बाहर हो गए तो क्या, अब भी सबसे सफल है टीम इंडिया
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भारत के नंबर वन आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अफगानिस्तान के खिलाफ बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। इस मैच में उन्होंने 30 रन देकर चार विकेट झटके तो एशिया कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
इससे पहले जडेजा का एशिया कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ 30 रन देकर तीन विकेट रहा है। शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह उनके करियर का नौंवां मैन ऑफ द मैच है।
टीम इंडिया के अन्य फिरकी गेंदबाज आर अश्विन ने भी टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और इस मैच में 31 रन देकर तीन विकेट झटका।
शिखर धवन की लकी फिफ्टी
साथ ही उन्होंने 60 रनों की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर की सातवीं अर्धशतकीय पारी रही और इनमें से उन्होंने जिन छह पारियों में अर्धशतक लगाए उसमें भारत को जीत मिली है।
इस टूर्नामेंट में धवन ने दो अर्धशतक लगाए हैं और 48 की औसत से 192 रन बनाए तथा एशिया कप 2014 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने।
गजब का संयोगः शुरू भी किया और अंत भी
अनुभवहीन अफगानिस्तान के आगे भारतीय गेंदबाजों ने बढ़िया गेंदबाजी की। हालांकि इस मैच में रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने आपस में सात विकेट लेकर अफगान टीम की हालत खराब कर दी।
अपने पहले दो ओवर में 23 रन देने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भारत को पहली सफलता दिलाई जो उनके वनडे करियर का 49वां विकेट था। इसके बाद अर्धशतक लगाने वाजे समीउल्लाह शेनवारी (50) का विकेट भी चटकाया। शमी के साथ एक अनोखा संयोग जुड़ा कि अफगानिस्तान की पारी का पहला और अंतिम विकेट शमी ने ही झटका।
शेनवारी को पगबाधा करने के साथ ही शमी ने अपने 29वें वनडे मैच में विकेटों का अर्धशतक पूरा कर लिया। शमी का करियर बेस्ट 50 रन पर चार विकेट हासिल करना रहा है।
जीत की औसत में काफी आगे है टीम इंडिया
भारत लगातार दूसरी बार एशिया कप के फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा है। लेकिन अब भी वह टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम बनी हुई है। फाइनल में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच मुकाबले से भारत के एशिया के इस सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट में उसके शानदार रिकॉर्ड का पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भारत को इस बार टूर्नामेंट में महज दो जीत मिली है।
वर्ल्ड चैँपियन टीम इंडिया ने रिकॉर्ड पांच बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है जबकि श्रीलंका चार बार चैंपियन बनी है। वहीं पाकिस्तान टीम महज दो बार ही इस खिताब को जीत सकी है।
लेकिन जीत के लिहाज से देखा जाए तो भारत अब भी अन्य टीमों से काफी आगे है। भारत ने एशिया कप में 43 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उसे 26 में जीत मिली और और 16 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हार-जीत का औसत देखा जाए तो टीम इंडिया की एशिया कप में सफलता का औसत 61.90 फीसदी बैठता है।