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एशेज सीरीज की छह खास बातें
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 07 Jan 2014 01:53 PM IST
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सचिन तेंदुलकर अपने बल्ले से कमाल दिखाने के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन उन्होंने क्रिकेट से जुड़े एक अन्य मामले में भी दांव खेला जो पूरी तरह से सच रहा।
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टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपने पहले प्रेस कांफ्रेंस में जब सचिन तेंदुलकर से एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की संभावनाओं को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि अगर ऑस्ट्रेलिया को सीरीज जीतनी है तो फिर मिचेल जॉनसन को करिश्मा करना होगा।
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जॉनसन ने सचिन को सच साबित करते हुए यह कर दिखाया और सीरीज के पांच मैचों में से तीन में ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। साथ ही जॉनसन ‘मैन ऑफ द सीरीज’ भी चुने गए। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हुए जॉनसन ने कुल 37 विकेट भी झटके।
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महज 543 गेंदों में खोए 20 विकेट
रिटर्न एशेज सीरीज में इंग्लैंड का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। उसके बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की तेज पिच पर रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
बल्लेबाजों के खराब बल्लेबाजी के कारण इंग्लैंड को सीरीज 5-0 से गंवानी पड़ी। इंग्लैंड को तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
सिडनी में खेले गए सीरीज के पांचवें मैच में इंग्लैंड की टीम महज 543 गेंद ही खेल सकी। ओवर के लिहाज से देखा जाए तो इंग्लैंड ने दोनों पारियों में कुल 90.3 ओवर खेले। मजेदार बात यह रही कि इंग्लैंड ने तीन दिन तक चले मैच में तीनों दिन बल्लेबाजी की और 20 विकेट खो दिए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 58.5 ओवर में 155 रन बनाकर आउट हो गई थी जबकि दूसरी पारी में 31.4 ओवर में 166 रन बनाकर आउट हो गई। किसी टेस्ट मैच में इंग्लैंड का यह दूसरा सबसे खराब खेल है। इससे पहले इंग्लिश टीम 1986 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 530 गेंदें ही खेल सकी थी।
बल्लेबाजों के खराब बल्लेबाजी के कारण इंग्लैंड को सीरीज 5-0 से गंवानी पड़ी। इंग्लैंड को तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
सिडनी में खेले गए सीरीज के पांचवें मैच में इंग्लैंड की टीम महज 543 गेंद ही खेल सकी। ओवर के लिहाज से देखा जाए तो इंग्लैंड ने दोनों पारियों में कुल 90.3 ओवर खेले। मजेदार बात यह रही कि इंग्लैंड ने तीन दिन तक चले मैच में तीनों दिन बल्लेबाजी की और 20 विकेट खो दिए।
इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 58.5 ओवर में 155 रन बनाकर आउट हो गई थी जबकि दूसरी पारी में 31.4 ओवर में 166 रन बनाकर आउट हो गई। किसी टेस्ट मैच में इंग्लैंड का यह दूसरा सबसे खराब खेल है। इससे पहले इंग्लिश टीम 1986 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 530 गेंदें ही खेल सकी थी।
लगातार पांच मैचों में रही वही टीम
रिटर्न एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा पहले ही टेस्ट मैच से दिखा। और उसके खिलाड़ियों ने जिस तरह से इंग्लैंड के खिलाफ खेल दिखाया उससे चयनकर्ताओं को टीम में बदलाव करने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने अपने एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। यहां तक तेज गेंदबाज रेयान हैरिस ने भी एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बना लिया।
हैरिस अपने 21 टेस्ट मैचों की करियर में पहली बार लगातार तीन टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले वह एक-दो मैच खेलकर अनफिट हो जाते थे और उन्हें अगले मैच से बाहर होना पड़ता था।
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने अपने एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। यहां तक तेज गेंदबाज रेयान हैरिस ने भी एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बना लिया।
हैरिस अपने 21 टेस्ट मैचों की करियर में पहली बार लगातार तीन टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले वह एक-दो मैच खेलकर अनफिट हो जाते थे और उन्हें अगले मैच से बाहर होना पड़ता था।
टीम के खराब खेल पर भड़के कैप्टन कुक
इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने शर्मनाक हार के बाद स्वीकार किया कि इस हार ने उनकी टीम को रसातल में पहुंचा दिया है।
उन्होंने कहा, "जब आप रसातल में चले जाते हैं तो आपके पास ऊपर चढ़ने का ही एकमात्र रास्ता रह जाता है। 2006-07 में यही हुआ था और फिर उसके बाद टीम उबरने में कामयाब रही। हमें फिर से आत्ममंथन करना होगा कि हम कहां जाना चाहते हैं। हमारी टीम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन हम इन पांच मैचों में उस प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर सके।"
कुक ने कहा, "इस स्थिति से बाहर आने के लिए ड्रेसिंग रूम में हमें बहुत साहस दिखाने की जरूरत है। हमारे लिए यह सोचना बेहद दुखद है कि हम पांचों मैचों में बुरी तरह परास्त हुए। एक खिलाड़ी के लिए इस बात को पचा पाना सबसे मुश्किल होता है।"
उन्होंने कहा, "जब आप रसातल में चले जाते हैं तो आपके पास ऊपर चढ़ने का ही एकमात्र रास्ता रह जाता है। 2006-07 में यही हुआ था और फिर उसके बाद टीम उबरने में कामयाब रही। हमें फिर से आत्ममंथन करना होगा कि हम कहां जाना चाहते हैं। हमारी टीम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन हम इन पांच मैचों में उस प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर सके।"
कुक ने कहा, "इस स्थिति से बाहर आने के लिए ड्रेसिंग रूम में हमें बहुत साहस दिखाने की जरूरत है। हमारे लिए यह सोचना बेहद दुखद है कि हम पांचों मैचों में बुरी तरह परास्त हुए। एक खिलाड़ी के लिए इस बात को पचा पाना सबसे मुश्किल होता है।"
कंगारुओं के पलटवार से खुश हैं क्लार्क
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने सीरीज में इंग्लैंड का सफाया करने के बाद कहा कि पिछले साल लगातार तीसरी बार यह प्रतिष्ठित सीरीज गंवाने के बाद उन्हें इतनी बड़ी जीत की उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए एक विशेष क्षण है। इंग्लैंड में पिछले वाले 0-3 से एशेज सीरीज गंवाने के बाद हमने इतनी बड़ी जीत की उम्मीद नहीं की थी लेकिन मैंने तब कहा था कि हम पर्दे के पीछे जो कुछ प्रयास कर रहे हैं उसका इनाम हमें जरूर मिलेगा।"
क्लार्क ने कहा, "हमारे गेंदबाजों ने पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज शुरू होने से पहले हमने उनसे कहा था कि हमारा गेंदबाजी आक्रमण दुनिया में सबसे बेहतरीन है और उन्होंने इस बात को गांठ बांध लिया। उन्होंने सीरीज में इस बात को साबित भी कर दिया।"
उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए एक विशेष क्षण है। इंग्लैंड में पिछले वाले 0-3 से एशेज सीरीज गंवाने के बाद हमने इतनी बड़ी जीत की उम्मीद नहीं की थी लेकिन मैंने तब कहा था कि हम पर्दे के पीछे जो कुछ प्रयास कर रहे हैं उसका इनाम हमें जरूर मिलेगा।"
क्लार्क ने कहा, "हमारे गेंदबाजों ने पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज शुरू होने से पहले हमने उनसे कहा था कि हमारा गेंदबाजी आक्रमण दुनिया में सबसे बेहतरीन है और उन्होंने इस बात को गांठ बांध लिया। उन्होंने सीरीज में इस बात को साबित भी कर दिया।"
रैंकिंग में इंग्लैंड और पाकिस्तान को पछाड़ा
इंग्लैंड का एशेज टेस्ट सीरीज में सफाया करने का फायदा ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट रैंकिंग में भी मिला और वह दो पायदान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर आ गया है।
हालांकि टीम इंडिया अपना दूसरा स्थान बचाने में सफल रही है। सीरीज में 5-0 से जीत हासिल करने के बाद ऑस्ट्रेलिया को मौजूदा रैंकिंग में 10 रेटिंग अंकों का फायदा हुआ और वह 111 अंकों के साथ इंग्लैंड और पाकिस्तान को पीछे छोड़ा।
एशेज सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के 101 रेटिंग अंक थे। दूसरी ओर, इंग्लैंड को इस हार के बाद नौ अंकों का नुकसान उठाना पड़ा और वह 107 अंकों के साथ एक स्थान फिसलकर चौथे पायदान पर आ गया है।
133 अंकों के साथ दक्षिण अफ्रीका अभी भी शीर्ष पर मौजूद है जबकि भारत के खाते में 117 अंक हैं।
हालांकि टीम इंडिया अपना दूसरा स्थान बचाने में सफल रही है। सीरीज में 5-0 से जीत हासिल करने के बाद ऑस्ट्रेलिया को मौजूदा रैंकिंग में 10 रेटिंग अंकों का फायदा हुआ और वह 111 अंकों के साथ इंग्लैंड और पाकिस्तान को पीछे छोड़ा।
एशेज सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया के 101 रेटिंग अंक थे। दूसरी ओर, इंग्लैंड को इस हार के बाद नौ अंकों का नुकसान उठाना पड़ा और वह 107 अंकों के साथ एक स्थान फिसलकर चौथे पायदान पर आ गया है।
133 अंकों के साथ दक्षिण अफ्रीका अभी भी शीर्ष पर मौजूद है जबकि भारत के खाते में 117 अंक हैं।