ब्रिस्बेन टेस्टः ये तीन सच्चाई भारत को डाल सकती हैं मुश्किल में
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एडिलेड में मिली हार के बाद निराश भारतीय टीम को धोनी की वापसी ने भले ही सहारा दिया हो, लेकिन बिस्बेन की इस सच्चाई से भारतीय टीम में डर बना हुआ है। इस पिच पर आज तक भारत को फतह नहीं मिल पाई है। लिटिल मास्टर गावस्कर से लेकर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन भी ब्रिस्बेन में भारत को जीत नहीं दिला पाए हैं।
हालांकि युवा जोश से लबरेज भारतीय टीम के लिए यह काम असम्भव भी नहीं है। पूर्व भारतीय क्रिकेटरों का मानना हैं कि धोनी की कप्तानी वाली भारतीय युवा टीम कोई भी उलटफेर करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।
26 सालों से नहीं हारा ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए ब्रिस्बेन की पिच काफी लकी रही है। यहां एक तरफ भारत कोई मैच नहीं जीत पाया है, वहीं ऑस्ट्रेलिया पिछले 26 सालों से इस पिच पर हारा नहीं है। एडिलेड के मुकाबले ब्रिस्बेन टेस्ट के अधिक रोमांचकारी होने की उम्मीद है।
ब्रिस्बेन की पिच ऑस्ट्रलिया टीम की घरेलु पिच है। इसलिए उन्हें इस पिच का पूरा अनुभव है। उनके लिए ब्रिस्बेन में खेलना भारतीय टीम के मुकाबले आसान होगा। इसलिए भारतीय टीम को मजबूत रणनीति के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में उतरना होगा। धोनी की युवा ब्रिगेड को धैर्य का परिचय देते हुए मजबूत बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण के साथ सटीक लाइन लेंथ के साथ गेंदबाजी करने की जरुरत होगी।
ब्रिस्बेन में पहली बार उतरी है यह भारतीय टीम
बुधवार से शुरु हुए इस मैच की सबसे खास बात यह है कि मौजूदा भारतीय टीम के सभी सदस्यों के लिए यह पिच एकदम नई है। धोनी ब्रिगेड के लिए इस पिच पर खेलना आसान नहीं होगा। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के लगभग सभी खिलाड़ियों को इस पिच पर खेलने का पूरा अनुभव है।
यदि भारत ब्रिस्बेन का टेस्ट ऑस्ट्रेलिया से जीत लेती है, तो धोनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में खुद को आगे कर लेंगे। भारतीय टीम के लिए यह मैच एडिलेड में मिली हार का बदला ही नहीं अपनी साख को बनाए रखना भी होगा।