सात साल बाद जीता करियर का छठा बड़ा खिताब
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दो बार के पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन और दुनिया के 87वें नंबर के खिलाड़ी भारत के अरविंद भट ने सात साल का सूखा खत्म करते हुए योनेक्स जर्मन ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है।
मुल्हेम आन डेर रूर (जर्मनी) में अरविंद ने पुरुष सिंगल्स के खिताबी मुकाबले में 12वीं सीड डेनमार्क के हांस क्रिस्टियन विटिंग्स को तीन सेटों तक चले रोमांचक मैच में 24-22, 19-21, 21-11 से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
अरविंद यह टूर्नामेंट जीतने वाले देश के पहले खिलाड़ी हैं। एक घंटे तक चले इस कड़े मुकाबले में दुनिया के 87वें नंबर के खिलाड़ी अरविंद ने अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल किया और दूसरा सेट हारने के बावजूद जबरदस्त वापसी की।
अरविंद अपने करियर में पहली बार हांस के खिलाफ खेल रहे थे और दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। अरविंद ने मैच में जहां लगातार नौ अंक बटोरे तो हांस ने पांच अंक हाथ हासिल किए। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी कुल 64 अंक कमाए जबकि हांस ने 54 अंक अपने खाते में डाले।
विदेश में खिताबी जीत का लगाया 'छक्का'
भारतीय खिलाड़ी ने अभी तक करियर में छह अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते हैं जिसमें स्कॉटिश ओपन 2004 और चेक इंटरनेशनल 2007 शामिल हैं। अरविंद ने साल 2010 में गुआंगझु में खेले गये एशियन गेम्स में भी हिस्सा लिया था जबकि वह साल 2011 के सुदीरमन कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे।
मैच के पहले गेम में जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला जिसमें दोनों खिलाड़ी एक-एक अंक के लिए संघर्ष कर रहे थे। अरविंद ने गेम में 4-0 से बढ़त हासिल की लेकिन फिर भारतीय खिलाड़ी हाथ आए एकमात्र गेम अंक को भुनाने में कामयाब रहे और 24-22 के करीबी अंतर से उन्होंने पहला गेम जीत लिया।
दूसरा गेम भी दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी करीबी रहा और हांस ने दो गेम प्वांइट में से एक को भुनाकर 21-19 से गेम जीत कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया। तीसरे और निर्णायक गेम में अरविंद ने लगातार अंक लिए और इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अरविंद ने लगातार 11 प्वांइट लेकर स्कोर 21-11 पहुंचा दिया। इसी के साथ उन्होंने निर्णायक गेम और खिताब दोनों पर अपना कब्जा कर लिया।