हार्ट अटैक और स्ट्रोक का पता लगाएगा आपका ‘टूथपेस्ट’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हृदयाघात और लकवे के परीक्षण पर अब बहुत अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं रहेगी। वैज्ञानिकों ने टूथपेस्ट में पाए जाने वाले कॉमन तत्व के उपयोग से ऐसी तकनीक खोज ली है जो बहुत सस्ते में बड़ी आसानी के साथ रोगी के शरीर में हृदयाघात या लकवे का खतरा पहचान लेगी।
इस तकनीक से डॉक्टर मरीज की धमनियों के उस खतरनाक स्पॉट की पहचान भी कर लेगा,जहां भविष्य में खून के थक्के जमने का खतरा संभव है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के डॉ.जेम्स रुड के नेतृत्व में यह शोध प्रसिद्ध जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है।
रुड ने बताया कि नई तकनीक न केवल ‘अथेरोस्क्लेरोसिस’ में कैल्शियम जमा होने का पता लगाएगी बल्कि भविष्य में यदि इसकी गुंजाइश होती है तो उसका भी पता लगाकर बता देगी।
ऐसे चलेगा पता
दरअसल इस तकनीक से धमनियों के भीतर पैदा होने वाले उन हालातों का पता चल जाएगा जो उन्हें छोटा और सख्त बना देते हैं। धीरे धीरे यहीं पर खून के थक्के जमने लगते हैं जो खून की सप्लाई यदि मस्तिष्क में रोकते हैं तो लकवा और हृदय में रोकने पर हृदयाघात लाते हैं।
ऐसे काम करेगी है नई तकनीक
इस तकनीक में मरीज के भीतर सोडियम फ्लोराइड को ‘रेडियो एक्टिव ट्रेसर’ की बहुत कम मात्रा के साथ इंजेक्ट कराया जाएगा, जो धमनियों में अस्थिर कैल्शियम के साथ जुड़ जाएगा। यह वसा जमाव का एक महत्वपूर्ण घटक होता है जिसे ‘प्लेक्स’ कहा जाता है। इससे धमनियां सख्त हो जाती हैं। इंजेक्ट किया गया सोडियम फ्लोराइड इस जमाव का तुरंत पता लगा लेता है।