{"_id":"adc986d003c119cf9622b791a0d8f980","slug":"bedi-happy-with-performance-of-team-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने लाडलों के कारनामे से हैरान नहीं खुश हैं बेदी","category":{"title":"Sports Archives","title_hn":"खेल आर्काइव","slug":"sports-archives"}}
अपने लाडलों के कारनामे से हैरान नहीं खुश हैं बेदी
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 10 Dec 2014 09:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई को उसी के घर में हराना कोई आसान काम नहीं है। रणजी ट्रॉफी में खेलने वाला हर खिलाड़ी यही कहेगा, लेकिन यह काम उस टीम ने करके दिखाया है जिसके खिलाड़ियों पर कुदरत कहर बनकर टूट पड़ी। परवेज रसूल की अगुवाई में खेल रहे इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से हर कोई हैरान है, सिवाय एक शख्स के।
विज्ञापन
वह कोई और नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों में जीत का जज्बा भरने वाले और महान खब्बू स्पिनर बिशन सिंह बेदी हैं। पिछले साल तक जम्मू कश्मीर की टीम को बेदी के मार्गदर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बेदी एक लाइन में कहते हैं कि इन खिलाड़ियों में कूट-कूटकर नेचुरल टैलेंट भरा हुआ है। उन पर खुदा की रहमत है।
विज्ञापन
उन्होंने तो उनसे बस इतना ही कहा था कि उनके अंदर इतनी प्रतिभा है कि उन्हें सिर्फ भाग लेने के लिए नहीं खेलना है, जो अब तक वह करते आ रहे हैं। उन्हें लड़ना है, मुकाबला करना है। शायद दिग्गज बेदी के यही शब्द रसूूल एंड कंपनी के काम आ गए हैं।
विज्ञापन
बेदी कहते हैं कि वह मुंबई पर हासिल की गई जीत से बेहद खुश हैं। मुंबई को मुंबई में हराना बच्चों का खेल नहीं है। यह काम उन खिलाड़ियों ने करके दिखाया है जिनके पास तीन या चार दिवसीय क्रिकेट खेलने का कोई अनुभव ही नहीं है। बेदी खुलासा करते हैं कि ये खिलाड़ी जम्मू कश्मीर में सिर्फ और सिर्फ टी-20 क्रिकेट खेलते हैं। इसी क्रिकेट को खेलकर यह टीम रणजी ट्रॉफी में इस तरह का प्रदर्शन कर रही है।
बेदी के अनुसार जब वह इन खिलाड़ियों से जुड़े तो उनके मन में इनकी क्षमता को लेकर आ रहे सारे प्रश्न एक बार में ही हवा में उड़ गए। उन्हें लगा कि इन खिलाड़ियों में प्रतिभा अल्लाह की देन है। वहीं से उन्होंने इनमें सिर्फ विश्वास जगाने का काम किया। बेदी यह भी कहते हैं कि अगर इन खिलाड़ियों को जम्मू कश्मीर में वह सुविधाएं मिल जाएं जो दूसरे राज्यों को मिलती हैं तो ये खिलाड़ी वही कर सकते हैं जो देश के दूसरे हिस्से के खिलाड़ी कर रहे हैं।
जिस तरह इस राज्य में कुदरत ने कहर बरपाया और उसमें भी इन खिलाड़ियों ने इस तरह का प्रदर्शन किया, इसके लिए इन्हें सलाम करता हूं। इस जीत से जम्मू कश्मीर के क्रिकेट प्रशासकों को सबक लेने की जरूरत है। अगर यहां कुछ ठीक हो जाए तो यह टीम काफी कुछ कमाल करके दिखाएगी।