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सांसद सचिन तेंदुलकर के करियर से जुड़े 6 बड़े विवाद
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 24 Apr 2014 03:26 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सचिन तेंदुलकर का यह पहला जन्म दिन (24 अप्रैल) है। सचिन ने 24 साल के अपने बेमिसाल अंतरराष्ट्रीय करियर को पिछले साल 16 नवंबर को वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेलकर किया था।
40 वसंत देख चुके तेंदुलकर ने अपने दो दशक से ज्यादा चले अंतरराष्ट्रीय करियर में ढेरों रिकॉर्ड बनाए हैं। उनकी लाजवाब क्रिकेट के कारण प्रशंसकों ने उन्हें 'क्रिकेट के भगवान' का दर्जा तक दे डाला।
क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक तेंदुलकर की बल्लेबाजी पर कभी किसी को कोई संदेह नहीं रहा है। लेकिन मैदान के बाहर कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिनके कारण उनका नाम विवादों में भी रहा। आइए, जानते हैं मास्टर ब्लास्टर के करियर के दौरान जुड़े 6 विवादित बातें।
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40 वसंत देख चुके तेंदुलकर ने अपने दो दशक से ज्यादा चले अंतरराष्ट्रीय करियर में ढेरों रिकॉर्ड बनाए हैं। उनकी लाजवाब क्रिकेट के कारण प्रशंसकों ने उन्हें 'क्रिकेट के भगवान' का दर्जा तक दे डाला।
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क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक तेंदुलकर की बल्लेबाजी पर कभी किसी को कोई संदेह नहीं रहा है। लेकिन मैदान के बाहर कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिनके कारण उनका नाम विवादों में भी रहा। आइए, जानते हैं मास्टर ब्लास्टर के करियर के दौरान जुड़े 6 विवादित बातें।
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सचिन तेंदुलकर बनाम ग्रेग चैपल
सचिन तेंदुलकर का व्यवहार खेल के मैदान पर हमेशा से शालीन रहा है। किसी भी विवाद में उनका नाम नहीं लंबे समय तक नहीं खींचा।
उनके करियर का सबसे विवादित पल उस समय आया जब टीम इंडिया के तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल और टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच विवाद सामने आया। चैपल ने सौरव गांगुली, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग के अलावा तेंदुलकर पर आरोप लगाया कि वह टीम के लिए नहीं खेल रहे हैं।
चैपल के समय राहुल द्रविड़ भारत के कप्तान थे और बतौर कोच वह टीम में बैटिंग लाइनअप में तेंदुलकर को नीचे भेजना चाहते थे। तेंदुलकर इससे आहत हुए और उन्होंने कोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोई भी कोच मेरे एटीट्यूट पर सवाल नहीं उठा सकता। इस बयान के आने के कुछ घंटे के अंदर चैपल ने इस्तीफा दे दिया।
उनके करियर का सबसे विवादित पल उस समय आया जब टीम इंडिया के तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल और टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच विवाद सामने आया। चैपल ने सौरव गांगुली, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग के अलावा तेंदुलकर पर आरोप लगाया कि वह टीम के लिए नहीं खेल रहे हैं।
चैपल के समय राहुल द्रविड़ भारत के कप्तान थे और बतौर कोच वह टीम में बैटिंग लाइनअप में तेंदुलकर को नीचे भेजना चाहते थे। तेंदुलकर इससे आहत हुए और उन्होंने कोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोई भी कोच मेरे एटीट्यूट पर सवाल नहीं उठा सकता। इस बयान के आने के कुछ घंटे के अंदर चैपल ने इस्तीफा दे दिया।
सचिन तेंदुलकर Vs मैच फिक्सिंग
क्रिकेट के इतिहास में वर्ष 2000 बेहद खराब रहा। इस साल मैच फिक्सिंग का जिन्न पहली बार सबके सामने आया। मैच फिक्सिंग विवाद सामने आने के बाद पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा को क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया।
तेंदुलकर इस दौरान टीम इंडिया के अहम खिलाड़ी बन चुके थे लेकिन इस पूरे मसले पर वह चुप रहे और कुछ भी नहीं कहा। उनकी इस चुप्पी पर हमेशा आलोचना होती रही है। तेंदुलकर की चुप्पी पर पाक के पूर्व क्रिकेटर रशीद लतीफ ने तब कहा था कि सचिन से भी पूछताछ होनी चाहिए। वह सबकुछ जानते हैं।
बाद में एक इंटरव्यू में तेंदुलकर ने कहा कि वह इन सब चीजों से हमेशा दूर रहे हैं और देश जानता है कि वह कितने पाक-साफ हैं। उन्होंने लतीफ के आरोपों से भी इनकार किया और कहा कि यह सही नहीं है। वह नहीं जानते कि किसी के बयान पर कैसी प्रतिक्रिया करें।
तेंदुलकर इस दौरान टीम इंडिया के अहम खिलाड़ी बन चुके थे लेकिन इस पूरे मसले पर वह चुप रहे और कुछ भी नहीं कहा। उनकी इस चुप्पी पर हमेशा आलोचना होती रही है। तेंदुलकर की चुप्पी पर पाक के पूर्व क्रिकेटर रशीद लतीफ ने तब कहा था कि सचिन से भी पूछताछ होनी चाहिए। वह सबकुछ जानते हैं।
बाद में एक इंटरव्यू में तेंदुलकर ने कहा कि वह इन सब चीजों से हमेशा दूर रहे हैं और देश जानता है कि वह कितने पाक-साफ हैं। उन्होंने लतीफ के आरोपों से भी इनकार किया और कहा कि यह सही नहीं है। वह नहीं जानते कि किसी के बयान पर कैसी प्रतिक्रिया करें।
सचिन तेंदुलकर Vs स्पॉट फिक्सिंग
यूं तो सचिन तेंदुलकर का बल्ला मैदान पर तो खूब बोलता है लेकिन क्रिकेट में किसी भी विवाद या भ्रष्टाचार पर उन्होंने कभी भी खुल कर नहीं बोला है।
मैच फिक्सिंग में चुप्पी साधने वाले तेंदुलकर ने आईपीएल में छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण दुनिया के सामने आने के बाद भी कुछ नहीं कहा। हालांकि बाद में उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग पर अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
स्पॉट फिक्सिंग पर उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा दुख होता है जब मैं क्रिकेट में इस तरह की खबर सुनता हूं। पिछले दो हफ्ते मेरे लिए चौंकाने वाले और निराशाजनक रहे हैं।"
मैच फिक्सिंग में चुप्पी साधने वाले तेंदुलकर ने आईपीएल में छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण दुनिया के सामने आने के बाद भी कुछ नहीं कहा। हालांकि बाद में उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग पर अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
स्पॉट फिक्सिंग पर उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा दुख होता है जब मैं क्रिकेट में इस तरह की खबर सुनता हूं। पिछले दो हफ्ते मेरे लिए चौंकाने वाले और निराशाजनक रहे हैं।"
फेरारी कार पर टैक्स की छूट, बाद में बेच दी
सचिन तेंदुलकर को डॉन ब्रेडमैन के रिकॉर्ड 29वें टेस्ट शतक की बराबरी करने पर फिएट की ओर से 23 जुलाई, 2002 को फेरारी कार गिफ्ट की गई थी और इस कार को माइकल शुमाकर ने सचिन को यूरोप में भेंट की थी।
फेरारी-360 मोडेनो नाम की यह मॉडल जल्द ही राष्ट्रीय मुद्दा बन गया क्योंकि उन्होंने इस कार को अपने देश में लाने के लिए 120 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी चुकाने से रियायत मांगी थी। बाद में सरकार ने उन्हें यह रियायत भी दे दी। 1.13 करोड़ रुपए की छूट पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तेंदुलकर, वित्त मंत्रालय और खेल मंत्रालय को नोटिस भेज दिया। बाद में फिएट इंडिया ने इस टैक्स को चुकाया।
गजब तब हो गया जब तेंदुलकर ने इसी कार को कुछ साल बाद सूरत के एक व्यापारी को बेच दिया।
फेरारी-360 मोडेनो नाम की यह मॉडल जल्द ही राष्ट्रीय मुद्दा बन गया क्योंकि उन्होंने इस कार को अपने देश में लाने के लिए 120 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी चुकाने से रियायत मांगी थी। बाद में सरकार ने उन्हें यह रियायत भी दे दी। 1.13 करोड़ रुपए की छूट पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तेंदुलकर, वित्त मंत्रालय और खेल मंत्रालय को नोटिस भेज दिया। बाद में फिएट इंडिया ने इस टैक्स को चुकाया।
गजब तब हो गया जब तेंदुलकर ने इसी कार को कुछ साल बाद सूरत के एक व्यापारी को बेच दिया।
मंकीगेट कांड पर झूठ बोला था सचिन ने!
टीम इंडिया 2008 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी और शानदार प्रदर्शन कर रही थी। लेकिन सिडनी टेस्ट मैच के दौरान फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू सायमंडस के बीच मैदान पर विवाद हो गया जो उस समय मीडिया में खूब छाया रहा। विवाद इस कदर बढ़ा कि जारी सीरीज पर संकट तक आ गया।
बात जब जांच तक पहुंची तो सचिन तेंदुलकर ने जांच करने वाली समिति के सामने कहा कि हरभजन ने सायमंडस को कोई नस्लीय टिप्प्णी नहीं की थी। उनके इसी बयान के कारण ही हरभजन सिंह सजा से बच गए थे।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और तत्कालीन कंगारू कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना था कि तेंदुलकर ने हरभजन सिंह के बारे में झूठ बोला था जिससे भारतीय ऑफ स्पिनर सजा से बच गया।
बात जब जांच तक पहुंची तो सचिन तेंदुलकर ने जांच करने वाली समिति के सामने कहा कि हरभजन ने सायमंडस को कोई नस्लीय टिप्प्णी नहीं की थी। उनके इसी बयान के कारण ही हरभजन सिंह सजा से बच गए थे।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और तत्कालीन कंगारू कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना था कि तेंदुलकर ने हरभजन सिंह के बारे में झूठ बोला था जिससे भारतीय ऑफ स्पिनर सजा से बच गया।
द्रविड़-तेंदुलकर की दोस्ती पर आ गई दरार!
मैदान के अंदर और बाहर सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ बेहतर दोस्त माने जाते हैं। लेकिन एक समय ऐसा आया जब लगा कि दोनों के बीच दोस्ती टूट जाएगी।
2004 में टीम इंडिया पाकिस्तान के दौरे पर थी और उस समय टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ थे। पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट मैच में भारत की बल्लेबाजी के दौरान तेंदुलकर 194 रनों पर खेल रहे थे और वह दोहरे शतक से मात्र 6 रन दूर थे, लेकिन द्रविड़ ने अचानक भारतीय पारी घोषित कर दी।
तत्कालीन कोच जॉन राइट ने बताया कि इस फैसले से सचिन बेहद नाराज थे। बाद में सचिन ने कहा भी था, "मुझे 200 रन बनाने के लिए 3 या 4 ओवर की जरूरत थी। हमने चायकाल पर पारी की घोषणा के लिए बात की थी लेकिन ऐसे समय फैसला होगा मैं नहीं जानता।" बाद में द्रविड़ ने भी माना कि उनसे गलती हो गई थी।
2004 में टीम इंडिया पाकिस्तान के दौरे पर थी और उस समय टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ थे। पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट मैच में भारत की बल्लेबाजी के दौरान तेंदुलकर 194 रनों पर खेल रहे थे और वह दोहरे शतक से मात्र 6 रन दूर थे, लेकिन द्रविड़ ने अचानक भारतीय पारी घोषित कर दी।
तत्कालीन कोच जॉन राइट ने बताया कि इस फैसले से सचिन बेहद नाराज थे। बाद में सचिन ने कहा भी था, "मुझे 200 रन बनाने के लिए 3 या 4 ओवर की जरूरत थी। हमने चायकाल पर पारी की घोषणा के लिए बात की थी लेकिन ऐसे समय फैसला होगा मैं नहीं जानता।" बाद में द्रविड़ ने भी माना कि उनसे गलती हो गई थी।