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जानें, टीम इंडिया की करारी हार के 5 अहम कारण
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 31 Jul 2014 10:37 PM IST
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टीम इंडिया ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में शानदार शुरुआत की थी और तीसरे मैच में उतरने से पहले उसके पास 1-0 की बढ़त थी।
और भारत के पास साउथम्प्टन में तीसरे टेस्ट में जीत हासिल कर सीरीज में निर्णायक बढ़त बनाने का बेहतरीन मौका था। लेकिन शायद लॉर्ड्स में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न में डूबी भारतीय क्रिकेट टीम इस मैच के लिए पूरी तैयारी के साथ नहीं उतर सकी।
अधूरी तैयारी के अलावा और भी कई ऐसे कारण हैं जो टीम इंडिया की हार का सबब बने। आइए, जानते हैं भारत की इस मैच में 266 रनों से मिली हार के पीछे 5 अहम कारण कौन-कौन से हैं।
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और भारत के पास साउथम्प्टन में तीसरे टेस्ट में जीत हासिल कर सीरीज में निर्णायक बढ़त बनाने का बेहतरीन मौका था। लेकिन शायद लॉर्ड्स में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न में डूबी भारतीय क्रिकेट टीम इस मैच के लिए पूरी तैयारी के साथ नहीं उतर सकी।
अधूरी तैयारी के अलावा और भी कई ऐसे कारण हैं जो टीम इंडिया की हार का सबब बने। आइए, जानते हैं भारत की इस मैच में 266 रनों से मिली हार के पीछे 5 अहम कारण कौन-कौन से हैं।
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महंगा पड़ा जडेजा का कैप टपकाना
इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और भारत के पास शुरू में ही बड़ी सफलता हासिल करने का मौका था।
सीरीज में अब तक नाकाम रहे इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक जब पहली पारी में महज 15 रन पर खेल रहे थे तब नवोदित तेज गेंदबाज पंकज सिंह की गेंद पर थर्ड स्लिप में खड़े रवींद्र जडेजा ने आसान कैच टपका दिया।
इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए कुक ने पहली पारी में 95 रन बनाकर फॉर्म में वापसी का संकेत दिया। इसके बाद दूसरी पारी में भी तेजी से 70 रन बनाकर टीम इंडिया की योजना पर पानी फेर दिया। और अब तो कुक फॉर्म में लौट आए हैं और शेष मैचों में देखना होगा कि भारत उन्हें रोक पाता है या नहीं।
सीरीज में अब तक नाकाम रहे इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक जब पहली पारी में महज 15 रन पर खेल रहे थे तब नवोदित तेज गेंदबाज पंकज सिंह की गेंद पर थर्ड स्लिप में खड़े रवींद्र जडेजा ने आसान कैच टपका दिया।
इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए कुक ने पहली पारी में 95 रन बनाकर फॉर्म में वापसी का संकेत दिया। इसके बाद दूसरी पारी में भी तेजी से 70 रन बनाकर टीम इंडिया की योजना पर पानी फेर दिया। और अब तो कुक फॉर्म में लौट आए हैं और शेष मैचों में देखना होगा कि भारत उन्हें रोक पाता है या नहीं।
मुरली विजय का रन आउट होना अखर गया
टीम इंडिया की हार का दूसरा सबसे अहम कारण रहा निर्णायक मौके पर इन-फॉर्म बल्लेबाज मुरली विजय का रन आउट होना।
सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने इंग्लैंड के गेंदबाजों का जोरदार सामना करते हुए सीरीज में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।
टीम इंडिया जब तीसरे टेस्ट में 445 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी तो ऐसे में शीर्ष क्रम से एक बड़ी पारी की दरकार थी और ऐसा मुरली विजय ही कर सकते थे। वह दूसरी पारी में जिस तरह से खेल रहे थे उससे ऐसा लग भी रहा था कि वह टीम का तारणहार बनेंगे।
लेकिन 12 रन के निजी स्कोर पर वह एक रन को लेकर हुई गफलत में विजय रन आउट हो गए और आउट होने के बाद विकेटों के पतन का सिलसिला शुरू हो गया।
सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने इंग्लैंड के गेंदबाजों का जोरदार सामना करते हुए सीरीज में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।
टीम इंडिया जब तीसरे टेस्ट में 445 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी तो ऐसे में शीर्ष क्रम से एक बड़ी पारी की दरकार थी और ऐसा मुरली विजय ही कर सकते थे। वह दूसरी पारी में जिस तरह से खेल रहे थे उससे ऐसा लग भी रहा था कि वह टीम का तारणहार बनेंगे।
लेकिन 12 रन के निजी स्कोर पर वह एक रन को लेकर हुई गफलत में विजय रन आउट हो गए और आउट होने के बाद विकेटों के पतन का सिलसिला शुरू हो गया।
विराट कोहली का 'फ्लॉप शो' भी बना कारण
टीम इंडिया 30 साल बाद इंग्लैंड में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने आई तो सभी ने विराट कोहली पर बड़ा दांव लगाया कि वही टीम के खेवनहार बनेंगे।
लेकिन सचिन तेंदुलकर के क्रम चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आने वाले कोहली इस सीरीज में अब तक एक भी फिफ्टी नहीं जमा सके हैं।
साउथम्प्टन टेस्ट में कोहली ने पहली पारी में 39 और दूसरी पारी में 28 रन बनाए। उनके जैसे बल्लेबाज से इतनी छोटी पारी खेलना टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो सकता, लिहाजा भारत उनके खराब फॉर्म से जूझ रहा है।
लेकिन सचिन तेंदुलकर के क्रम चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आने वाले कोहली इस सीरीज में अब तक एक भी फिफ्टी नहीं जमा सके हैं।
साउथम्प्टन टेस्ट में कोहली ने पहली पारी में 39 और दूसरी पारी में 28 रन बनाए। उनके जैसे बल्लेबाज से इतनी छोटी पारी खेलना टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो सकता, लिहाजा भारत उनके खराब फॉर्म से जूझ रहा है।
इशांत का चोटिल होना था मैच से पहले का झटका
भारत को मैच से पहले तभी बड़ा झटका लग गया था जब लॉर्ड्स के हीरो इशांत शर्मा चोटिल होने के कारण इस मैच के लिए टीम में शामिल नहीं किए गए।
वह फॉर्म में लौट चुके थे और विपक्षी टीम के कप्तान एलिस्टर कुक को आठ बार आउट भी कर चुके थे ऐसे में वह टीम के लिए बड़ा हथियार बनते लेकिन मैच से बाहर होने के कारण भारतीय आक्रमण फीका साबित हुआ।
इशांत की जगह पंकज सिंह को टीम में शामिल किया गया लेकिन वह भी बुरी तरह से नाकाम रहे। पूरे मैच में 179 रन देने के बावजूद वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।
वह फॉर्म में लौट चुके थे और विपक्षी टीम के कप्तान एलिस्टर कुक को आठ बार आउट भी कर चुके थे ऐसे में वह टीम के लिए बड़ा हथियार बनते लेकिन मैच से बाहर होने के कारण भारतीय आक्रमण फीका साबित हुआ।
इशांत की जगह पंकज सिंह को टीम में शामिल किया गया लेकिन वह भी बुरी तरह से नाकाम रहे। पूरे मैच में 179 रन देने के बावजूद वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।
मोइन अली को कम आंकना
मैच के चौथे दिन टी-ब्रेक के बाद टीम इंडिया जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उसे किसी तरह चार सत्र निकालने थे लेकिन मैच को ड्रॉ कराने की योजना पर एक ऑफ स्पिनर ने पानी फेर दिया।
भारतीय बल्लेबाजी दूसरी पारी में तेज गेंदबाजी आक्रमण के आगे नहीं ढही बल्कि फिरकी आक्रमण के आगे नतमस्तक हो गई।
यह फिरकी गेंदबाज है मोइन अली। रिस्ट बैंड पर बैन से सुर्खियों में आए अली ने चौथे दिन का खेल खत्म होने से पहले चेतेश्चर पुजारा और विराट कोहली को पवेलियन की राह दिखा दी।
इसके बाद पांचवें दिन अली ने कमाल ही कर दिया और अच्छी लाइन के साथ गेंदबाजी की। हालांकि इस दौरान विकेट से स्पिनरों को कुछ मदद भी मिलने लगी थी।
अंतिम दिन उन्होंने लंच से पहले 4 और बल्लेबाजों को आउट कर टीम इंडिया को बड़ी हार के लिए मजबूर कर दिया।
भारतीय बल्लेबाजी दूसरी पारी में तेज गेंदबाजी आक्रमण के आगे नहीं ढही बल्कि फिरकी आक्रमण के आगे नतमस्तक हो गई।
यह फिरकी गेंदबाज है मोइन अली। रिस्ट बैंड पर बैन से सुर्खियों में आए अली ने चौथे दिन का खेल खत्म होने से पहले चेतेश्चर पुजारा और विराट कोहली को पवेलियन की राह दिखा दी।
इसके बाद पांचवें दिन अली ने कमाल ही कर दिया और अच्छी लाइन के साथ गेंदबाजी की। हालांकि इस दौरान विकेट से स्पिनरों को कुछ मदद भी मिलने लगी थी।
अंतिम दिन उन्होंने लंच से पहले 4 और बल्लेबाजों को आउट कर टीम इंडिया को बड़ी हार के लिए मजबूर कर दिया।