गर्लफ्रेंड और पत्नियों की वजह से फेल हो रही है टीम इंडिया?
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इंग्लैंड दौरे में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने फैसला लिया है अब से दौरे के वक्त किसी भी खिलाड़ी की गर्लफ्रेंड को साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
साथ ही इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि खिलाड़ियों कि पत्नियों को भी दौरे के वक्त अधिकतम कितने दिनों साथ रहने को मिलेगा।
इस मामले में बीसीसीआई का कहना है कि इंग्लैंड दौरा हमारे आंखे खोल देने वाला समय रहा। हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार खराब हो रहा है।
पत्नियों की वजह से मुश्किल
बीसीसीआई के अनुसार खिलाड़ी भी अपने खेल पर फोकस करना चाह रहे हैं लेकिन पत्नियों की वजह से अपने खेल पर ध्यान लगा पाना मुश्किल हो रहा है। कई खिलाड़ियों का कहना है कि जिस वक्त वे नेट प्रैक्टिस या जिम जाना चाहते हैं तब उन्हें कई बार पत्नियों के साथ शहर घूमना पड़ता है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कई खिलाड़ियों ने कहा है कि वे इस बारे में समय या कोई नियम तय करना चहाते हैं कि वे किसी टूर के समय पत्नियों के साथ कितना वक्त बिताएंगे।
अभी तक पत्नियों या गर्लफ्रेंड को साथ ले जाने के लिए खिलाड़ियों को बीसीसीआई से पहले अनुमति लेनी होती थी। जिसके बाद बीसीसीआई उनके रहने-ठहरने और स्टेडियम में बैठने की व्यवस्था करता था।
कब शुरू हुआ मामला
इंग्लैंड दौरे पर खिलाड़ियों के साथ उनकी प्रेमिकाओं के ठहरने का मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली ने अपनी प्रेमिका और बालीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को इंग्लैंड दौरे पर ठहरने के लिये कथिततौर पर बीसीसीआई से अपील की थी।
इस पर विराट को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ था।
इससे पहले आईपीएल के एक कार्यक्रम के दौरान भी विराट और अनुष्का के प्रेम संबंधों को लेकर खुलकर अभिनेता शाहरूख खान ने विराट की खींचातानी की थी।
BCCI सोचने को मजबूर
हालांकि खिलाड़ियों के निजी संबंधों को लेकर बीसीसीआई का कोई सरोकार नहीं रहा है लेकिन मौजूदा दौरे में टीम का प्रदर्शन और खासतारै पर विराट की खराब बल्लेबाजी ने बोर्ड को इस मुद्दे पर सोचने के लिये मजबूर कर दिया है।
बीसीसीआई ने मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर चेतेश्वर पुजारा, मुरली विजय, रविचंद्रन अश्विन, स्टुअर्ट बिन्नी और गौतम गंभीर को उनकी पत्नियों को ले जाने की अनुमति दी थी जिसके साथ विराट को भी उनकी प्रेमिका अनुष्का को ले जाने की अनुमति दे दी गई थी।
इन सभी खिलाड़ियों में मुरली विजय को छोड़कर अन्य सभी खिलाड़ियों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था। इससे पहले पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी दौरों पर खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता को लेकर सवाल उठा चुके हैं।