पर बाउंड्री मिली। दबाव था लेकिन 2 बॉल ऐसी थी जिस पर मैं हिट लगा सकता था। यह उन कुछ दिनों में से एक था जब मैं गेंद को मिडिल से हिट नहीं कर सका। गेंद मेरे बैट के निचले हिस्से में लगी।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह भार उठाना था और साथ ही जिम्मेदारी भी उठानी थी। दूसरे छोर पर हालांकि अंबाती रायडु था, लेकिन वह बल्लेबाजी करने थोड़ी ही देर पहले आया था। वह उनमें से नहीं है जो नंबर 6 या 7 पर बल्लेबाजी करने का आदी हो और सीधे हिट लगा सके।"
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "ऐसे में सभी गेंदों पर स्ट्राइक लेने का बेहतर विकल्प में मैं ही था, लेकिन मैं टीम को जीत नहीं दिला सका। मैंने ओवर शुरू होने से पहले ही सोच लिया था कि मैं मैच को समाप्त करने की कोशिश करूंगा। खुद को हौसला बढ़ाना महत्वपूर्ण होता है। अंबाती रायडु भी यह कर सकता था लेकिन यह मेरी ताकत थी और मुझे ही जिम्मेदारी उठानी थी।"
इस बीच धोनी ने डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी को लेकर एक बार फिर चिंता जाहिर की।
'कप्तान कुक को हटाने में बहुत देर हो गई'
जाइल्स ने कहा, "मैं उन्हें अब कप्तान बनाए रखता क्योंकि वर्ल्ड कप काफी नजदीक है। नेतृत्व के दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण है। इंग्लैंड को अब श्रीलंका में जाकर 7 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। वहां जीत दर्ज करना बहुत मुश्किल है इसलिए यदि दबाव बनता रहा और उनके खिलाफ आवाज उठती रही तो सीरीज के आखिर में उनकी स्थिति अस्थिर हो सकती हैं।"
इंग्लैंड में कई पूर्व खिलाड़ी लगातार यह मांग कर रहे हैं कि एलिस्टर कुक को वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया जाए।