मैच कीवी से, पर कंगारुओ से 'खेल' रही टीम इंडिया
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इंग्लैंड को 10 मैचों में नौ में हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड को एकमात्र जीत पर्थ में खेले गए चौथे वनडे में मिली थी।
मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की वनडे सीरीज के चौथे मैच में इंग्लैंड के हाथों हार के बाद अपनी एक दिन पुरानी वनडे की शीर्ष रैंकिंग भारत के हाथों गंवा दी थी। लेकिन सीरीज के अंतिम मैच में जीत के साथ कंगारू टीम एक बार फिर नंबर वन की पोजिशन पर काबिज हो गई है।
अंतिम मैच में भी ढह गई इंग्लैंड की पारी
अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम ने सधी शुरुआत के बाद जल्दी-जल्दी दो विकेट गंवा दिए। जोई रुट ने दोहरे झटकों से टीम को उबारने की कोशिश करते हुए तीसरे विकेट के लिए कप्तान तथा ओपनर एलिस्टर कुक (39) के साथ 61 रनों की साझेदारी की।
कुक के जाने के बाद रुट ने फिर इयोन मोर्गन के साथ चौथे विकेट के लिए भी 64 रनों की उपयोगी साझेदारी की। लेकिन जोई रुट 86 गेंदों में 55 रन बनाने के बाद अपना विकेट गंवा बैठे। रुट जब आउट हुए उस समय इंग्लैंड जीत के बेहद करीब था और उसे अंतिम 12 ओवर में महज 60 रन और चाहिए थे। लेकिन रवि बोपारा (25) के बाद पुछल्ले बल्लेबाज बुरी तरह से नाकाम रहे।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों क्लिंट मैकॉय (3 विकेट), नाथन कटलर-निल (3 विकेट) और जेम्स फॉकनर (2 विकेट) ने जबर्दस्त गेंदबाजी करते हुए 49.2 ओवर में इंग्लैंड की पूरी टीम 212 रनों पर समेट दी।
पहले बल्लेबाजी का फैसला रास नहीं आया
ओपनर ऐरोन फिंच (7), शेन वॉटसन (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (8) सस्ते में ही पवेलियन लौट गए। हालांकि ऑस्ट्रेलिया को मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने सहारा दिया।
जॉर्ज बैली ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। जबकि शॉन मार्श ने 36, मैथ्यू वाडे 31 और जेम्स फॉकनर ने 27 रनों का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया ने संघर्ष करते हुए 50 ओवर में नौ विकेट पर 217 रन बनाए।