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कोहली नहीं, इस खास चीज ने दिलाई टीम इंडिया को जीत!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 06 Apr 2014 03:07 PM IST
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टीम इंडिया की दक्षिण अफ्रीका पर मिली जीत से जहां क्रिकेटप्रशंसक बेहद गदगद हैं वहीं इस मैच में भी कई दिलचस्प रिकॉर्ड बने।
यूं तो क्रिकेट के मैदान पर टीम इंडिया के जाबांज खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के सामने पानी भरते नजर आते हैं। लेकिन मीरपुर में टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में धोनी के धुरंधरों ने तो कमाल कर दिया।
शुरू में लग रहा है कि दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर भारत पर हावी हो जाएगा और टीम इंडिया फाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी लेकिन विराट कोहली की दिलकश पारी ने सबकुछ बदल कर रख दिया। इस मैच में कोहली की दमदार पारी के अलावा कई और नायाब बातें हुई जो पाठकों को खुश कर देगी।
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यूं तो क्रिकेट के मैदान पर टीम इंडिया के जाबांज खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के सामने पानी भरते नजर आते हैं। लेकिन मीरपुर में टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में धोनी के धुरंधरों ने तो कमाल कर दिया।
शुरू में लग रहा है कि दक्षिण अफ्रीका एक बार फिर भारत पर हावी हो जाएगा और टीम इंडिया फाइनल की रेस से बाहर हो जाएगी लेकिन विराट कोहली की दिलकश पारी ने सबकुछ बदल कर रख दिया। इस मैच में कोहली की दमदार पारी के अलावा कई और नायाब बातें हुई जो पाठकों को खुश कर देगी।
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भारत के हाथों टी-20 में SA की सबसे बड़ी हार
भारत जब 173 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो ऐसा लगा कि डेल स्टेन की अगुवाई में धारदार तेज गेंदबाजी आक्रमण के आगे भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आएंगे।
लेकिन विराट कोहली की नाबाद 72 रनों की पारी ने भारत को पांच गेंद शेष रहते 6 विकेट से शानदार जीत दिला दी। यह जीत टी-20 क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत भी है।
साथ ही ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब दक्षिण अफ्रीका ने 165 या 165 रनों से ज्यादा का लक्ष्य दिया और उसे बचा नहीं पाया। इससे पहले उसे सबसे बड़ी हार 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी जब वे 169 रनों का लक्ष्य बचा नहीं पाए थे।
लेकिन विराट कोहली की नाबाद 72 रनों की पारी ने भारत को पांच गेंद शेष रहते 6 विकेट से शानदार जीत दिला दी। यह जीत टी-20 क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी भी टीम की सबसे बड़ी जीत भी है।
साथ ही ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब दक्षिण अफ्रीका ने 165 या 165 रनों से ज्यादा का लक्ष्य दिया और उसे बचा नहीं पाया। इससे पहले उसे सबसे बड़ी हार 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी जब वे 169 रनों का लक्ष्य बचा नहीं पाए थे।
12 नॉकआउट मुकाबलों में 10वीं बार हारे
द्वीपक्षीय और त्रिकोणीय सीरीज में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन तो बेहद शानदार रहा है लेकिन जब बात आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स की आती है तो वह फिसड्डी साबित हो जाती है।
दक्षिण अफ्रीका की यह हार अब तक के उसके खेले 12 नॉकआउट मुकाबलों (सेमीफाइनल और फाइनल) में से 10वीं हार है। और यह नॉकआउट मुकाबले उस टूर्नामेंट्स के हैं जिसमें पांच या पांच से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया है।
अफ्रीकी टीम ने आखिरी बार 1998-99 में नॉकआउट मुकाबले में जीत हासिल की थी और वह मुकाबला था आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल। दक्षिण अफ्रीका ने उस मैच में वेस्ट इंडीज को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। साथ ही उसके खाते में यही एकमात्र आईसीसी ट्रॉफी भी है।
दक्षिण अफ्रीका की यह हार अब तक के उसके खेले 12 नॉकआउट मुकाबलों (सेमीफाइनल और फाइनल) में से 10वीं हार है। और यह नॉकआउट मुकाबले उस टूर्नामेंट्स के हैं जिसमें पांच या पांच से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया है।
अफ्रीकी टीम ने आखिरी बार 1998-99 में नॉकआउट मुकाबले में जीत हासिल की थी और वह मुकाबला था आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल। दक्षिण अफ्रीका ने उस मैच में वेस्ट इंडीज को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। साथ ही उसके खाते में यही एकमात्र आईसीसी ट्रॉफी भी है।
कोहली के करियर का 'सुपर सेवन'
विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में 44 गेंदों में नाबाद 72 रनों की मैच जीताऊ पारी खेली। यह उनके टी-20 करियर का सातवां पचासा है साथ ही लक्ष्य का पीछा करते हुए उनके बल्ले से निकली यह पांचवीं अर्धशतकीय पारी है।
कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए 82.66 की औसत से 496 रन बनाए। जबकि मुकाबले में टीम के पहले बल्लेबाजी करने के दौरान उन्होंने 13 पारियों में दो अर्धशतकों के साथ 333 रन बनाए हैं।
इसके साथ ही कोहली के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वह टी-20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बेहतरीन औसत के साथ 400 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद माइकल हसी का नंबर है जिनका औसत 52.62 के आसपास है।
कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए 82.66 की औसत से 496 रन बनाए। जबकि मुकाबले में टीम के पहले बल्लेबाजी करने के दौरान उन्होंने 13 पारियों में दो अर्धशतकों के साथ 333 रन बनाए हैं।
इसके साथ ही कोहली के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वह टी-20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बेहतरीन औसत के साथ 400 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद माइकल हसी का नंबर है जिनका औसत 52.62 के आसपास है।
सबसे कम बॉल खेलने का रिकॉर्ड
टीम इंडिया की रन मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 72 रनों की नाबाद पारी खेलने के दौरान कुल 44 गेंदें खेली और दिलचस्प बात यह रही कि इस दौरान वह सिर्फ तीन गेंदों पर ही रन नहीं बना पाए।
यह किसी भी मैच की एक पारी में 40 से ज्यादा गेंद खेलने वाले बल्लेबाज की ओर से सबसे कम डॉट बॉल खेलने का रिकॉर्ड है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज जेपी डुमिनी (41 गेंदों में नाबाद 69 रन ) के नाम दर्ज था जिन्होंने 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 40 से ज्यादा खेलने के दौरान पांच गेंदों पर रन नहीं बना सके थे।
यह किसी भी मैच की एक पारी में 40 से ज्यादा गेंद खेलने वाले बल्लेबाज की ओर से सबसे कम डॉट बॉल खेलने का रिकॉर्ड है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज जेपी डुमिनी (41 गेंदों में नाबाद 69 रन ) के नाम दर्ज था जिन्होंने 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 40 से ज्यादा खेलने के दौरान पांच गेंदों पर रन नहीं बना सके थे।
अमित के लिए अच्छा नहीं रहा यह मैच
कप्तान धोनी की उपेक्षा झेलने वाले फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला बेहद निराश करने वाला रहा।
हर बार की तरह इस बार भी धोनी ने उन्हें काफी देर से गेंद थमाया। अमित ने ऐसे समय गेंदबाजी शुरू की जब अफ्रीकी बल्लेबाज क्रीज पर जम चुके थे और तेजी से रन बनाने के मूड में आ गए थे। उन्होंने पहले ही ओवर में 17 रन दे दिए जो टी-20 करियर में उनका एक ओवर में बेहद खराब प्रदर्शन रहा।
साथ ही उन्होंने मैच के दौरान 36 रन दिए और एक भी विकेट झटक नहीं सके। अमित के करियर में ऐसा पहली बार हुआ है जब वह किसी मैच में विकेट झटक नहीं सके हैं। मिश्रा ने 6 टी-20 मैच में 10 विकेट झटके हैं।
हर बार की तरह इस बार भी धोनी ने उन्हें काफी देर से गेंद थमाया। अमित ने ऐसे समय गेंदबाजी शुरू की जब अफ्रीकी बल्लेबाज क्रीज पर जम चुके थे और तेजी से रन बनाने के मूड में आ गए थे। उन्होंने पहले ही ओवर में 17 रन दे दिए जो टी-20 करियर में उनका एक ओवर में बेहद खराब प्रदर्शन रहा।
साथ ही उन्होंने मैच के दौरान 36 रन दिए और एक भी विकेट झटक नहीं सके। अमित के करियर में ऐसा पहली बार हुआ है जब वह किसी मैच में विकेट झटक नहीं सके हैं। मिश्रा ने 6 टी-20 मैच में 10 विकेट झटके हैं।
अश्विन के 3 विकेट और तीनों कैरम बॉल से
दूसरी ओर, धोनी के खास गेंदबाज कहे जाने वाले आर अश्विन ने मैच में अपेक्षानुसार गेंदबाजी की और तीन विकेट झटके।
अश्विन ने अपनी तीन विकेटों में दो विकेट बल्लेबाज को बोल्ड कर हासिल की। अश्विन ने पहले हाशिम अमला को बोल्ड किया फिर फैफ डु प्लेसिस और एबी डीविलियर्स को भी अपना शिकार बनाया। तीनों बल्लेबाज टी-20 के खतरनाक खिलाड़ी हैं और अगर वह क्रीज पर बने रहते तो भारत के लिए स्थिति और मुश्किल हो जाती।
सबसे मजेदार बात यह रही कि अश्विन ने तीनों सफलता कैरम बॉल डालकर हासिल की। कैरम बॉल फिरकी गेंदबाजी का एक हिस्सा है और इसमें गेंदबाज गेंद को अंगूठे और बीच की अंगुली को मोड़कर फंसाता है और स्पिन कराता है।
अश्विन ने अपनी तीन विकेटों में दो विकेट बल्लेबाज को बोल्ड कर हासिल की। अश्विन ने पहले हाशिम अमला को बोल्ड किया फिर फैफ डु प्लेसिस और एबी डीविलियर्स को भी अपना शिकार बनाया। तीनों बल्लेबाज टी-20 के खतरनाक खिलाड़ी हैं और अगर वह क्रीज पर बने रहते तो भारत के लिए स्थिति और मुश्किल हो जाती।
सबसे मजेदार बात यह रही कि अश्विन ने तीनों सफलता कैरम बॉल डालकर हासिल की। कैरम बॉल फिरकी गेंदबाजी का एक हिस्सा है और इसमें गेंदबाज गेंद को अंगूठे और बीच की अंगुली को मोड़कर फंसाता है और स्पिन कराता है।