भुवी का ऐसा कारनामा, जिसे इंग्लैंड में कोई न कर पाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया पहली पारी में शुरुआत में लड़खड़ाने के बाद 295 रन बनाने में कामयाब रही, इसके बाद भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में गेंदबाजों ने मेजबान इंग्लैंड को भी बड़ी बढ़त लेने का मौका नहीं दिया और 319 रनों पर समेट दिया।
लेकिन इस मैच में भारत 78 साल पुराना कारनामा दोहराने का मौका गंवाने के बाद 28 साल बाद इस ऐतिहासिक मैदान पर जीत का स्वाद चख सकता है।
लॉर्ड्स में 158वें भारतीय गेंदबाज
ऐतिहासिक लॉर्ड्स में खेले जा रहे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की पहली पारी का एक विकेट भारत के पार्ट टाइम गेंदबाज को मिला। यह पार्ट टाइम गेंदबाज हैं मुरली विजय।
विजय ने मैच के दूसरे दिन टी-ब्रेक के बाद मोइन अली (32) को पगबाधा कराया। उनका यह विकेट बेहद शानदार रहा क्योंकि उन्होंने यह सफलता लॉर्ड्स में हासिल की थी।
वह क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर विकेट हासिल करने वाले 158वें भारतीय गेंदबाज बन गए।
इनमें से 21 गेंदबाज (मुरली विजय और विनय कुमार को छोड़कर) ऐसे हैं जिन्हें एक ही सफलता मिली। विजय के पास विकेटों की संख्या बढ़ाने का मौका है क्योंकि इंग्लैंड को अभी अपनी दूसरी पारी खेलनी है।
1936 का रिकॉर्ड दोहराने से चूका भारत
इस जोड़ी ने 10वें विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी कर न सिर्फ अपनी टीम को न सिर्फ बढ़त दिलाई बल्कि स्कोर 300 के पार भी पहुंचा दिया।
भारत ने 1936 में इसी मैदान पर पहले बल्लेबाजी करने के बाद इंग्लैंड से पहली पारी में बढ़त हासिल की थी। टीम इंडिया के पास उस उपलब्धि को दोहराने का अच्छा मौका था जब उसने इंग्लैंड के 9 विकेट 280 रन पर गिरा दिए थे लेकिन इंग्लैंड की पहली पारी 319 रन पर जाकर समाप्त हुई और भारत के हाथ से इतिहास बनाने का मौका छिटक गया।
टीम इंडिया ने 1936 में खेले गए टेस्ट में पहली पारी में 147 रन बनाने के बाद इंग्लैंड को 134 रन पर निपटा दिया था जिससे 13 रन की बढ़त हासिल हुई। इंग्लैंड ने मौजूदा टेस्ट में कल के 6 विकेट पर 219 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसकी पहली पारी 105.5 ओवर में 319 रन पर जाकर समाप्त हुई। भारत ने पहली पारी में 295 रन बनाए थे। इंग्लैंड को इस तरह 24 रन की बढ़त हासिल हो गई।
भुवी ने इंग्लैंड में रचा इतिहास
इससे पहले नॉटिंघम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भुवी ने पहली पारी में 5 विकेट चटकाए थे। इंग्लैंड को दूसरी पारी खेलने का मौका नहीं मिला।
नॉटिंघम के बाद लॉर्ड्स में भी भुवनेश्वर कुमार ने 5 विकेट झटकने का कारनामा दोहराया है। भुवनेश्वर भारत के ऐसे पहले गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने इंग्लैंड में लगातार दो पारियों में 5-5 विकेट झटके हैं।
इसके अलावा वह इंग्लैंड में 2 बार 5-5 विकेट झटकने वाले भारत के आठवें गेंदबाज बन गए हैं। साथ ही इस सीरीज से पहले टेस्ट में उनका रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं था जिसे सुधारने में जुटे भी हैं।
भुवनेश्वर ने इस सीरीज से पहले 11 पारियों में सिर्फ 9 विकेट ही झटके थे लेकिन इन दो पारियों में उन्होंने 11 विकेट झटक लिए हैं। इस तरह से 13 पारियों में उनके विकेटों की संख्या हो गई है 20।
सबसे सफल विकेटकीपर बने धोनी!
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड की पहली पारी में शीर्ष क्रम के तीनों विकेट हासिल करने में गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मदद की।
मतलब यह हुआ कि इंग्लैंड की पारी में॓ पहले तीन नंबर तक बल्लेबाजी करने आने वाले बल्लेबाजों को भुवी ने कैच आउट कराया और वह भी तीनों ही विकेटकीपर धोनी के हाथों।
मजेदार बात यह रही कि इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के चारों विकेट भुवी के खाते में गए लेकिन चौथे बल्लेबाज को रवींद्र जडेजा ने लपका।
साथ ही धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा कैच लपकने वाले विकेटकीपर बन गए हैं। उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में अब तक 56 कैच लपके हैं, जिसमें 52 कैच और 4 स्टंप है।