जानिए, एक हंसी कैसे बदल सकती है आपकी जिंदगी
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हंसना एक प्रकार की संक्रामक बीमारी है। यह आसपास मौजूद लोगों को खांसी-सर्दी से कहीं ज्यादा जल्दी प्रभावित करती है, लेकिन इसका असर सामने वाले पर सकारात्मक रूप से होता है। यह मन-मस्तिष्क को किसी भी तरह से कोई नुकासन नहीं पहुंचाता बल्कि इससे स्वास्थ्यवर्धक शारीरिक बदलाव होते हैं।
अक्सर आपने सुबह पार्क में कुछ लोगों को जोर-जोर से हंसते देखा होगा। इस प्रक्रिया को ′लाफ्टर थेरेपी′ कहा जाता है। लाफ्टर थेरेपी को तनाव दूर करने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। लाफ्टर थेरेपी में हंसने के दौरान शरीर रिलैक्स हो जाता है और एंडोरफिन (प्राकृतिक पेनकिलर) का स्त्राव होता है। अब ऐसे लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है, जो तनाव को दूर करने और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए ′लाफ्टर थेरेपी′ का सहारा ले रहे हैं।
आज भारत में लाफ्टर थेरेपी से संबंधित कई लाफ्टर क्लब स्थापित हो चुके हैं। प्राकृतिक दवा के रूप में चिकित्सा में भी इसका कई वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि हंसने से मस्तिष्क के न्यूरो केमिकल्स सक्रिय होकर शरीर को बेहतर अहसास कराते हैं। मस्तिष्क का पूरा तंत्रिका तंत्र अनेक रसायन मुक्त करता है, जो कि व्यक्ति के मिजाज, व्यवहार और शरीर को प्रभावित करता है।
ये हैं हंसी के फायदे
यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के शोधकर्ताओं की मानें तो हंसने का संबंध शरीर के रक्त संचार से है। आप जितना हंसेंगे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन उतना ही बढ़ेगा, जो हार्ट के लिए बेहतर है।
-इससे शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है। लाफ्टर थेरेपी से शरीर में एंटी-वायरल व संक्रमण को रोकने वाली कोशिकाएं बढ़ जाती हैं।
-स्पॉनि्डलाइटिस या कमर के दर्द से छुटकारा पाने के लिए हंसना एक प्रभावी विकल्प है। 10 मिनट तक ठहाके लगाने से दो घंटे तक दर्द से राहत मिलती है। इससे नींद भी अच्छी आती है।
-एन्डोर्फिन हार्मोन पूरे शरीर को सुखद अहसास और सकारात्मकता से भर देता है। यह हार्मोन मूड फ्रेश करने में भी मददगार है।
-हंसने से धमनियों में फैलाव आता है। इससे खून तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचने लगता है।
-हंसने के दौरान गहरी सांस लेने और छोड़ने की एक्सरसाइज भी हो जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार होता है और अधिक समय तक आप ऊर्जावान रह सकते हैं।
-प्रतिदिन एक-दो घंटा हंसने से कैलोरी की खपत होती है, जिससे मोटापा भी काबू में रहता है।
-अधिक हंसने से आप लंबे समय तक जवां दिख सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हंसने से चेहरे की मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है और चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़तीं।
-खुलकर हंसने से आप तनावमुक्त रहते हैं। इसलिए तनाव से होने वाली मानसिक समस्याओं से बचना है, तो हंसी में ही छिपा है सेहत का राज।
-पाचन तंत्र को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए हंसना जरूरी है।
-हंसने से आत्मविश्वास बढ़ता है, व्यक्ति मानसिक स्तर पर मजबूत होता है। इसके अलावा अल्सर, आर्थराइटिस, स्ट्रोक, डायबिटीज, चिड़चिड़ापन, दुख, चिंता, गुस्से आदि से भी निजात दिलाता है।
डॉक्टर कहते हैं
हंसी संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। हंसना तनाव, दर्द और मन की उलझनों को दूर करने का सबसे शक्तिशाली एन्टीडोट है। शरीर और दिमाग को दोबारा से संतुलन में लाने के लिए बेहतर हंसी से कारगर और जल्दी असरकारी कोई भी दवा नहीं हो सकती।
जब आप हंसते हैं, तो खाना खाने की अपेक्षा शरीर की सभी मांसपेशियां काम करने लगती हैं। इससे तनाव भी दूर होता है। एड्रेनलाइन हॉर्मेन के स्तर बढ़ने से हार्ट पर नकारात्मक असर होता है। लाफ्टर थेरेपी से एड्रेनलाइन हॉर्मेन का निर्माण कम होता है। ऐसे में हार्ट भी स्वस्थ रहता है। हसंने से फेफड़ों में हवा और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है। लाफ्टर थेरेपी हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है और इसे सप्ताह में एक बार सभी को जरूर लेनी चाहिए।
डॉ. पुलिन कुमार गुप्ता फिजिशियन, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, दिल्ली