वर्ल्ड कप में भारत के 3 मैच और तीनों में 3 नायाब संयोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी को नहीं लग रहा था कि महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली यह टीम इंडिया इतना शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। भारत 2007 के बाद पहली बार अंतिम चार में जगह बनाने में कामयाब हुआ है।
भारत की बांग्लादेश पर आठ विकेट से मिली नायाब जीत वाले मुकाबले में भी कई दिलचस्प बातें हुईं।
मैन ऑफ द मैच के बाद अब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
कप्तान धोनी की अगुवाई में ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि अमित मिश्रा लगातार तीन मैचों में टीम में बने हुए हैं और आगे भी उनके टीम में बने रहने की उम्मीद है।
ऐसे में अमित इस मौके का फायदा उठाने का मौका नहीं गंवा रहे हैं। पिछले दो मैचों में शानदार प्रदर्शन के दम पर 'मैन ऑफ द मैच' का पुरस्कार पाने वाले अमित को तीसरे मैच में 10वें ओवर में गेंदबाजी का मौका मिला। इस लिहाज से वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने अंतिम ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 26 रन देकर तीन विकेट झटक लिए। टी-20 करियर में अमित की यह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।
छह में से चार अर्धशतक टी-20 वर्ल्ड कप से
बांग्लादेश के खिलाफ 57 रनों की नाबाद पारी खेलने वाले कोहली के टी-20 वर्ल्ड कप की यह दूसरी सबसे बड़ी पारी है। इससे पहले उन्होंने 2012 में कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ 61 गेंदों में 78 रनों की पारी खेली थी।
टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक जमा चुके विराट कोहली की टी-20 वर्ल्ड कप में यह चौथा अर्धशतक है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में वह कुल छह अर्धशतक जमा चुके हैं।
64 % से ज्यादा है वर्ल्ड कप में जीत का औसत
भारत ने इस साल पहली बार लगातार तीन जीत का स्वाद चखा है। इससे पहले उसे इस साल एक भी बड़ी जीत हासिल नहीं हुई थी। वर्ल्ड कप से पहले एशिया कप में सिर्फ बांग्लादेश और अफगानिस्तान को हरा सका था।
भारत के लिए जीत की लिहाज से टी-20 वर्ल्ड कप का इतिहास बेहद शानदार रहा है। उसने अपने 25 मैचों में 15 में जीत हासिल की है। जबकि आठ में भारत को हार मिली। एक मैच टाई रहा और एक का परिणाम नहीं निकला। इस लिहाज से भारत की जीत का औसत 64.58 फीसदी बनता है।
टीम इंडिया के तीन मैच और तीन गजब के संयोग
पहला, संयोग यह कि भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तीनों मैचों (पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज और बांग्लादेश) में टॉस जीता।
दूसरा, तीनों मैचों में अमित मिश्रा की गेंद पर विकेटकीपर धोनी ने एक-एक बल्लेबाज को स्टंप आउट किया।
तीसरा, टॉस जीतने के बाद धोनी ने तीनों मैचों में पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और मजेदार बात रही कि भारत ये मैच जीतने में सफल रहा।
वर्ल्ड कप के सबसे सफल बल्लेबाज बने रोहित
शिखर धवन के जाने के बाद रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ साझेदारी करते हुए अपने-अपने अर्धशतक लगाए थे। रोहित ने 44 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली। यह उनके टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में सातवां अर्धशतक है।
जहां तक टी-20 वर्ल्ड कप की बात है रोहित की इस टूर्नामेंट में यह छठी अर्धशतकीय पारी थी। रोहित वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के मामले में तीसरे स्थान पर आ गए हैं और अब वह क्रिस गेल (8) और महेला जयवर्धने (7) के रिकॉर्ड के करीब आ गए हैं।
वनडे में भले ही रोहित शर्मा का बल्ला खास नहीं कर पाता हो लेकिन टी-20 में वह बढ़िया बल्लेबाजी कर लेते हैं। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप में खेले अपनी 17 पारियों में 58.55 की औसत से 527 रन बनाए हैं। वह वर्ल्ड कप में 10 से ज्यादा पारियां खेलकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
रोहित और कोहली की जोड़ी के नाम रिकॉर्ड दर्ज
हाल के दिनों में रोहित का बल्ला बेहद रूठा हुआ था और बड़ा स्कोर नहीं कर पा रहे थे। लेकिन वर्ल्ड कप से वह से फॉर्म में लौट आए हैं और विराट कोहली के साथ लगातार दूसरे मैच में भी शतकीय साझेदारी की।
इस साझेदारी के साथ ही रोहित और कोहली टी-20 मैचों में लगातार दो शतकीय साझेदारी करने वाली दुनिया की पहली जोड़ी बन गई है। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए दोनों मैच में शतकीय साझेदारी की। इसके अलावा बांग्लादेश के खिलाफ भारत की ओर से पहली बार शतकीय साझेदारी की गई। भारत ने टी-20 में अब तक चार बार शतकीय साझेदारी की है।